दुमकाः SPT एक्ट पर आयोजित टीएसी उपसमिति की बैठक का विरोध, JMM ने किया सीएम कैंप कार्यालय के सामने प्रदर्शन

Publisher NEWSWING DatePublished Fri, 01/05/2018 - 17:49

Dumka: दुमका में आयोजित जनजातीय परामर्शदातृ समिति की उपसमिति की बैठक का झामुमो ने जोरदार विरोध किया. एसपीटी एक्ट में संशोधन का सुझाव आमंत्रित करने के लिए टीएसी उपसमिति की बुलाई गयी बैठक के विरोध में झामुमो कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और सीएम कैंप कार्यालय के बार सरकार विरोधी नारे लगाया. प्रदर्शनकारियों को काबू में करने में पुलिस को करीब दो घंटे मशक्कत करनी पड़ी. पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर कैंप जेल पहुंचाया. झामुमो के कार्यकर्ता शिकारीपाड़ा विधायक नलिन सोरन के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे थे.

मंत्री लुईस मरांडी, रामकुमार पाहन और जेबी तुबीद थे मौजूद

कल्याण मंत्री लुईस मरांडी की अध्यक्षता में जैसे ही कैंप कार्यालय में टीएसी उपसमिति की बैठक हुई. झामुमो कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया था. बैठक में कमेटी के सदस्य पूर्व आइएएस जेबी तुबीद और विधायक रामकुमार पाहन मौजूद थे. समिति की सद्स्य मेनका सरदार को भी बैठक में शामिल होना था, लेकिन वह किसी कारण से नहीं आ पायी. उनकी जगह पर दुमका नगरपालिका अध्यक्ष अमिता रक्षित ने बैठक में हिस्सा लिया. अमित रक्षित एसपीटी पर शहर के बुद्धिजीवियों के सुझाव को डायरी में नोट कर रही थीं.

इसे भी पढ़ेंः चारा घोटाला मामला: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई लालू की सजा पर सुनवाई, शनिवार दोपहर 2 बजे सजा का एलान

संथाल के पांच जिलों का दौरा कर टीएसी को रिपोर्ट सौंपेगी उपसमिति

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आदिवासी मामलों के लिए जनजातीय परामर्शदातृ समिति का गठन किया गया है. इसकी उपसमिति का अध्यक्ष कल्याण मंत्री को बनाया गया है. उपसमिति को 3 जनवरी से संथाल परगना के 5 जिलों का दौरा करने की जिम्मेदारी मिली है. यह उपसमिति एसपीटी एक्ट को लेकर संथाल परगना के लोगों के सुझाव ले रही है. एसपीटी एक्ट में दर्ज थाना क्षेत्र की बाध्यता को खत्म करने पर क्या हो सकता है और आदिवासी की भूमि गैर आदिवासी को बेचे जाने के मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों और स्थानीय लोगों से राय ली जा रही है.

 

गौरी शंकर मिंज ने उपायुक्तों को लिखा है पत्र

आदिवासी कल्याण आयुक्त गौरी शंकर मिंज ने जामताड़ा, साहिबगंज, पाकुड़, दुमका और गोड्डा के उपायुक्त को पत्र लिखकर निर्धारित तिथि को 11:00 बजे बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया है. इसके अलावा उपसमिति के क्षेत्र भ्रमण के लिए उचित व्यवस्था करने के लिए कहा गया है. साथ ही सभी जिला में बैठक की तरीख भी तय की गयी है.

इसे भी पढ़ेंः आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू की धमकीः 31 मार्च तक हर घर में नहीं बना शौचालय तो करेंगे अनशन

रघुवर सरकार पहले कर चुकी है एक्ट में संशोधन का प्रयास

सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन की कोशिश रघुवर सरकार पहले भी कर चुकी है. जन दबाव के कारण सरकार को संशोधन वापस लेना पड़ा था. वर्तमान समय में टीएसी की बैठक में इस विषय पर अध्ययन के लिए उप समिति का गठन किया गया था. संबंधित विषय पर अध्ययन के बाद उप समिति अपनी रिपोर्ट टीएसी को सौंपेगी.

आदिवासी जनसंख्या को लेकर भी किया गया है एक उपसमिति का गठन

टीएसी की इसी बैठक में आदिवासियों की घटती जनसंख्या को लेकर भी एक उप समिति का गठन किया गया है. इसके अध्यक्ष ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा बनाए गए हैं. अभी इस समिति का कार्यक्रम तय नहीं हो पाया है.

टीएसी के खिलाफ छात्रसंघ ने किया प्रदर्शन  (देखें वीडियो)

आदिवासी छात्र संगठनों ने संताल परगना महाविद्यालय चौक पर सीएम रघुवर दास, कल्यान मंत्री लुइस मरांडी, राम कुमार पाहन, जेबी तुबीद का पुतला दहन किया. छात्रसंघ के अध्यक्ष फ्रांसिस टुडू ने कहा कि रघुवर सरकार धूर्तता के साथ काम करते हुए सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन की कोशिश कर रही है. इसलिए अब टीएसी की आड़ में इसकी उप समिति बनाकर आदिवासियों की जमीन लूटना चाहती है. झारखंडवासी एसपीटी एवं सीएनटी एक्ट में किसी प्रकार का छेड़छाड़ का विरोध करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे. मौके पर छात्रों ने चीएसी सदस्यों और रघुवर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. पुतला दहन में बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

City List of Jharkhand
loading...
Loading...