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जूली कर गयी लव गुरु मटुकनाथ को तनहा, जल्दी ही खोलेंगे प्रेम की पाठशाला और खुद पढ़ायेंगे प्यार के पाठ 

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Patna :  64 साल के लव गुरू मटुकनाथ इन दिनों तनहाई में जी रहे हैं. उनकी प्रेमिका जूली उन्हें छोड़ गयी है. इन दिनों मटुकनाथ पटना के शास्त्रीनगर में एक अपार्टमेंट में अकेले रह रहे हैं. उनका कहना है कि जूली उनका प्यार है, लेकिन इन दिनों जूली ने अध्यात्म की ओर रूख कर लिया है. मटुकनाथ का कहना है कि साल 2014 से ही जूली ने आध्यात्म की दुनिया में रूख कर लिया है . साथ ही बताया कि जूली कई आश्रमों में जाती है और वहां ध्यान लगाती है. अपनी प्रेमिका जूली के बारे मटुकनाथ का कहना है 10 साल हम साथ रहे और फिर एकाएक जूली का मन आध्यात्म की ओर झुक गया. 

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उम्र को लेकर कभी कोई मतभेद नहीं रहा

रकरत,रकत.मटुकनाथ ने बताया कि उन दोनों के बीच उम्र के फासले को लेकर कभी कोई मतभेद नहीं हुआ.उन्होंने बताया कि जूली की करीब चार साल पहले आध्यात्म में रूची आयी. इसके बाद उन्होंने पुड्डुचेरी, ऋषिकेश और पुणे में ओशो आश्रम में समय बिताना शुरू कर दिया. लेकिन जब भी वह पटना आती तो साथ में समय बिताती थी. लेकिन फिर हम दोनों ने तय किया कि जूली पूरी तरह से आअध्यात्म में अपना वक्त बितायेंगीं. साथ ही उनकी कहना था कि शांति की खोज के लिए वह जूली को मुक्त करना चाहते थे.

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लव पाठशाला खोलेंगे मटुकनाथ

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इन दिनों पटना में अकेले रह रहे मटुकनाथ इसी साल अक्टूबर में पटना यूनिवर्सिटी से रिटायर होने वाले हैं. जिसके बाद उनकी प्लानिंग भागलपुर में एक प्रेम पाठशाला खोलने की है. उस पाठशाला में मटुकनाथ खुद प्यार के पाठ पढ़ायेंगे. साथ ही युवाओं को वह नुस्खे भी सिखायेंगे कि कैसे अपने प्यार पर विश्वास करें.    

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गौरतलब है कि मटुकनाथ और जूली पहली बार साल 2004 में पटना के बीएन कॉलेज में मिले थे. तभङी से दोनों के बीच प्यार का चक्कर चलने लगा. लेकिन दोनों के बीच का रिश्ता 2006 में सार्वजनिक हुआ था. हालांकि उसके बाद काफी हंगामा भी हुआ था. क्योंकि जूली मटुकनाथ से तीस साल छोटी थी.

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कतरत.रक

हालांकि दोनों 2007 से लिव इन में रहने लगे थे. इसके बाद ही पटना के बीएन कॉलेज में हिंदी प्रोफेसर मटुकनाथ चौधरी मुश्किलों से घिर गये. उनकी पत्नी ने टीवी पत्रकारों के साथ उस घर पर छापा पड़वाया था, जहां वह अपनी स्टूडेंट जूली के साथ लिव इन में रह रहे थे.  बाद में यूनिवर्सिटी ने पहले उन्हें निलंबित किया और बाद में कॉलेज से ही निकाल दिया. उसी दौरान मटुकनाथ ने पत्नी से तलाक और यूनिवर्सिटी से निलंबन की बहाली के लिए कोर्ट के चक्कर भी लगाए. जिसके बाद वह बहाल भी हो गये. हालांकि पिछले हफ्ते ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में आश्वासन दिया है कि वह उम्र भर अपनी पत्नी को सैलरी या पेंशन का एक तिहाई हिस्सा भत्ते के रूप में देते रहेंगे.

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