सितंबर महीने से ही लातेहार के बुढ़ा पहाड़ में जुटे हैं विभिन्न नक्सलग्रस्त राज्यों के बड़े नक्सली नेता, बड़ी घटना को अंजाम देने की हो रही साजिश !

Publisher NEWSWING DatePublished Tue, 01/30/2018 - 10:48

Latehar: झारखंड के लातेहार के बुढ़ा पहाड़ के घने जंगलों में देश के वभिन्न नक्सलग्रस्त राज्यों के नक्सली नेता अपना डेरा जमाये हुए हैं. मिली जानकारी के अनुसार बिहार, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बंगाल और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के नक्सली नेता यहां जमे हुए हैं और नयी रणनीति बना रहे हैं. रणनीति बनाये जाने के अलावा यहां नक्सलियों को कुछ खास तरह के प्रशिक्षण भी दिये जा रहे हैं. साथ ही नक्सलियों के नये चेहरों को प्रमोशन दिये जाने का काम भी हो रहा है.

इसे भी पढ़ें: UPDATE, लातेहारः बूढ़ा पहाड़ के पास पिपराढ़ाब में लैंड माइन ब्लास्ट में सात जवान घायल, मुठभेड़ जारी (देखें घायल जवानों की तसवीर)

विभिन्न राज्यों से आये नक्सली नेता एक साथ मिलकर सितंबर महीने से ही संगठन को मजबूत करने और मिलकर काम करने की योजना बना रहे हैं. इससे पहले भी बुढ़ा पहाड़ पर सैंकड़ों की संख्या में नक्सलियों के जुटे होने और ट्रेनिंग कैंप चलाये जाने की खबर सामने आयी थी. खबर के अनुसार गुप्त योजनाएं बनाने और मिलकर काम करने के लिए विभिन्न नक्सली संगठन एकजुट होकर योजना बना रहे हैं. हालांकि पुलिस भी इस क्षेत्र में होने वाले नक्सलियों की गतिविधयों पर अपनी पैनी नजर रखे हुए है.

सदस्यों के प्रमोशन, ट्रेनिंग और विभिन्न योजनाओं पर एक साथ काम कर रहे कई नक्सली संगठन

ऐसा कहा जा रहा है कि नक्सलियों के लिए यहां ट्रेनिंग कैंप चलाया जा रहा है. साथ ही नक्सली संगठनों के अंदर प्रमोशन और जिम्मेदारी बांटे जाने की भी प्रक्रिया चल रही है. बता दें कि नक्सली संगठनों के अंदर वैचारिक मतभेद के बाद कई नक्सली अपना गुट छोड़ कर, दूसरे दस्ते में शामिल हो गये. कई एक दूसरे के ही दुश्मन बन गये, तो कईयों ने आत्मसमर्पण कर दिया. ऐसी अंदरूनी परेशानियों से निपट कर संगठन को मजबूत करने की दिशा में ही, यहां मीटिंग, ट्रेनिंग और प्रमोशन जैसी प्रक्रियाएं जारी हैं. जिसके लिए कई राज्यों के नक्सली संगठन मिल बैठक कर योजना के साथ काम कर रहे हैं.

इसे भी पढ़ें: झारखंड पुलिस की हिट लिस्ट में नक्सली सुधाकरण और पत्नी नीलिमा, सुधाकरण पर एक करोड़, नीलिमा पर 25 लाख का ईनाम

कई वर्ष पूर्व से थी एक साथ काम करने की योजना अब मिल रही सफलता

बता दें कि वर्ष 2016 से ही विभिन्न राज्यों के नक्सली दस्तों का यहां इकटठा होने का प्लान था लेकिन संभावना नहीं बन पा रही थी. जहां ये जाते थे पुलिस पहुंच जाती थी. आखिर कार नक्सलियों की योजना काम कर गयी. और अब यहां एक साथ इतनी बड़ी संख्या में नक्सली पहाड़ों और जगलों के बीच अपनी योजनाओं को पूर्ण रूप दे रहे हैं. पुलिस के हाथ न लगने की बात करें, तो इसकी पीछे भी नक्सलियों की योजना है. पुलिस की भनक पड़ते ही ये अपनी गतिविधयां रोक कर शांति से बैठ जाते हैं और पुलिस के हाथ आने से बच जाते हैं.

वर्ष 2011 से लातेहार में था सीसीएम सदस्य अरबिंद सिंह

लातेहार में 2011 से ही एक सीसीएम सदस्य अरबिंद सिंह उपस्थित था, जिसके बाद वर्ष 2016 के मार्च में ही छत्तीसगढ़ से सीसीएम सदस्य सुधाकरण रेड्डी लातेहार पहुंचा था. सीसीएम सदस्य अरबिंद सिंह बिहार और झारखण्ड कि बागडोर संभाले हुए था. मगर बिहार में उपस्थित संघटन कि स्तिथि बेहतर नहीं होने के कारण तब इनकी योजना काम नहीं कर सकी. इसका एक कारण बिहार के सभी वरीय सीसीएम सदस्यों का पकड़ा जाना था. वरीय सदस्यों के पकड़े जाने के बाद सेक सदस्य संदीप यादव ही पूरे बिहार की कमान संभाल रहा था. 

गारू प्रखंड के अंतर्गत आनेवाली पहाड़ी श्रृंखलाओं में इन नक्सलियों के छुपे होने की है आशंका -

झारखण्ड के सेक सदस्य बिरसाई उर्फ साकेत, नवीन जी पीएलजीएल कम्पनी कमांडर, जोनल कमांडर बलराम उराव, सब जोनल कमांडर सुदरसन खेरवार, सेक सदस्य सुजीत जी उर्फ छोटू खेरवार, सब जोनल कमांडर नीरज खेरवार, जोनल कमाडर श्रवण यादव सहित कई कई नक्सलियों के होने की आशंका जतायी गयी है. बिहार निवासी सीसीएम सदस्य अरबिंद सिंह, सेक सदस्य संदीप यादव जोनल कमांडर सूरज जी, छत्तीसगढ़ निवासी सुधाकरण रेडी सेक सदस्य पत्नी नीलिमा

बड़ी चतुराई के साथ काम कर रहे नक्सली, पुलिस को दे रहे चकमा

ऐसा नहीं है कि पुलिस इस बात से अंजान है. अर्धसैनिक बलों सहित बड़े अधिकारियों की पैनी नजर नक्सलियों की गतिविधियों पर है. लेकिन इस बार ये नक्सली यहां बड़ी ही चतुराई से पुलिस को झांसा देते हुए अपना काम कर रहे हैं. लातेहार जिला और झारखण्ड पुलिस के वरीय अधिकारियों द्वारा इलाके में लगातार पुलिसिया कार्रवाई, छापेमारी जारी है. यही नहीं यहां के सीमा क्षेत्रों को सील भी कर दिया गया है. लेकिन पुलिस को नक्सलियों से निपटने में बड़ी सफलता नहीं मिल रही और बड़ी ही चालाकी से नक्सली पुलिस के पहुंचने से पहले ही, यहां रहते हुए भी अपना ठिकाना बदल ले रहे हैं.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.