अलीमुद्दीन अंसारी मामले की सुनवाई को मोबाइल में रिकॉर्डिंग करते तीन धराये,  लिये गये हिरासत में

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 02/03/2018 - 19:37

Ramgarh : देश का चर्चित अलीमुद्दीन हत्याकांड की सुनवाई रामगढ़ व्यवहार न्यायालय के फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही है. इसी क्रम में शनिवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट एडीजे टू न्यायधीश ओम प्रकाश मामले की सुनवाई कर रहे थे. इसी बीच अलीमुद्दीन अंसारी के मामले में दोपहर लगभग  3 बजे एसटी नंबर 120 /17 का कोर्ट में कार्रवाई चल रही थी. कार्यवाही के क्रम में अलीमुद्दीन अंसारी का पुत्र मोहम्मद शहजाद अंसारी , उसका संबंधी पश्चिम बंगाल के मिदनापुर का रहने वाला शेख साबिर और उप मुखिया मोहम्मद नौशाद कोर्ट के कार्रवाई एवं उपस्थित 12 आरोपियों का मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग चुपके से कर रहा था.

रिकॉर्डिंग की भनक लगते ही न्यायधीश ने दिया तीनों को पकड़ने का आदेश

तीनों लोगों की गतिविधि व मोबाइल को इधर उधर घुमाने पर न्यायधीश को तीनों पर संदेह हुआ. जिसके बाद उन्होंने तीनों को हिरासत में लेने का आदेश दिया. मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों ने सभी को हिरासत में लेकर उनका मोबाइल भी जब्त कर लिया. पूरी माहौल को समझने के बाद न्यायधीश ने बांड पेपर भरवाकर तीनों को छोड़ दिया. बांड में लिखवाया गया कि रिकॉर्डिंग किया गया वीडियो अगर वायरल होती है तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. जिसके बाद न्यायधीश के आदेश के बाद तीनों को छोड़ दिया गया.

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कोर्ट से छूटते ही तीनों को पुलिस ने लिया हिरासत में, पूछताछ जारी

तीनों को कोर्ट ने जैसे ही छोड़ा बाहर खड़ी रामगढ़ पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया. रामगढ़ पुलिस तीनों युवकों से मामले की पूछताछ कर रही है. बताया गया कि जिस समय कोर्ट में यह लोग मोबाइल से रिकॉर्डिंग कर रहे थे. उस दौरान अलीमुद्दीन अंसारी के हत्या के 12 आरोपी भी उपस्थित थे. उनकी भी रिकॉर्डिंग की जा रही थी. कोर्ट में अलीमुद्दीन अंसारी हत्याकांड ऐसे ही काफी संवेदनशील मामला चल रहा है. जिस पर बारीकी से नजर रखी जा रही है. ऐसे में न्यायालय परिसर के भीतर मोबाइल से रिकॉर्डिंग करना अपने आप में संवेदनशील मामला हो गया है.

अलीमुद्दीन अंसारी की घटना जो बना था राष्ट्रीय खबर

गौरतलब है कि गत 29 जून 2017 को गौ रक्षा दल व बजरंग दल के सदस्यों को सूचना मिली थी कि चितरपुर से दो लोग ओमनी वैन से प्रतिबंधित मांस लेकर रामगढ़ की ओर जा रहे है. इसी सूचना पर लोगों ने बाजारटांड़ रामगढ़ पहुंच कर उक्त ओमनी को पकड़कर उसे आग के हवाले कर दिया था. जिसके बाद मौके पर जुटी भीड़ ने एक आरोपी अलीमुद्दीन अंसारी के साथ जमकर मारपीट किया. जिसके बाद उसकी मौत अस्पताल में हो गया था. यह मामला पूरे देश मे चर्चा का विषय बना था. साथ ही मामले में विपक्ष ने जमकर बवाल काटा था. विपक्ष के जोरदार विरोध के करण राज्य सरकार ने इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट सुनवाई कर जल्द निपटारा कराने का निर्णय लिया था. साथ ही मामले में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया था. पुलिस ने मामले को लेकर 12 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजी थी. इसी मामले की सुनवाई शनिवार को कोर्ट में चल रही थी. जिसका वीडियो रिकॉर्डिंग तीनों लोग कर रहे थे.

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