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बिहारः चतुर्थ वर्गीय कर्मी का बेटा बना जज, न्यायिक सेवा में सुपौल के राजेश ने लहराया परचम

NEWSWING

Supaul, 06 November : सुपौल के लाल राजेश रंजन ने 29वीं बिहार न्यायिक सेवा प्रतियोगिता में अत्यंत पिछड़ा वर्ग में 23वां स्थान प्राप्त कर ना सिर्फ अपने परिवार का बल्कि सुपौल जिला का भी मान बढ़ाया है. राजेश इस सफलता का सारा श्रेय अपने माता-पिता, पत्नी और गुरूजन को देते हैं. राजेश ने बताया कि उसके पिता बिन्देश्वरी प्रसाद चौरसिया व्यवहार न्यायालय सुपौल में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी से सेवा निवृत हुए हैं. काफी सीमित आय में उसके पिता ने अपने तीन पुत्रों और एक पुत्री की परवरिश की. अपने पिता के सपनों को साकार करने के लिए राजेश ने शुरू से ही काफी मेहनत की. आज उस परिश्रम का ही परिणाम है कि उसने इस परीक्षा में सफलता अर्जित की.

राजेश की प्रारंभिक पढाई सुपौल में हुई

एक सामान्य से परिवार में पला बढ़ा राजेश की प्रारंभिक पढाई सुपौल में ही हुई. वर्ष 1999 में टीसी हाई स्कूल से मैट्रिक और वर्ष  2001 में बीएसएस कॉलेज से इंटर की पढ़ाई पूरी करने के बाद राजेश ने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी में दाखिला लिया. जहां से उसने 2004 में बीएससी और फिर 2007 में एलएलबी की पढ़ाई पूरी की. इसी क्रम में उसे इलाहाबाद उच्च न्यायालय में 2008-09 में लॉ ट्रेनी के पद पर भी कार्य करने का मौका मिला. वर्ष 2009 से नेशनल इंश्योरेश कम्पनी में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत है.

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