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झारखंड में पिछले 150 दिनों के दौरान नक्सलियों ने जलाये 46 वाहन और मशीन

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Saurav Singh

Ranchi :  झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में नक्सली और विभिन्न नामों से सक्रिय उग्रवादी संगठनों द्वारा लेवी नहीं मिलने की वजह से वाहनों को जलाने का काम किया गया है. नक्सलियों ने दहशत फैलाने के उद्देश्य से 150 दिन में 46 वाहन और मशीनों को जलाया है. झारखंड में सक्रिय नक्सली व उग्रवादी संगठन विकास योजनाओं को पूरा करने में बाधक बने हुए हैं.

नक्सली-उग्रवादी संगठनों द्वारा पिछले 150 दिन के दौरान जिन 46 वाहनों और मशीनों में आग लगाया गया है, वे सभी सड़क निर्माण और कोल परियोजना में लगाये गये थे. विकास कार्यों में लगी संबंधित कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है.

जिन इलाकों में घटना को अंजाम दिया गया, उनमें आतंक का माहौल कायम हो गया और विकास योजनाएं कई दिनों तक रुकी रहीं. गौरतलब है कि 150 दिनों के दौरान सबसे अधिक लातेहार में 24 वाहन और मशीन जलाए गए.

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लेवी नहीं मिलने के कारण कंपनियों के वाहनों को बनाया गया निशाना

झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न नामों से सक्रिय नक्सली और उग्रवादी संगठन लेवी नहीं मिलने पर सबसे पहले निर्माण कार्य में जुटी कंपनियों के वाहनों को निशाना बनाते हैं. पिछले पांच महीने के दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में नक्सलियों ने दर्जनों वाहनों को आग के हवाले कर दिया. वहीं वर्ष 2000 में अलग झारखंड राज्य गठन के बाद वाहनों को जलाने का आंकड़ा दर्जनों ही नहीं बल्कि  हजारों तक भी पहुंच सकता है.

पिछले आठ दिनों में फूंके गए आठ वाहन

झारखंड में पिछले आठ दिनों के दौरान अलग-अलग घटनाओं में करीब आठ वाहनों को उग्रवादी संगठनों ने आग के हवाले कर दिया. ताजा घटना रांची जिले की है. जहां सोमवार देर रात पीएलएफआई उग्रवादी संगठन ने तुपुदाना थाना क्षेत्र में एलएडटी कंपनी के मजदूर पर गोलीबारी की.

इसके अलावा एक ट्रैक्टर को भी जला दिया. वहीं पिछले 29 अक्टूबर को हजारीबाग में 6 वाहनों को आग के हवाले कर दिया और उसके दो दिन बाद ही रामगढ़ में उग्रवादियों ने एक हाइवा को आग के हवाले कर दिया.

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जानने के बाद भी पुलिस मौन

पुलिस मुख्यालय भी इस सच्चाई से वाकिफ है कि उग्रवादी संगठन सरकार की ओर से गांव के विकास के लिए दी जा रही योजनाओं से ही फल-फूल रहे हैं. सुदूरवर्ती ग्रामीण और जंगली इलाके में सड़क, पुल-पुलिया निर्माण, ग्रामीण विद्युतीकरण और सिंचाई योजनाओं को पूरा करने तथा लौह अयस्क, कोयला और बॉक्साइड खनन कार्य में लगी निर्माण कंपनियों से उग्रवादी योजना की राशि से हिस्सा मांगते है.

वहीं निर्माण कार्य में लगे कई ठेकेदार नक्सलियों से सांठगांठ कर सफलतापूर्वक निर्माण कार्य करवा लेते हैं.  लेकिन कुछ ठेकेदार उग्रवादियों को रंगदारी देने से इंकार कर देते हैं, तो उग्रवादी संगठन भी कंपनी के वाहनों को आग के हवाले कर देते हैं. जिससे निर्माण कार्य में लगी कंपनियों को करोड़ों का नुकसान होता है.

गवाह के अभाव में नहीं हो पाती गिरफ्तारी

गौरतलब है कि अधिकांश मामलों में वाहनों को आग लगाने के बाद संगठन के सदस्य मौके से फरार हो जाते हैं. पुलिस मौके पर पहुंचती भी है तो कोई ठोस साक्ष्य या गवाह नहीं मिल पाता. जिससे  नक्सलियों या उग्रवादियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाती.

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पिछले 150 दिनों में 46 वाहन और मशीन फूंके गए

7 जून: सिमडेगा जिले के बानो हाटिंगहोड़े में उग्रवादियों एक जेसीबी, दो हाइवा ट्रक और एक डंपर को जलाया.

10 जून: रांची बुढ़मू थाना क्षेत्र के बोमने गांव में राजवीर कंस्ट्रक्शन कंपनी के एक पोकलेन को उग्रवादियों ने आग के हवाले कर दिया.

 

3 जुलाई: लातेहार चंदवा थाना क्षेत्र के डुमारो पंचायत के मड़मा और बरवाटोली के सीमा पर एक पोकलेन व एक ट्रैक्टर को हथियारबंद उग्रवादियों ने जला दिया.

 

5 जुलाई : रांची बुढ़मू में उग्रवादियों ने सड़क निर्माण में लगी जेसीबी मशीन और रोलर को फूंक दिया.

 

6 जुलाई : गढ़वा भंडरिया के कुरुन गांव में गुरुवार की देर रात जेजेएमपी के उग्रवादियों ने बीड़ी पत्ता लेने गए दो ट्रक को जला दिया.

 

7 जुलाई : लातेहार हथियारबंद नक्सलियों ने छिपादोहर थाना क्षेत्र के नवरनागु गांव में एक ट्रैक्टर व एक सवारी गाड़ी को फूंक दिया.

 

11 जुलाई: लातेहार चंदवा थाना क्षेत्र के चंदवा टोरी कोल साइडिंग में जेजेएमपी उग्रवादी संगठन के द्वारा 16 वाहनों में आग के हवाले कर दिया.

 

18 जुलाई: उग्रवादियों ने लातेहार जिला के बारेसाड़ थाना क्षेत्र के मायापुर गांव में दो ट्रैक्टर, एक ट्रक और एक बाइक को आग के हवाले कर दिया.

 

30 अगस्त: बोकारो के बेरमो में नक्सलियों ने जेसीबी, जनरेटर व एक मिक्सचर मशीन को फूंक दिया.

 

16 सितंबर: चाईबासा के गुदड़ी थाना क्षेत्र के कुटीपी गांव में देर रात नक्सलियों ने सड़क और पुल निर्माण कार्य में लगे ट्रैक्टर और एक जेसीबी को आग के हवाले कर दिया.

 

29 अक्टूबर: हजारीबाग जिले के कटकमसांडी रेलवे स्टेशन क्वार्टर के बगल में खड़े छह वाहनों को  टीएसपीसी के उग्रवादियों ने जला दिया.

 

1 नवंबर: रामगढ़ के सीसीएल बिरसा परियोजना की आउटसोर्सिंग बीजीआर में नक्सलियों ने एक हाइवा में आग लगा दी.

 

4 नवंबर: तुपुदाना ओपी क्षेत्र के रांची-खूंटी बॉर्डर पर स्थित बंडा गांव में देर रात पीएलएफआई के 6 उग्रवादियों ने लेवी नहीं देने पर हाईटेंशन का काम करा रही एलएंडटी कंपनी के 12 मजदूरों पर कई राउंड फायरिंग की और एक ट्रैक्टर में आग लगा दी.

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