देश में 5जी,  आईओटी के क्षेत्र में सिरमौर बनना है,  तो बुनियादी तंत्र विकसित करना होगा : दूरसंचार सचिव

Publisher NEWSWING DatePublished Fri, 03/16/2018 - 17:31

 New delhi  :  इंटरनेट ऑफ थिंग्स( आईओटी) एवं 5 जी जैसी नयी तकनीक के क्षेत्र में सिरमौर बनने की भारत की आंकाक्षाओं की पूर्ति बुनियादी तंत्र विकसित करने और औद्योगिक वातावरण तैयार करने की क्षमता पर निर्भर करेगी.  दूरसंचार विभाग की सचिव अरुणा सुंदराराजन ने शु्क्रवार को यह बात कहीवे भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित सम्मेलन में बोल रही थीं. अरुणा ने कहा कि आईओटी जैसी नयी पीढ़ी की तकनीक की परेशानी के आलोक में  सरकार का प्रयास इस की वृद्धि को  बढ़ावा  देने वाली एक नीति उपलब्ध कराने का है, ना कि इसके लिए भारी भरकम नियामकीय ढांचालागू करने का.

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युवा आबादी और लोकतंत्र की आकांक्षाओं के लिए लंबी छलांग लगाने की जरूरत  

अरुणा ने कहा,  मैं इस बात से सहमत हूं कि किसी अन्य देश के मुकाबले भारत में आईओटी और 5 जी में बड़ा दांव है, क्योंकि हमें युवा आबादी और लोकतंत्र की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए एक लंबी छलांग लगाने की जरुरत है.  उऩ्होंने कहा कि आईओटी जैसी तकनीक मशीनों और मानकों के बीच संपर्क करने के तौर- तरीकों को बदल देंगी.  यह घरेलू और वैश्विक दोनों स्तर पर नयी सेवाओं और क्षमताओं को पैदा करेगी.  अरुणा ने कहा कि हमें ऐसे बुनियादी तंत्र और संपर्क वातावरण की जरूरत होगी,  जो5 जी और आईओटी को सुविधा प्रदान कर सके.    

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