मिशन ओडीएफ का सच : गिरिडीह के लोहपिट्टी गांव में बनने हैं 870 शौचालय, अबतक बने सिर्फ 40 (सुनिये क्या कहते हैं ग्रामीण)

Submitted by NEWSWING on Mon, 01/08/2018 - 15:03

Vikas Mishra, Giridih : गिरिडीह जिले को ओडीएफ करने के लिए पूरा जिला प्रशासन जुटा हुआ है. जहां अभियान चलाकर लोगों से खुले में शौच नहीं जाने को लेकर जागरूक किया जा रहा है, वहीं सदर प्रखंड के तेलोडीह पंचायत स्थित लोहपिट्टी गांव के ग्रामीण शौचालय की मांग करते करते थक चुके और इन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है. ऐसे में ग्रामीण हलकान हैं और सभी यही कह रहे हैं कि हर जगह प्रधानमंत्री मोदी जी ने शौचालय दे दिया है, लेकिन हम सबों का शौचालय क्यों नहीं बन रहा है.

बन जायेगा, बन जायेगा यही बोलते हैं मुखिया: माधुरी देवी

गांव की माधुरी देवी कहती हैं हर जगह शौचालय बन गया है, लेकिन लोहपिट्टी में नहीं है. आने-जाने में परेशानी है. हर जगह मोदी जी दे दलथिन लेकिन हमरीन जगह शौचालय ना मिलल है. (हर जगह मोदी दे ने दे दिया है, लेकिन हमलोगों को शौचालय नहीं मिला है) मुखिया बस यही बोलते हैं बन जायेगा-बन जायेगा.

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नहीं सुनते हैं मुखिया जी: पूजा कुमारी

शौचालय नहीं होने से समस्या बताते हुए पचम्बा बालिका उच्च विद्यालय के कक्षा 8 में पढ़ने वाली छात्रा पूजा कुमारी कहती है कि मोदी जी बोल रहे हैं कि शौचालय के लिए बाहर नहीं निकलना है. अंदर ही सारी सुविधा होगी, लेकिन हमलोगों के तेलोडीह पंचायत में मुखिया जी कुछ नहीं दे रहे हैं. इतने दिन से सभी गांव वाले बोल रहे हैं, लेकिन वे सुनते नहीं हैं.

मोदी सरकार बोल रही है हर घर होगा शौचालय, लेकिन हमलोगों को नहीं मिल रहाः रेखा देवी

गांव की रेखा देवी कहती हैं कि मोदी सरकार बोल रही है कि घर-घर में शौचालय होगा, लेकिन हमलोगों को शौचालय क्यों नहीं मिल रहा है. हमलोगों से सिर्फ घूस मांगा जा रहा है.

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मुखिया जी आये, देख के चले गये: बनवारी साहू

गांव के बुजुर्ग बनवारी साहू कहते हैं कि हमारे गांव में अभी शौचालय नहीं बना, मुखिया जी आये और देख के चले गये, फिर भी अभी तक शौचालय बना नहीं.

लक्ष्य ज्यादा रहने के कारण हो रहा विलम्ब: मुखिया

इस बाबत पूछे जाने पर मुखिया रिजवाना खातून के प्रतिनिधि अलग परेशानी बता रहे हैं. प्रतिनिधि सब्बीर अंसारी का कहना है काम तेज गति से हो रहा है. 3 टीम बनाकर पंचायत में शौचालय निर्माण का कार्य चल रहा है. बताया कि पूरे पंचयात में 870 शौचालय बनाने का लक्ष्य है, जिसमें 40 पूर्ण हो चुका है, वहीं 20 में काम लगा हुआ है. कहा कि हरेक टीम में 8 राजमिस्त्री हैं. ईंट की उपलब्धता नहीं होने से कुछ दिन से काम बंद था लेकिन अब ईंट की उपलब्धता हो गयी है. जागरूकता और लोगों के आपसी विवाद के कारण उक्त गांव में शौचालय नहीं बन पा रहा है. जल्द ही गांव के लोगों को जागरूक कर शौचालय बनवा दिया जाएगा.

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870 में सिर्फ 40 शौचालय ही पूर्ण

बहरहाल, शौचालय निर्माण कर खुले में शौच मुक्त अभियान की जिले में क्या रफ्तार होगी इसका अंदाज़ा गांव के लोगों की शिकायतों और मुखिया के दलीलों से साफ तौर पर लगाया जा सकता है जहां 870 में महज़ 40 शौचालय ही पूर्ण है और इतने दिन से किर्यान्वित इस योजना में अभी तक मुखिया प्रतिनिधि लोगों को जागरूक करने की ही बात कह रहे हैं. ज़मीनी स्तर से देखा जाए तो शौचालय की योजना में लगभग हर जगह शिकायतें भरी पड़ी है. ऐसे में देखना यह होगा कि आखिर कब तक यह योजना पूर्ण रूप से धरातल पर उतर सकेगी और कब तक जिला खुले में शौच मुक्त हो पायेगा.

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