उग्रवादी दिनेश गोप के स्कूल से जुड़ा है 1200 बच्चों का भविष्य, चाह कर भी नहीं सील कर पा रहा प्रशासन PLFI सुप्रीमो का स्कूल

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 01/10/2018 - 18:51

Sonu Ansari, Khunti: खूंटी पुलिस ने पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप की संपत्ति को जब्त करने का सिलसिला बड़े जोरशोर से शुरू किया. खूंटी और रांची में उसकी संपत्ति जब्त भी की गयी, लेकिन रनिया में स्थित उसके स्कूल को पुलिस और प्रशासन अबतक सील नहीं कर पायी है. राजधानी रांची से 95 किमी दूर रनिया प्रखंड के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र गरई में दिनेश गोप द्वारा संचालित स्कूल विद्या विहार पब्लिक स्कूल स्थापना के समय से ही विवाद में रहा. इसके बावजूद आजतक इस स्कूल को सरकार सील नहीं करा पायी. इसकी वजह इस स्कूल की लोकप्रियता है. खूंटी जिले में कई बड़े स्कूल मौजूद हैं, लेकिन जंगलों के बीच 6 एकड़ में बने विद्या विहार पब्लिक स्कूल में खूंटी समेत अन्य जिलों से आज भी 1200 से ज्यादा छात्र-छात्राएं पढने आते हैं. वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के द्वारा हर सुविधा इस स्कूल को मिलता रहा है.

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आंदोलन की तैयारी में बच्चों के अभिभावक

जब से जिला प्रशासन को यह जानकारी मिली है कि विद्या विहार पब्लिक स्कूल दिनेश गोप का है, इसे जब्त करने की तैयारी चल रही है. वैसे तो अधिकारियों को पता है कि यह स्कूल दिनेश गोप का ही लेकिन. इसके पुख्ता प्रमाण नहीं मिलने के कारण पुलिस अबतक कोई कार्रवाई नहीं कर सकी है. उधर स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को जबसे यह पता चला है कि पुलिस और प्रशासन इस स्कूल को जब्त करने की तैयारी में है, वे बच्चों के भविष्य को लेकर काफी चिंतित हैं और सरकार के खिलाफ आंदोलन करने की तैयारी में हैं. वहीं डीसी ने भी कहा कि दिनेश गोप की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई चल रही है, लेकिन अभी तक स्कूल जब्त करने की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी है.

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विधानसभा अध्यक्ष समेत कई नेता आते रहे हैं स्कूल

विद्या विहार पब्लिक स्कूल में हर साल कई रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया जाता रहा है. पिछले दो वर्षों से लगातार विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव यहां मुख्य अतिथि के तौर पर आते रहे हैं और बच्चों का हौसला बढ़ाते रहे हैं. इस साल भाजपा के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व विधायक कोचे मुंडा भी स्कूल पहुंचे और बच्चों की प्रतिभा को देखकर काफी प्रभावित हुए. उन्होंने स्कूल के लिए हरसंभव मदद देने का भरोसा दिलाया. वहीं स्कूल के प्राचार्य ने कहा कि स्कूल में किसी उग्रवादी का किसी तरह का कोई सहयोग नहीं है. यहां का खर्च बच्चों के परिजनों के सहयोग से चलता है.

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क्या होगा 1200 बच्चों के भविष्य का

तीन साल पहले जिला प्रशासन ने मौखिक तरीके से स्कूल को अधिग्रहित कर स्कूल का कर्ताधर्ता एसडीओ को बनाया था. उस समय छात्रों की संख्या 600 थी और आज 1200 है. अब दिनेश गोप के साथ संबंध जुड़ने से स्कूल के भविष्य पर खतरा नजर आ रहा है. फिलहाल देखना यह है कि स्कूल जब्त करने की दिशा में प्रशासन क्या कार्रवाई करता है और 1200 बच्चों का भविष्य क्या होता है.

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