पुलिस सिर्फ आम्रपाली-मगध पर सख्त, अशोका, पिपरवार पुरनाडीह व रोहिणी कोलियरी में भी होती है हर माह करीब 12 करोड़ की वसूली

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 05/16/2018 - 15:04

Ranchi: चतरा के टंडवा स्थित आम्रपाली और मगध कोल परियोजना पिछले चार साल से चर्चा में है. चर्चा की वजह दोनों कोलियरी से कोयला उठाव करने वाली कंपनियों से टीपीसी के उग्रवादियों द्वारा प्रति माह की जाने वाली करोड़ों की वसूली है. मीडिया में भी आम्रपाली व मगध कोल परियोजना में हो रही वसूली की खबरें छपती हैं. इसलिए पुलिस भी वहीं पर कार्रवाई करती है. लेकिन एेसा नहीं है कि टीपीसी के उग्रवादी सिर्फ उन्हीं  दोनों कोलियरियोंं से अवैध वसूली कर रहा है. चतरा जिला में ही स्थित अशोका, पिपरवार, पुरनाडीह और रांची जिला में स्थित रोहिणी कोल परियोजना से कोयला का उठाव करने वाले कंपनियों व ट्रांसपोर्टरों से भी प्रति माह करोड़ों की वसूली की जा रही है. इन चारो कोलियरियों से होने वाली वसूली का हिस्सा भी वैसे ही बंंटता है, जैसे कि  टंडवा में. मतलब नक्सली, कुछ नेता और कुछ पुलिस अफसर सभी को बंधी-बंधाई रकम मिलती है.

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हर माह होता है करीब पांच लाख टन कोयला का उठाव

कोयला कारोबार से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि अशोका, पुरनाडीह और रोहिणी कोल परियोजना से प्रति माह करीब पांच लाख टन कोयला का उठाव होता है. यहां ट्रांसपोर्टरों से प्रति टन 215 रुपये की अवैध वसूली की जाती है. इसके अलावा कमेटी के नाम पर 600 रुपया प्रति ट्रक का टोकन लिया जाता है, 200 रुपया कांटा बाबू के नाम पर और 100 रुपया पार्किंग के नाम पर वसूली की जाती है. एक ट्रक में 20 टन कोयला लोड होता है.  इस तरह प्रति ट्रक 5100 रुपये की वसूली की जा रही है. प्रति टन के हिसाब से देखें, तो 255 रुपया की वसूली की जा रही है. इस तरह प्रति माह करीब 12.75 करोड़ रुपये की वसूली इन चारो कोल परियोजनाओं से कोयला उठाने वाली कंपनियोंं और ट्रांसपोर्टरों से की जाती है. 

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कौन करता है वसूली

सूत्रों ने बताया टंडवा में जहां टीपीसी से जुड़ा बिंदु गंझू वसूली और उसके सहयोगी वसूली का काम देखता था. वहीं अशोका, पुरनाडीह और रोहिणी कोल परियोजना में भीखन गंझू, अर्जुन गंझू, धनेश्वर गंझू, महेश्वर गंझू, सुकी गंझू और इनके सहयोगियों द्वारा वसूली की जाती है. इनके साथ कुछ सफेदपोश और कोल ट्रांसपोर्टर भी शामिल हैं. 

कल्याणपुर कोल डंप, पुरनाडीह कोलियरी व राजहर रेलवे साइडिंग से भी होती है वसूली

सूत्रों के मुताबिक चतरा जिला के कल्याणपुर स्थित कोल डंप, चुरनाडीह कोलियरी और राजहर रेलवे साइडिंग से भी वसूली हो रही है. कल्याणपुर कोल साइडिंग से बाढ़ो मियां, आशिक अली व चिन्नू राणा वसूली करता है. पुरनाडीह कोलियरी में वसूली का जिम्मा बिगन गंंझू के पास है. वहीं राजहर रेलवे साइडिंग में मुन्ना मियां उर्फ कासिम मियां और असलम मियां वसूली करता है. लोडर एसोसिएशन से जुड़े ताज अंसारी पर भी वसूली का आरोप है. 

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