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27 वर्षों बाद दिवाली पर बन रहा गुरु चित्रा का योग

NEWSWING

Ranchi, 18 October : 27 साल के बाद इस दिवाली पर गुरु चित्रा योग का संयोग बन रहा है. यह योग महालक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए, पूजा-पाठ से लेकर घर की सजावट के लिए, बाजार से हर प्रकार की खरीदारी करने के लिए शुभ होता है. नक्षत्र मेखला की गणना के अनुसार ऐसा संयोग अब चार वर्षों के बाद 2021 में बनेगा. 1990 में गुरुवार के दिन चित्रा नक्षत्र में जब दिवाली आई थी तब यह संयोग बना था. ज्योतिष के मान से गुरु चित्रा योग में पूजा, खरीदारी खास ही नहीं बल्कि चीर स्थाई काल तक लाभ देने वाली मानी जाती है. इसलिए लोग इस योग भी लाभ ले सकते हैं. 19 अक्टूबर को सुबह 7.25 बजे तक हस्त्र नक्षत्र रहेगा. इसके बाद चित्रा नक्षत्र लगने के साथ गुरु चित्रा योग शुरू हो जाएगा जो कि अगले 24 घंटे तक रहेगा.

लक्ष्मी पूजा के लिए 2.20 घंटे का प्रदोषकाल 

दिवाली पर अधिकांश लोग शाम के वक्त प्रदोषकाल में महालक्ष्मी की पूजा करते हैं. इस बार शाम 5.54 से रात 8.26 बजे तक 2.20 घंटे का प्रदोषकाल रहेगा. इस दौरान लोग धन, सुख-समृद्धि की कामना लिए लक्ष्मी, गणेश कुबेर का पूजन कर सेकेंगे. इस बार एक और खास बात यह भी है कि दिवाली पर लक्ष्मी की विशेष पूजा के लिए 12 साल के बाद चतुर्गही योग का संयोग भी बन रहा है. जो कि रात 8 बजे के बाद शुरू होगा.

जानें गुरु चित्रा योग में खरीदारी, पूजा खास क्यों?

अमावस्या तिथि, गुरुवार का दिन और चित्रा नक्षत्र इन तीनों के एक साथ होने का योग बहुत कम बनता है. ज्योतिष में गुरु को सोना, भूमि, कृषि आदि का कारक ग्रह माना जाता है. जबकि चित्रा नक्षत्र चांदी, वस्त्र, वाहन और इलेक्ट्रॉनिक चीजों के लिए खास शुक्र की राशि वाला यह नक्षत्र समृद्धि का कारक है. गुरु, शुक्र के साथ नक्षत्र का संचार लाभप्रद रहेगा.

एक अभिजीत मुहूर्त और दो लग्न

सुबह 6.30 से 8 बजे तक शुभ

सुबह 11 से 12.30 बजे तक चर

दोपहर 12.30 से 2 बजे तक लाभ

दोपहर 2 से 3.30 बजे तक अमृत

शाम 5 से 6.30 बजे तक शुभ

शाम 6.30 से रात 8 बजे तक अमृत

रात 8 से रात 9.30 बजे तक चर

 

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