जीवीके कंपनी के कोयला में मिलाने के लिए कटकमसांडी साइडिंग पर11 मार्च को पहुंचा 17 ट्रक चारकोल

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 03/14/2018 - 16:47

Ranchi: बिजली कंपनियों को भेजे जाने वाले कोयले में चारकोल (डस्ट) मिलाने का अवैध कारोबार रुक नहीं रहा है. रेलवे साइडिंग पर अच्छी क्वालिटी के कोयले में चारकोल मिलाया जा रहा है. ताजा सूचना है कि 11 मार्च को 17 ट्रक चारकोल हजारीबाग के कटकमसांडी स्थित रेलवे साइडिंग पर पहुंचा. जिसे बिजली कंपनियों को सब्सिडाइज्ड रेट पर मिलने वाली अच्छी क्वालिटी के कोयले में मिलाया गया. न्यूज विंग के पास उस रसीद की कॉपी है और तस्वीर भी है, जिससे यह पता चलता है कि चारकोल लदे ट्रक कटकमसांडी रेलवे साइडिंग पर पहुंचा और वहां पर जय दादी की कांटा घर में वजन कराया गया. चारकोल खरीद की रसीद पर लिखा हुआ है कि उसे यूपी के चंदौली में पहुंचाना है.

इसे भी पढ़ेंः हर माह 30 करोड़ का डस्ट (चारकोल), कोयला के साथ मिलाकर कंपनियों को भेज रहा कोल ट्रांसपोर्टर

जेवीके व महाकाल कंपनी का कारनामा

सूचना के मुताबिक जेवीके कंपनी के द्वारा कटकमसांडी रेलवे साइडिंग से कोयला को पंजाब स्थित बिजली कंपनी को भेजा जाता है. जेवीके कंपनी का लिफ्टर महाकाल नामक कंपनी है. सूत्रों के मुताबिक इसी कंपनी के द्वारा अच्छी क्वालिटी के कोयला में चारकोल मिलाने के लिए कटकमसांडी रेलवे साइडिंग पर लाया गया. 

इसे भी पढ़ेंः बोकारो के बालीडीह और धनबाद के भागा रेलवे साइडिगं पर भी कोयला के साथ डस्ट मिलाकर भेजा जाता है कंपनियों 

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कटकमसांडी साइडिंग पर खड़ी चारकोल लदा ट्रक.

बड़ा सवालः चारकोल लदा ट्रक साइडिंग में पहुंचा कैसे ?

न्यूज विंग के पास उन ट्रकों की तस्वीरें हैं, जिसमें कोयला की जगह चारकोल लदा हुआ है. उस कंपनी की रसीद भी है, जहां से चारकोल की खरीद की गयी है. साथ ही ट्रक में लदे चारकोल का वजन करने की रसीद भी उपलब्ध है. तथ्य यह है कि रेलवे साइडिंग पर सिर्फ माइंस से कोयला लोड किये हुये ट्रकों की ही इंट्री करनी है. उन्हीं ट्रकोंं को साइडिंग तक पहुंचने की  इजाजत है, जिसकी बिल्टी माइंस द्वारा जारी किया जाता है. फिर चारकोल लदा ट्रक, जिसके पास किसी कंपनी का रसीद है, उसे साइडिंग में इंट्री कैसे मिल गयी. इस तरह पूरे मामले में रेल प्रशासन और रेल व हजारीबाग पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में आ जाता है. आखिर जिस ट्रक को चंडौली जाना है, वह ट्रक कटकमसांडी रेलवे साइडिंग पर क्या कर रहा है. 

इसे भी पढ़ेंः कंपनियों को सब्सिडाइज्ड दर पर मिलने वाले कोयला में रिजेक्टेड कोल व डस्ट मिलाकर हर रैक 40 लाख की अवैध कमाई कर रहे कारोबारी

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कटकमसांडी साइडिंग पर कांटाघर में वजन करने की रसीद.

हर माह 30 करोड़ की अवैध कमाई कर रहे हैं कारोबारी

उल्लेखनीय है कि अच्छी क्वालिटी के कोयला में डस्ट (चारकोल) मिलाकर  बड़ी कंपनियों को प्रति माह करोड़ों रुपये का नुकासन पहुंचाया जा रहा है. अच्छी क्वालिटी के कोयला डस्ट मिलने का यह अवैध धंधा वैसे तो कमोबेश सभी रेलवे साइडिंग पर हो रहा है, लेकिन रामगढ़, बोकारो व धनबाद में स्थित सभी रेलवे कोल साइडिंग पर सबसे अधिक हो रहा है. यह अवैध कारोबार हर माह करीब 30 करोड़ रुपया से अधिक का है. राज्य पुलिस से लेकर रेलवे पुलिस तक को हर माह करीब आठ-दस करोड़ रुपया रिश्वत के रुप में मिल रहा है. उल्लेखनीय है कि रामगढ़ जिला स्थित रेलवे साइडिंग से बजाज, जेपी, नालको, जीवीके जैसी बड़ी कंपनियों को कोयला भेजा जाता है. कुछ रैक कोयला हल्दिया भी भेजा जाता है. 

इसे भी पढ़ेंः अच्छी क्वालिटी के कोयला में डस्ट व रिजेक्ट कोल मिलाकर कंपनियों को भेजने के मामले में एक केंद्रीय एजेंसी ने शुरु की जांच

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जिस कंपनी से चारकोल खरीदा गया, उसकी रसीद.

सब्सिडाइज्ड दर पर मिलता प्रति वर्ष 50 लाख टन, 25 लाख टन चोरी कर बिकता है खुले बाजार में

जानकारी के मुताबिक सीसीएल, रेलवे, रेल पुलिस, ट्रांसपोर्टर और कंपनियों से जुड़े लोगों ने एक सिंडिकेट तैयार कर रखा है. बिजली कंपनियों को सरकार अच्छी क्वालिटी का कोयला सब्सिडी दर पर देती है. प्रति टन करीब 2000 रुपया का सब्सिडी मिलता.  जितना कोयला, खदान से निकलता है, उसमें से आधा कोयला खुली बाजार में बेच दिया जाता है. इस तरह करीब हर साल करीब 25 लाख टन कोयला जो बिजली कंपनियों को सब्सिडाइज्ड रेट पर सरकार देती है, उसे खुले बाजार में बाजार मूल्य पर बेच दिया जाता है. और इसके बदले अच्छी क्वालिटी के कोयला में बोकारो के करगली इलाके से रिजेक्ट कोयला खरीद कर मिला दिया जाता है. अच्छी क्वालिटी के कोयला में एक तय मात्रा में डस्ट (चारकोल) भी मिला दिया जाता है. इस तरह बिजली कंपनियों तक जो कोयला पहुंचता है, उसमें 50 प्रतिशत तो अच्छी क्वालिटी की होती है और करीब 35 प्रतिशत कोयला करगली इलाके से खरीदा गया रिजेक्ट कोल होता है. और करीब 15 प्रतिशत कोयला की जगह डस्ट (चारकोल) होता है.

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