फर्जी तरीके से प्रैक्टिस करने वाले झोला छाप डॉक्टरों पर प्रशासन का शिकंजा, 14 लोग हिरासत में

Publisher NEWSWING DatePublished Tue, 05/29/2018 - 16:17

Hazaribagh : यूं तो डॉक्टरों को जिंदगी का रखवाला कहा जाता है, लेकिन देश भर में कई ऐसे झोला छाप डॉक्टर हैं जो अपनी जेबें भरने के लिए किसी की भी जिंदगी दांव पर लगा देते हैं. फर्जी डिग्रियां लेकर आम लोगों को न सिर्फ झांसा देते हैं बल्कि उन्हें रोगों से मुक्ति दिलाने का सपना दिखाकर उनसे मोटी रकम वसूल लेते हैं. इसके बाद भी ये गारंटी नहीं देते कि मरीज ठीक होगा या नहीं. ऐसे संस्थानों और डॉक्टरों पर प्रशासन ने तेवर तल्ख कर लिए हैं.

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14 डॉक्टरों को प्रशासन ने दबोचा

फर्जी डिग्रीधारी झोला छाप डॉक्टरों के कारण न जाने कितनी जिंदगियां तबाह हो गई है. जबकि फर्जी नर्सिंग होम, निजी क्लिनिक खोलकर ऐसे लोग कई तरह के गैर कानूनी कामों को भी बेधड़क अंजाम दे रहे हैं. ऐसे ही लोगों पर हजारीबाग में प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है. आम लोगों से बार-बार मिल रही शिकायतों के बाद उपायुक्त आर.एस.शुक्ला ने फर्जी तरीके से प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों पर कार्रवाई का आदेश दिया था, जिसके बाद प्रशासन ने चार टीमें गठित की थीं. हर टीम में एक-एक मजिस्ट्रेट सहित 6 अधिकारी शामिल थे. प्रशासन की टीम ने जिले भर में फर्जी तरीके से प्रैक्टिस करने वाले 14 झोला छाप डॉक्टरों को हिरासत में लिया है.  उपायुक्त के आदेशानुसार पकड़े गए डॉक्टरों के सर्टिफिकेट एवं कागजात की जांच चल रही है. अगर किसी के कागजात फर्जी पाये जाते हैं तो उन्हें जेल भेजा जाएगा.

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फर्जी डॉक्टरों पर प्रशासन का शिकंजा

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आयुर्वेद की डिग्री वाले लिखते हैं अंग्रेजी दवा, चोरी छिपे लिंग परीक्षण का भी खेल

बता दें कि हजारीबाग में 50 के करीब अवैध क्लिनिक और निजी अस्पताल, जांच केंद्र आदि धड़ल्ले से चल रहे हैं, जिन्हें न कानूनी प्रावधानों की परवाह है, और न नैतिकता की. लिहाजा सिर्फ मोटी कमाई के लिए मरीजों की जान दांव पर लगाई जाती है. कई बार ये मामला भी सामने आया है कि आयुर्वेद की डिग्री वाले डॉक्टर अंग्रेजी दवाइयां भी लिखते हैं. ऐसे में कई दफा मरीजों की जान पर बन आती है. वहीं इन निजी क्लिनिक या अस्पतालों में नियम-कानून को ताक पर रख लिंग परीक्षण जैसे कार्यों को अंजाम दिया जाता है. कई बार ऐसे ऑपरेशन भी कर दिये जाते हैं जिन्हें किसी बड़े अस्पताल में कराया जाना चाहिए, जहां अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर और संसाधन मौजूद हों. ऐसे में प्रशासन की कार्रवाई से फर्जी तरीके से प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों में हड़कंप मच गया है.

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