दौलत, हमदर्दी और प्रेम-प्रसंग के आरोप-प्रत्यारोप के बीच, कुछ यूं हुई मामा-मामी और भांजे की जिंदगी दूभर

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 02/17/2018 - 16:27

Md. Asghar Khan

Ranchi: एक ऐसा परिवार जो बिखर चुका है. थाना-पुलिस के बाद जेल और फिर तलाक तक की नौबत आ चुकी है. लेकिन इससे पहले जो कुछ हुआ, कैसे पैसे के बाद हमदर्दी को प्रेम-प्रसंग का नाम मिला. और फिर मामा-मामी और भांजे की जिंदागी दूभर हो गयी है. जानिए इस रिपोर्ट में...

जिस मामा ने दिया सहारा, फिर उसी ने भेज दिया जेल

इस कहानी की शुरुआत अंकित अग्रवाल, बहन और उसकी मां पुष्पा देवी से होती है. जिसमें मामा दिलीप पोद्दार, पंकज पोद्दार और मामी नेहा पोद्दार का अध्याय जुड़ता गया. अंकित की मां की जुबानी है कि 2007 में जब अंकित अग्रवाल के पिता का निधन हुआ, तब मामा दिलीप और पंकज पोद्दार हजारीबाग के चरही से पूरे परिवार को रांची अपने घर में ले आये. भांजी और बहन घर में रहती थी, भांजा अंकित को अपने साथ धंधे में लगा दिया. पुष्पा देवी का कहना है कि मेरे स्वर्गीय पति की जमा पुंजी 40 लाख मैंने अपने दोनों भईयों को दे दी थी. जिसे दोनों ने समझौता पत्र में कबूल भी किया है. लेकिन आज वे पैसे देने से इंकार ही नहीं कर रहे हैं, बल्कि मेरे लड़के अंकित पर गबन का आरोप लगाकर जेल तक भेज दिया है. गौरतलब है कि वर्ष 2016 के गबन के आरोप में 15 फरवरी को अंकित अग्रवाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.

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अपनी ही पत्नी पर भांजा के साथ अफेयर चलाने का लगाया आरोप

2008 में पंकज पोद्दार की शादी नेहा पोद्दार से होती है. पंकज पोद्दार ने 2015 में पत्नी नेहा पोद्दार को कोर्ट से तलाक का नोटिस भेजा था, और मामला डाइवोर्स के लिए लंबित है. यहां से पत्नी नेहा पोद्दार की जुबानी है कि घर में अंकित के परिवार के साथ दोनों मामा और बड़ी मामी राधा का व्यवहार सही नहीं था. जिसके कारण अंकित को अलग घर लेकर रहने पर मजबूर होना पड़ा. उन्होंने बताया कि करोबार में अंकित के परिवार के साथ इनलोगों (मामा) ने धोखाधड़ी किया. जब कभी मैं उस परिवार के पक्ष में बोली, तब उनलोगों ने मेरे साथ मारपीट की. मुझपर भांजा अंकित के साथ अफेयर चलाने का आरोप लगाया. मेरे पति पंकज पोद्दार ने मुझे मायके हजारीबाग ले जाकर छोड़ दिया. जब मैं दोबारा अपने ससुराल आयी, तब उन लोगों ने मेरे साथ फिर मारपीठ की. मैंने इनके खिलाफ 2014 में महिला थाना में केस दर्ज कराया. लेकिन पोद्दार फैमली ने थाने के साथ मिलकर केस को कॉन्उसेलिंग में बदल दिया, और पुलिस ने कहा कि आपलोग कोर्ट से मामले को सुलझाइये. इसके बाद मैं नामकुम में अपने बच्चे के साथ रहने लगी.

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रेप का केस करो, फिर हमलोग साथ रहेंगे

नेहा पोद्दार का कहना है कि जब मामा-भांजा में पैसे के लेन-देने पर तकरार होने लगी, तब मेरे पति पंकज पोद्दार ने मुझपर लगातार दबाव बनाया कि तुम अंकित पर सेक्सुअल हरासमेंट का आरोप लगाकर केस करो. ऐसा करने पर हमलोग खुशी-खुशी साथ में रहेंगे. लेकिन मैंने साफ इंकार कर दिया. इसके बाद परिवार के रिश्ते में और भी कड़वाहट आती चली गयी. इसके बाद पंकज पोद्दार ने अंकित अग्रवाल पर केस दर्ज कराया. इसमें पंकज पोद्दार ने कहा कि अंकित पांच लाख रुपया और मेरी पत्नी को लेकर भाग गया है.

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आरोप-प्रत्यारोप के बीच जांच की मांग

अंकित अग्रवाल पक्ष का कहना है कि 2013 के समझौता पत्र के अनुसार मामा को मां ने 40 लाख रुपया दिया था, उसे भांजी की शादी के समय मामा को लौटाना था. लेकिन मामा ने इसे देने से इंकार कर दिया. इसके खिलाफ मैंने कोतवाली थाना रांची में 2016 में गबन का केस दर्ज कराया. थाना ने उस समझौते पत्र के आधार पर केस नहीं बनाकर बैंक स्टैटमेंट के आधार पर 20 लाख रुपये के गबन का केस बनाया. अंकित का कहना है कि मैंने अपनी बहन की शादी के लिए अलग-अलग बैंक एकाउंट में जो राशि जमा की थी, उससे हमारे मामा पंकज और दिलीप पोद्दार भी ट्रानजेक्शन करते थे. इन्होंने इसमें से 20 लाख रुपये निकालने की बात कबूल भी की है. परिवार कहना है कि इसके बाद दोनों मामा ने दो माह के अंतराल में मुझपर 50 लाख के गबन का काउंटर केस किया. इसमें मामा ने कहा कि अंकित अग्रवाल ने आर्यन नाम से मेरे अकाउंट से 50 लाख रुपये निकले हैं. जिसमें से 20 लाख पये चेक के माध्यम से दे दिया है. अब अंकित अग्रवाल और नेहा पोद्दार का आरोप है कि कोतवाली थाना की इस मामले में पोद्दार फैमली से मिली भगत है. इसमें सीबीआई या अन्य निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि सच्चाई सबके सामने आए.

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