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साहिबगंजः महिलाओं को स्वावलंबी बनाने का काम कर रही दीदी जी कैफे

News Wing

Sahebgunj, 13 October: साहिबगंज में आदिवासी महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिये दीदी जी केफे खोला गया है. यह कैफे महिलाओं को स्वालंबी बनाने के काम कर रही है. बता दें कि जिले की छह आदिवासी महिलायें इस कैफे को चला रही हैं. स्थानीय पुलिस लाइन कालोनी मे स्थित विवाह भवन में दीदी जी केफे खोला गया है.  

कैफे में होती है खाने-पीने की व्यवस्था होती

जिले के बेतोना गाँव की रहने वाली दीदी जी केफे का संचालन करने वाली बुधिन बेसरा ने बताया कि जब सरकार द्वारा संचालित दीदी जी केफे की बात की गयी तो वो इस कैफे के बारे में समझ ही नहीं पायी.फिल लोगों ने मुझे बताया कि इसे ढाबा, या रेस्टोरेंट कर सकते है. क्योंकि इसका संचालन उसी तरह का होगा. यहां लोगों के खाने पीने की व्यवस्था रहेगी. जिसके बाद मैने इसे चलाने के लिए हां कर दिया.

कैफे ने खुद के पैरों पर खड़ा होने का दिया मौका

इसके बाद एक समूह बनाया गया जिसमें बुधीन बेसरा ,रजीना मुर्मु ,ताला कौड़ी बास्की ,मारक तुडु व सोनी कुमारी को रखा गया. कैफे को खोले हुए दस दिन हो गए है. इसमें काम कर रही सभी महिलाएं बहुत खुश हैं और खुद को स्वावलंबी महसूस कर रही हैं. उनका कहना है कि कैफे की वजह से उनकी आमदनी भी हो जा रही है. इसकी वजह से उन्हे रोजगार मिला है, और आज वो अपने पैरों पर खड़ा है.  

सभी प्रखंडों में कैफे खोलने की योजना

गौरतलब है कि सरकार इस योजना को महिलाओं के लिए ले कर आयी है. इससे आदिवासी महिलाओं को काफी लाभ भी होगा अभी सिर्फ जिले में एक केफे खोला गया लेकिन जल्द ही सभी प्रखंडों में भी इसे खोलने की योजना बनायी जा रही है.

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