उपभोक्ता अदालत की मदद से, हादसे में पति की मौत के बाद महिला को मिला 7.87 लाख का मुआवजा

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 02/14/2018 - 15:08

Thane: उपभोक्ता अदालत ने एक इंश्योरेंस कंपनी को एक विधवा महिला को 7.87 लाख रूपया देने का आदेश दिया है. इस महिला के पति की मौत 2009 में एक हादसे में हो गयी थी. ठाणे जिला उपभोक्ता निवारण मंच के अध्यक्ष स्नेहा म्हात्रे और सदस्य माधुरी विश्वरूपे ने कहा कि इंश्योरेंस कंपनी की सेवा में कमी रही है और उसने गलत कारणों का हवाला देते हुये इसे खारिज किया है. इसके कारण दावाकर्ता को मानसिक प्रताड़ना से गुजरना पड़ा.

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अस्पताल में इलाज के दौरान अगले दिन उसकी मौत हो गयी

दावाकर्ता अचला मारडे ने फोरम से कहा कि उसके पति रूद्रानिवास मारडे नजदीक के पालघर जिले के बोईसर में एक कंपनी में काम करते थे. वह 24 दिसंबर 2009 को अपनी मोटरसाइकिल पर जा रहा था. उसी समय विपरित दिशा से आ रही एक अन्य मोटरसाइकिल ने तारापुर-बोईसर मार्ग पर उसे टक्कर मार दी. इस हादसे में रूद्रानिवास गंभीर रूप से जख्मी हो गया. अस्पताल में इलाज के दौरान अगले दिन उसकी मौत हो गयी.

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पति की मौत के बाद पत्नी ने इंश्योरेंस कंपनी में 7.5 लाख रूपये का दावा किया

रूद्रानिवास की मौत के बाद उसकी पत्नी ने यूनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड में 7.5 लाख रूपये का एक दावा दायर किया. उसके पति ने इस कंपनी से बीमा करवाया था. इंश्योरेंस कंपनी ने व्यक्ति के पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुये दावा को खारिज कर दिया. रिपोर्ट में कहा गया था कि हादसे के दौरान वह इथाइल अल्कोहल के नशे में था. बाद में महिला ने उपभोक्ता मंच में इसे चुनौती दी और सुनवाई के दौरान उसे जीत मिली.

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