बवाना भीषण आग हादसे पर डीएसआईआईडीसी ने प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी, आप ने भाजपा पर ठीकरा फोड़ा, हादसे में 17 लोगों की गयी जान

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 01/20/2018 - 21:31

New Delhi : बवाना औद्योगिक क्षेत्र में एक पटाखे की फैक्टरी में लगी आग में 17 लोगों की मौत के बाद आप सरकार ने घटना के लिये भाजपा नीत नगर निकाय पर आज ठीकरा फोड़ा. दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम :डीएसआईआईडीसी: ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा कि उसका कोई नियामक कार्य नहीं है और न ही उसके पास किसी तरह का लाइसेंस जारी करने या फैक्टरी के निर्माण के लिये अनुमति देने की कोई शक्ति है.

दिल्ली के उद्योग मंत्री सत्येंद्र जैन को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि डीएसआईआईडीसी प्राथमिक रूप से औद्योगिक संपत्तियों के संगठित और व्यवस्थित विकास में शामिल है. इसमें दिल्ली में उद्योगों के प्रोत्साहन के लिये साझा सुविधाएं भी शामिल हैं.

रिपोर्ट का हवाला देते हुए जैन ने कहा कि लाइसेंस जारी करने और भवन योजना को मंजूरी देने की जिम्मेदारी नगर निगमों पर है और उन्हें इसका खयाल रखना चाहिये था. उन्होंने कहा, ‘‘औद्योगिक क्षेत्र में किसी अवैध फैक्टरी को रोकने का अधिकार भी नगर निगम के पास है. उन्हें ऐसा करना चाहिये था. अब वे मामले पर राजनीति कर रहे हैं.’’ रिपोर्ट के अनुसार इस खास फैक्टरी के लिये जमीन आवंटन के समय गतिविधि का उल्लेख प्लास्टिक सामान के तौर पर किया गया था. यह भूखंड 100 वर्ग मीटर क्षेत्र में था.

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘उस स्थल पर पता चला कि परिसर का इस्तेमाल अधिकारियों से मंजूरी लिये बिना पटाखों की पैकिंग और भंडारण में किया जा रहा था.’’ रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘यद्यपि :आग के लिये: अंतिम कारण का पता पूरी जांच के बाद चलेगा. यह सूचित किया गया है कि आग घटनास्थल पर खास तरह के विस्फोटक, पटाखे में विस्फोट की वजह से लगी.’’ रिपोर्ट में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि दिल्ली 2021 के मास्टर प्लान के अनुसार विस्फोटक तैयार करने या पैकेजिंग की अनुमति नहींहै और नगर निगमों को इस तरह की गतिविधि रोकने और अनुमति नहीं देनेकी शक्ति हासिल है.

पीएम मोदी ने घटना पर जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के बवाना में एक फैक्ट्री में आग लगने की घटना में लोगों की मौत होने पर दुख जताया है. प्रधानमंत्री कार्यालय ने मोदी के हवाले से ट्वीट कर कहा, ‘‘बवाना में एक फैक्ट्री में आग लगने से काफी दुखी हूं. मेरी संवेदनाएं उन लोगों के परिवारों के प्रति है, जिनकी जानें चली गई. मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं.’’

दो लोगों ने दूसरी मंजिल से कूद कर बचाई जान

पैंतालीस वर्षीय सुनीता और 24 साल के रूप प्रकाश को बवाना की एक फैक्ट्री में आग लगने के बाद दूसरी मंजिल से कूदकर अपनी जान बचानी पड़ी. इन दोनों मजदूरों को पटाखा फैक्ट्री में काम शुरू किए हुए बमुश्किल एक सप्ताह हुआ था कि उन्हें इस भयावह हादसे का सामना करना पड़ गया. प्रकाश के पैरों में फ्रैक्चर आया है और सुनीता की कूल्हे की हड्डी टूट गई है. उत्तर प्रदेश के उना जिला निवासी प्रकाश ने तीन-चार दिन पहले ही फैक्ट्री में काम करना शुरू किया था. इस फैक्ट्री में काम करने वाले उसके रिश्ते के भाई रोहित और सूरज सिंह की इस हादसे में मौत हो चुकी है. सुनीता का परिवार उसके जीवित बचने को लेकर शुक्रगुजार है, हालांकि वे उसकी चोटों को लेकर चिंतित हैं.

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बवाना औद्योगिक क्षेत्र में प्लास्टिक फैक्ट्री में आग लगने के बाद 17 लोगों के झुलस कर मर गये जबकि कई लोग घायल हो गये. यह इलाका बाहरी दिल्ली में पड़ता है. ख़बरों के अनुसार बवाना औद्योगिक क्षेत्र में एक प्लास्टिक फैक्ट्री में आग लग गयी. थी. दिल्ली दमकल सेवाओं को आग लगने के बारे में कल शाम को करीब 6:20 बजे सूचना मिली थी और दमकल की 10 गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंची थीं.  जिसके बाद आग पर काबू किया गया और आग में फंसे लोगों और शवों को बाहर निकाला गया. 

इसे भी पढ़ें : पाकिस्तान की गोलीबारी के कारण डर के साये में रहने को मजबूर हैं सीमावर्ती गांवों के लोग

इसे भी पढ़ें : मोदी के खिलाफ मुंह खोलने वाले तोगड़िया समेत तीन को बाहर का रास्ता दिखायेगा आरएसएस

top story (position)