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सीबीएसई स्कूल नहीं कर रहे गाइडलाइन का पालन, स्कूल वेबसाइट पर नहीं है जरुरी जानकारी

Sakshi Agrawal

Ranchi, 25September: इंटरनेट क्रांति के इस दौर में किसी भी संस्थान की जानकारी में वेबसाइट एक अहम रोल अदा कर रही है. हर संस्थान इसका लाभ भी उठा रहा है. इसमें सीबीएसई से मान्यता प्राप्त रांची के निजी विद्यालय भी पीछे नहीं है. इन स्कूलों ने बेहद ही खूबसूरत और आकर्षक वेबसाइट डिजाइन भी करवाई है. इनकी वेबसाइट पर खूब सारी तस्वीरें और उपलब्धियां भी मिलेंगी, लेकिन बारी जब सूचना देने की आती है, तो ये स्कूल वही सूचना देते हैं जो इनके फायदे की हो.

सीबीएसई निर्देश के वाबजुद स्कूल नहीं दे रहे पूरी जानकारी

सीबीएसई ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया था कि वह अपनी खुद की एक वेबसाइट डेवलप करें, जिसमें स्कूल के एफिलिएशन, टाइप ऑफ एफिलिएशन, इंफ्रास्ट्रक्चर की पूरी जानकारी, शिक्षकों की पूरी संख्या, क्लास वाइज स्टूडेंट का एनरोलमेंट, स्कूल मैनेजिंग कमेटी आदि की पूरी जानकारी हो. लेकिन शहर के कई निजी विद्यालयों की साइट्स पर जाने के बाद पता चला कि किसी भी स्कूल की साइट्स पूरी तरीके से सीबीएसई की गाइडलाइन के अनुरूप डेवलप नहीं है. हां, एक-दो स्कूल को छोड़ दें तो लगभग सभी स्कूलों का यही हाल है.

स्कूल कैंपस के एरिया की जानकारी देने में भी कोताही बरत रहे हैं 

स्कूलशिक्षक की जानकारी के बाद निजी विद्यालय स्कूल कैंपस के कुल एरिया की जानकारी देने में भी कोताही बरतते हैं. सीबीएसई के निर्देशानुसार सभी स्कूलों को अपनी वेबसाइट में बताना है कि उनके स्कूलों का कुल क्षेत्रफल एकड़ और स्क्वायर मीटर और मीटर में कितना है. इसके साथ ही प्लेग्राउंड, स्विमिंग पुल, क्लास रूम, हेल्थ एंड मेडिकल चेकअप, जिमनाजिअम आदि की भी पूरी जानकारी स्कूलों को देना है. स्कूल अपनी साइट पर ये तो बताते हैं कि इनके पास इन सारी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था है लेकिन इनकी वेबसाइट पर यह नहीं दिखेगा कि इनका क्षेत्रफल क्या है और इनकी संख्या कितनी है.

वेबसाइट पर नहीं है शिक्षकों का पूरा डिटेल

सीबीएसई ने अपने निर्देश में स्पष्ट रूप से कहा है कि सभी स्कूल अपनी वेबसाइट में इस बात की पूरी जानकारी दें कि उनके स्कूल में कुल कितने शिक्षक हैं? उनकी योग्यता क्या है? उनकी सैलरी क्या है? वे पार्टटाइम हैं या एडहॉक पर हैं? उन्हें सैलरी किस मोड में दी जाती है आदि. लेकिन विद्यालयों की साइट पर जाने के बाद टीचर की संख्या तो दिखती है, उनका नाम भी रहता है फोटो के साथ, लेकिन बारी जब डिटेल की आती है तो सब नदारद है. यह अपने आप में बड़ा मसला है क्योंकि विद्यार्थियों और परिवार को शिक्षक की समुचित जानकारी मिलना बेहद जरूरी होता है.

एफिलिएशन की तो पूरी जानकारी मिलती है लेकिन एनओसी का कोई पता नहीं

सीबीएसई ने सभी स्कूलों को सोसाइटी, एफिलिएशन और स्कूल मैनेजमेंट की पूरी जानकारी देने का निर्देश का दिया है. स्कूलों की वेबसाइट्स पर जाने के बाद स्कूल मैनेजमेंट और एफिलिएशन की तो पूरी जानकारी मिलती है. एफिलिएशन नंबर से लेकर एफिलिएशन के प्रकार तक की, लेकिन जब बारी एनओसी की आती है तो साइट का हर कोना छानने के बाद भी यह नहीं दिखाई देता है कि एनओसी कब जारी किया गया है. और एनओसी इशू होने का डेट क्या है? एफिलिएशन का स्टेटस क्या है?

 

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