राज्य के 65.15 फीसदी लोगों ने निकाय चुनाव में किया अपने मतों का इस्तेमाल, रांची में 49.3 फीसदी वोटिंग

Publisher NEWSWING DatePublished Mon, 04/16/2018 - 19:13

Ranchi: झारखंड के 34 शहरी निकायों के लिए सोमवार को मतदान हुआ. वोट करने के लिए सुबह सात बजे से ही लोगों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गयी. राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों की मानें तो राज्य में 65.15 फीसदी वोट पड़े. राज्य भर में कहीं कोई बड़ी घटना के बारे में खबर नहीं है. हालांकि रांची, धनबाद और जमशेदपुर में छिटपुट घटनाओं की जानकारी मिली. निर्वाचन आयोग का दावा है कि शांतिपूर्ण तरीके से राज्य भर में मतदान हुआ. स्थानीय निकायों के 792 पदों के लिए वोटिंग हुई.

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जानिए कहां और कितनी हुई वोटिंग

झारखंड़ निकाय चुनाव में 5 बजे तक का मतदान प्रतिशत रांची-49.3, दुमका- 58, बासुकीनाथ- 76.69, जामताड़ा- 66, पाकुड़- 69.69, मिहिजाम - 67.2, रामगढ़- 67.2, गढ़वा- 66.7, लातेहार- 70.76, हजारीबाग- 55, नगर उटारी- 69, साहेबगंज-61, बरहरवा- 74, राजमहल-65, चिरकुंडा-59.43, हुसैनाबाद-63.01, छत्तरपुर नगर पंचायत-71.43, मेदनीनगर-59, लातेहार-70.76, चतरा नगर परिषद- 63.17, डोमचांच-72, गिरिडीह- 61.47, मधुपुर- 68.32, गोड्डा नगर परिषद-63, फुसरो नगर परिषद-59, लोहरदगा नगर परिषद-71.96, गुमला नगर परिषद-63, खूंटी नगर पंचायत-62, बुंडू-72, सिमडेगा नगर परिषद- 64.72, चाईबासा-63.97, सरायकेला नगर पंचायत- 72, कपाली नगर परिषद-57, आदित्यपुर-61, चाकुलिया-75.15.   

देखें वीडियो-

उपचुनाव में पड़े 52.02 फीसदी वोट

निकाय के उपचुनाव की बात करें तो देवघर नगर निगम-57.87. धनबाद नगर निगम-49.19, विश्रामपुर नगर परिषद-46.5 और झुमरी तिलैया नगर परिषद-54.53 फीसदी वोट पड़े. यानि चार जगहों का औसत 52.02 फीसदी हो गया.

रांची के मतदाताओं ने नहीं दिखायी दिलचस्पी

झारखंड की राजधानी में जितनी उम्मीद की गयी थी, उतनी वोटिंग नहीं हुई. विकास की बाट जोहने वाली जनता, विकास को लेकर चौर-चौराहों और दफ्तरों में बहस करने वाली जनता ने पिछली बार की ही तरह इस बार भी घरों और दफ्तरों में अपने-आप को बंद रखना मुनासिब समझा, वोट देना नहीं. पिछली बार रांची नगर निकाय चुनाव में 38 फीसदी वोट पड़े थे और इस बार 49.3 फीसदी वोट पड़े हैं. हालांकि पिछले बार के मुकाबले इस बार ज्यादा वोटिंग हुई है. 

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चुनावी जंग में 4559 उम्मीदवार मैदान में

महापौर या अध्यक्ष और उप महापौर या उपाध्यक्ष के 34-34, जबकि वार्ड पार्षद के 749 पदों में से 724 के लिए मतदान हुआ. बाकी 25 वार्डों में  पार्षदों का चुनाव निर्विरोध हो चुका है. चुनाव मैदान में कुल 4559 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इनमें से महापौर या अध्यक्ष पद के लिए 278, उप महापौर या उपाध्यक्ष के लिए 320 और वार्ड पार्षद पद के लिए 3961 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं. महिलाओं की संख्या 2066 हैं. निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक 22,12,137 मतदाता हैं, जिनमें 10,39,496 महिलाएं शामिल हैं.

ईवीएम खराब होना बना परेशानी का सबब

मतदान के दौरान ऐसे कई जगहों से शिकायत आयी जहां ईवीएम खराब पाया गया. कुछ जगहों पर लोगों ने अपना विरोध भी दर्ज किया. खास कर रांची में कई जगहों से ईवीएम खराब होने की खबर आयी. हिंदपीढ़ी के वार्ड नंबर 22 के इस्लामी मरकज मतदान केंद्र में ईवीएम खराब होने की वजह से मतदान बाधित हुआ. कोकर के बूथ नंबर छह बिजली स्टोर में ईवीएम मशीन खराब हुई. करीब 48 मिनट लोग लाइन में खड़े रहे. वार्ड 46 में भी ईवीएम मशीन खराब होने की खबर आयी. संत अल्बर्ट स्कूल के बूथ नंबर चार में ईवीएम खराब हुआ. बरियातू के रानी बागान में ईवीएम मशीन में खराबी के कारण हंगामा हुआ. बाल गोविंद स्कूल हटिया में वार्ड 52 के बूथ संख्या 10 में ईवीएम खराब होने के बाद हंगामे की स्थिति बन गयी थी. ईवीएम खराब होने के बाद एक्सपर्ट मोबाइल पर सूचना देते हर बूथ में देखे गए.

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जेएमएम पर भारी रहा सोमवार

सरायकेला खरसावां के कपाली नगर निकाय चुनाव में ईवीएम में जेएमएम का चुनाव चिन्ह नहीं दिख रहा था. मशीन में जेएमएम के चुनाव चिन्ह तीर धनुष की जगह सिर्फ तीर दिख रहा था. जिससे वोट डालने पहुंचे मतदाताओं ने हंगामा शुरू कर दिया. मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्वाचन आयोग ने साढ़े नौ बजे सरायकेला खरसावां के कपाली नगर निकाय चुनाव में उपाध्यक्ष के पद पर हो रहे चुनाव को रद्द् कर दिया. नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी वोटिंग के लिए भटकते रहे. दरअसल परिसीमन की वजह से उनका मतदान केंद्र बदल दिया गया था. काफी देर तक भटकने के बाद उन्हें अपना बूथ मिला. हेमंत सोरेन के अलावा कई लोगों को इस मुसीबत से दो-चार होना पड़ा.

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