चतरा : रेप के बाद नाबालिग की अस्मत की कीमत लगाने वाली मुखिया समेत 14 गिरफ्तार, छावनी में तब्दील हुआ गांव  

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 05/05/2018 - 11:12

Chatra :  ईटखोरी थाना क्षेत्र के राजा केंदुआ गांव में दुष्कर्म के बाद नाबालिग की जलाकर हत्या मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है. मामले में पुलिस ने पंचायत करने वाली मुखिया तिलेश्वरी देवी समेत घटना में संलिप्त 14 लोगोंं को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि घटना मे संलिप्त अन्य संदिग्धों, आरोपियों और पंचायत प्रतिनिधियों की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी जारी है.

इस बारे में डीसी जीतेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि घटना हृदयविदारक है. ऐसे में घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का निर्देश पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारियों को दिया गया है. डीसी ने कहा है कि पीड़ित परिवार को हर हाल में इंसाफ दिलाया जाएगा. उन्होंने कहा है कि दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई हो, इसे लेकर मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल टीम गठित कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया है.साथ ही उन्होंने बताया कि गैंगरेप की भी सूचना प्रशासन को मिल रही है. पुलिस हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है.  जांच के बाद घटना की हकीकत सबके सामने आ जायेगा

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पुलिस छावनी में तब्दील हुआ राजा केंदुआ

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पुलिस छावनी में तब्दील राजा केंदुआ

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर राजा केंदुआ गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है. इतना ही नहीं गांव में एसपी अखिलेश बी वारियर, एसडीओ राजीव कुमार, डीएसपी मुख्यालय पीताम्बर सिंह खैरवार व एसडीपीओ सिमरिया प्रदीप कच्छप समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी व प्रशासनिक अधिकारी कैम्प कर रहे हैं. पुलिस अधीक्षक व अनुमंडल अधिकारी गांव में हर संदिग्धों पर  खुद नजर रख रहे हैं. इधर घटना के बाद से सभी आरोपी गांव छोड़कर फरार हैं. एसपी ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि अपराधी बख्शे नहीं जायेंगे. वहीं मामले में पीड़ित परिजनों की लिखित शिकायत के बाद ईटखोरी थाना में गांव के बारह लोगों के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या का मामला दर्ज किया गया है. 

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डीसी ने पीड़ित परिवार को दिया आर्थिक सहयोग

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पीड़ित के परिवार से मिलते डीसी

वहीं पीड़ित परिवार को जिला प्रशासन की ओर से ढ़ाई लाख रुपये के आर्थिक सहयोग की घोषणा की गयी है. जिसके तहत डीसी ने एसडीओ के माध्यम से तत्काल पीड़िता के पिता को एक लाख रुपये की अग्रिम राशि का चेक सौंप दिया है. इसके अलावा पीड़ित परिवार को अनाज भी उपलब्ध करा दिया गया है. डीसी ने कहा है कि पीड़िता के श्राद्ध कर्म में होने वाले खर्च का वहन भी जिला प्रशासन ही करेगा.  डीसी ने पीड़ित परिवार तक सरकारी योजनाओं का लाभ तुरंत पहुंंचाने का निर्देश इटखोरी बीडीओ व सीओ को दिया है.

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पंचायत में शामिल प्रतिनिधियों व संदिग्धों पर भी होगी कार्रवाई 

डीसी ने कहा है कि सरेआम पंचायत लगाकर नाबालिग के अस्मत व आबरू की कीमत लगाने वाले पंचायत प्रतिनिधियों व संदिग्धों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी. डीसी ने कहा कि नाबालिग के अस्मत की कीमत लगाकर पंचायत ने गैर जिम्मेदाराना निर्णय सुनाया था. ऐसे निर्णय से समाज में अपराध को बढ़ावा मिलने के साथ- साथ अपराधियों को भी संरक्षण मिलेगा. उन्होंने कहा कि पंचायत में लिए गए निर्णय की भी जांच की जा रही है. परिजनों का आरोप सत्य पाया गया तो हरहाल में पंचायत में शामिल सभी पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों के साथ-साथ संदिग्धों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी

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यह था मामला 

गौरतलब है कि गांव के रविदास समाज के एक दलित की नाबालिग पुत्री की सुंदरता गांव के ही चंद वहशी दरिंदों को भा गई, जिसके बाद मर्यादा को तार-तार करते हुए पहले तो उस मासूम बच्ची की अस्मत लूट ली, बाद में जब इनके विरोध में पंचायत बुलाई गई तो खुद को अपमानित महसूस करते हुए उन लोगों ने घर में घुसकर दिनदहाड़े पीड़ित की जलाकर निर्ममता से हत्या कर दी. इतने में भी गुस्से की आग शांत नहीं हुई तो दबंगों ने पीड़ित के माता-पिता पर बेहिसाब जुल्म ढाये, बुरी तरह पीट-पीटकर जख्मी कर दिया.

जबकि इस मामले में बीते शुक्रवार को ग्रामीणों के सहयोग से गांव में पंचायत बुलाई गई थी. इस पंचायत में मुखिया तिलेश्वरी देवी व पंचायत समिति सदस्य रंजय रजक समेत ग्रामीण मौजूद थे. पंचायत ने आरोपों को सही मानते हुए आरोपी को पीड़ित परिवार को पचास हजार रुपए हर्जाना व एक सौ बार उठक-बैठक करने की सजा सुनायी. जिसके बाद खुद को अपमानित महसूस करते हुए आरोपी ने पहले तो पंचायत का निर्णय मानने से इनकार कर दिया, बाद में अपने तीन अन्य सहयोगियों हगलू भुइयांजगदीश भुइयां व संतोष भुइयां के साथ मिलकर पीड़िता के घर में घुसकर नाबालिग को जलाकर मार डाला और परिजनों की जमकर पिटाई कर दी.

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