खून की कमी से जूझ रहा रिम्स, सदर अस्पताल में मात्र तीन यूनिट खून

Publisher NEWSWING DatePublished Tue, 02/13/2018 - 19:52

Ranchi: झारखंड की लाइफलाइन कही जाने वाली राजेंद्र इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस रिम्स में "लाइफलाइन" यानी खून की भारी किल्लत है. झारखंड ही नहीं बल्कि राज्य के बाहर के लोग भी इस अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए आते हैं. लेकिन उपचार के दौरान खून की आवश्यकता के समय निराशा हाथ लगती है. मरीजों के साथ ब्लड डोनर होने के बावजूद भी ब्लड बैंक की ओर टकटकी लगाए रहना पड़ता है. क्योंकि शरीर में जब तक खून नहीं होगा मरीज की जिंदगी जूझते रहेगी. रिम्स के सहारे ही शहर के कई अन्य अस्पताल भी रहते हैं, लेकिन जब रिम्स में ही खून की किल्लत हो तब आप अन्य अस्पतालों की हालत को बखूबी समझ सकते हैं. मंगलवार को रिम्स के ब्लड बैंक में मात्र 53 यूनिट खून है. जिस पर हर हजारों मरीजों के सांसे टिकी हुई है.

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रिम्स में खून की उपलब्धता
A+VE       00 यूनिट
A-VE        00 यूनिट
B+VE       36 यूनिट
B-VE        01 यूनिट
O+VE      16 यूनिट
O-VE        00 यूनिट 
AV+VE    00 यूनिट
AV-VE     00 यूनिट

दर अस्पताल में मात्र तीन यूनिट खून

रांची के सदर अस्पताल ब्लड बैंक में मात्र 3 यूनिट ब्लड है. सदर अस्पताल का ब्लड बैंक भी रिम्स के भरोसे ही संचालित होता है. हालांकि सदर अस्पताल का अपना ब्लड बैंक भी हैंडओवर हो चुका है, लेकिन लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद लोगों को यहां से खून उपलब्ध हो सकता है.


सदर अस्पताल में खून की उपलब्धता
A+VE: 00 यूनिट
B+VE:01 यूनिट
O+VE:02 यूनिट

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लाइसेंस मिलने के बाद संचालित होगा ब्लड बैंक

सदर अस्पताल का ब्लड बैंक शुरू होने के संबंध में सिविल सर्जन डॉ एसएस हरिजन ने कहा कि अस्पताल का अपना ब्लड बैंक का भवन और मशीनों के निरीक्षण के बाद ब्लड बैंक हैंडओवर ले लिया गया है. उसमें लगे उपकरणों का फक्शन एजेंसी के द्वारा जांच किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि डायरेक्टर फूड एंड ड्रग को लाइसेंस के लिए आवेदन दे दिया गया है. लाइसेंस मिलने के बाद एड्स कंट्रोल सोसाइटी दिल्ली को भेजा जाएगा. वहां से इंस्पेक्शन के बाद सदर अस्पताल के ब्लड बैंक को शुरू किया जाएगा.

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