आंधी-तूफान ने यूपी, राजस्थान में मौत का तांडव मचाया, 36 की मौत, ताजमहल भी कांपा, पिलर गिरे, भारी तबाही 

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 04/12/2018 - 15:39

New Delhi : मौसम के कहर ने यूपी, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान में बुधवार रात मौत का तांडव मचाया.आंधी-तूफान के साथ हुई बारिश ने गजब ढाया. इस कहर से यूपी व राजस्थान में 36 लोगों के मारे जाने की खबर है. इन राज्यों में बारिश-ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद हो गयी है. बर्फबारी व बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया. तूफान ने यूपी में चौबीस साल का रिकार्ड तोड़ दिया. कह सकते हैं तूफान के आगे मुगलकालीन ताजमहल भी कांप गया. ताजनगरी में शाम 7.30 बजे एकाएक बिजली गड़गड़ाने के बाद बादल घिरने लगे थे. खबर है कि रॉयल गेट के ऊपर लगा 12 फीट ऊंचा पिलर टूटकर गिर गया. साथ ही दक्षिणी गेट के ऊपर लगा आठ फीट ऊंचा पिलर भी टूट गया. इसी क्रम में सरहिदी बेगम (सहेली बुर्ज) के मकबरे की छत का गुलदस्ता नीचे आ गरा. परिसर में मौजूद कई पेड़ धराशायी हो गये. पुरातत्व विभाग के अधिकारी देर रात तक मौके पर पहुंचकर नुकसान का आंकलन करने में जुटे हुए थे. 

ताजमहल के इन गेटों का निर्माण 1631 से 1638 के बीच हुआ था. इस बवंडर ने चंद मिनटों में ऐसी तबाही मचाई कि यूपी में 18 लोग काल के गाल में समा गये. भयंकर तूफान से शहर से देहात तक सैकड़ों पेड़, होर्डिंग, टीनशेड, खंभे उखड़ कर इधर-उधर जा गिरे. आगरा के अछनेरा और डौकी में तीन-तीन, जबकि ताजगंज में दो लोग मो गये. मथुरा और फिरोजाबाद में चार-चार लोगों की मौत होने की खबर है. 

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तूफान ने राजस्थान में भी कहर बरपाया 
बारिश और आंधी तूफान ने राजस्थान में भी कहर बरपाया. यहां ना सिर्फ किसानों की फसल तबाह हो गयी,  बल्कि अलग-अलग घटनाओं में 18 लोगों की मौत हो गयी. राजस्थान के धौलपुर में सात,  भरतपुर में पांच लोग मारे गये. बारिश के कारण आगरा-धौरपुर ट्रैक पर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ. बताया गया है कि राज्य में लगभग 30 लोगों के घायल हुए हैं. पानी की टंकियां छतों से उड़ गयीं.  घरों की दीवारें गिरीं. इन इलाकों में बेमौसम बारिश से बिजली गुल हो गयी. जगह फाल्ट के कारणलाइन में तकनीकी खराबी आ गयी 
शिमला में भारी तबाही
हिमाचल प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में तीन दिन से हो रही बारिश व तेज हवाओं से गेहूं व जौ की फसल बर्बाद हो गयी. ऊपरी क्षेत्रों में ओलावृष्टि के कारण सेब से फूल झड़ने की खबर है.   किसानों के अनुसार गुठलीदार फलों सहित नींबू प्रजाति के फलों आम, लीची को भी नुकसान पहुंचा. इस अप्रैल माह में म बारिश व ओलावृष्टि से किसान-बागवानों के माथे पर चिंता की लकीरें झलक रही हैं. 

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 ब्रज में तबाही का मंजर 
तूफान ने चंद पलों में रौद्र रूप धारण कर लिया. चंद मिनट में ही बवंडर पूरे ब्रज में फैल गया.  तबाही का मंजर इतना विकराल हुआ कि हजारों पेड़, सैकड़ों होर्डिंग, बैनर, टीनेशड तहस-नहस हो गये. गऊशाला की दीवार कई मकानों पर जा गिरी.  पुलिस कंट्रोल रूम की छत गर गयी.  पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे. घरों और दुकानों में पानी घुस गया. आगरा के कपड़ों के थोक बाजार रोशन मोहल्ला में दुकानों में पानी भरने से करोड़ों के नुकसान का अनुमान लगाया गया है.  । बड़े-बड़े झूले धराशायी हो गये. मंजर इतना भयंकर था कि चहुंओर से हादसों की खबर आ रही थी.  अस्पतालों में हर ओर से घायल उपचार को लाए जा रहे थे. तूफानी तबाही के चलते ब्रज में शाम 7.30 बजे से ही ब्लैक आउट हो गया.  बिजली विभाग को सबसे ज्यादा नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है.   
 

आगरा-झांसी रूट पर 18 से अधिक ट्रेनें रोकी गयीं
तूफान के कारण रेलमार्ग बुधवार रात चार घंटे ठप रहा. आगरा-दिल्ली और आगरा-झांसी रूट की 18 से अधिक ट्रेनें बीच रास्ते में खड़ी रहीं. कीठम रेलवे स्टेशन से मनिया रेलवे स्टेशन तक करीब 40 कि.मी रेलमार्ग पर ओवरहैड इलैक्ट्रिक लाइन क्षतिग्रस्त होने से आगरा-दिल्ली और आगरा-झांसी रूट की ट्रेनों के पहिये थम गये.  नयी दिल्ली भोपाल शताब्दी, स्वर्णजयंती, राजधानी सहित 18 ट्रेनें करीब तीन घंटे तक आउटर पर देर रात खड़ी रहीं.

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