अब चतरा में भूखजनित बीमारी से हुई महिला की मौत, शव को कंधे पर लेकर अस्पताल में भटकता रहा बेबस पुत्र

Publisher NEWSWING DatePublished Tue, 06/05/2018 - 10:27

Chatra: कहने को सूबे की रघुवर सरकार विकास की राह पर है. लेकिन हकीकत ये है कि आज भी झारखंडवासियों को दो जून की रोटी सही तरीके से नसीब नहीं होती और लोग भूख से मरने को विवश है. दो दिन पहले गिरिडीह की सावित्री देवी की मौत कथित रुप से भूख से हो गयी थी. अब चतरा की मीना मुसहरीन का नाम भी इस सूची में शामिल हो गया है. कहा जा रहा है कि मीना मुसहरीन की मौत कथित रुप से भूख जनित बीमारी से हो गयी है. जिले के इटखोरी थाना क्षेत्र की इटखोरी में रहनेवाली मीना की मौत भूखजनित रोग से हो गयी. बीमार होने के कारण मीना ने 10 दिनों से कुछ नहीं खाया था. वही पूरे मामले में इटखोरी उपस्वास्थ्य केंद्र की संवेदनहीनता भी सामने आयी है.

इसे भी पढ़ेंः गिरिडीहः भूख से मौत से हड़कंप, सीएम ने दिये जांच के आदेश

दरअसल, महिला मुख्य रुप से गया जिला के डोभी की रहने वाली है, लेकिन वो अपने पूरे परिवार के साथ इटखोरी में रहकर कबाड़ चुनने का काम करती थी. परिजनों का कहना है कि वो पिछले कई दिनों से बीमार थी. और बीमार होने के कारण उसने पिछले दस दिनों से कुछ नहीं खाया था. जिसके कारण भूखजनित बीमारियों ने उसे अपनी चपेट में ले लिया और उसकी मौत हो गई. पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब मीणा का पुत्र उसका उपचार कराने इटखोरी स्वास्थ्य उपकेंद्र पहुंचा. जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

अस्पताल प्रबंधन की संवेदनहीनता

fdhgh
उपस्वास्थ्य केंद्र के बाहर लगी भीड़

पूरे मामले में जहां जिले की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. वही इटखोरी स्वास्थ्य उपकेंद्र प्रबंधन की संवेदनहीनता भी सामने आयी. दरअसल अपनी मां मीणा को जीवित समझ उसे कंधे पर लाद उसका बेटा अस्पताल के एक कमरे से दूसरे कमरे में दौड़ता रहा, ताकि उसकी मां का इलाज हो सके. इस बीच स्वास्थ्य केंद्र में किसी ने उसकी सुध नहीं ली. वो शव को कंधे पर लाद भटकता रहा. लेकिन मामले का खुलासा होने पर मीडिया का जमावड़ा देखते ही स्वास्थ्यकर्मियों की नींद टूटी और आनन-फानन में महिला को बेड पर लिटाया गया, जहां जांच के बाद डॉ. ने उसे मृत घोषित कर दिया. जाहिर है कि मीडिया नहीं पहुंचती तो बेटा अपनी मां के शव को कंधे पर ढोये शायद घंटों डॉक्टर का इंतजार ही करता रहता.

मुख्यमंत्री दाल भात योजना पर उठ रहे सवाल

भूखजनित रोग से महिला की मौत के बाद प्रखंड में संचालित मुख्यमंत्री दाल भात योजना पर भी सवाल उठने लगे हैं. मृतका के पुत्र के अनुसार मीना विगत 10 दिनों से कुछ नहीं खाई थी जिसके कारण गंभीर बीमारियों के चपेट में आने से उसकी मौत हो गई. ऐसे में यह सवाल उठता है कि मुख्यमंत्री दाल भात योजना का संचालन आखिर किसके लिए होता है. जब भूख से गरीब व असहाय लोग अकाल मौत के गाल में समा ही रहे हैं तो ऐसे योजनाओं के संचालन का औचित्य क्या है. लोग प्रखंड में संचालित मुख्यमंत्री दाल भात योजना की जांच की मांग करने लगे हैं.

dfghfh

एडीएम रैंक के अधिकारी करेंगे जांच

इटखोरी में भूखजनित रोग से मुशहर महिला की मौत के मामले को उपायुक्त जितेंद्र कुमार सिंह ने गंभीरता से लिया है. डीसी ने एडीएम रैंक के अधिकारियों से घटना की जांच कराने का निर्देश दे दिया है. डीसी ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराने के बाद दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी.

भूख ने ली गिरिडीह की सावित्री की जान

ये कोई पहला वाकया नहीं जब झारखंड में भूख और तंगहाली किसी के लिए काल बना होगा. कुछ दिन पहले ही गिरिडीह की सावित्री की भूख से मौत हो गयी थी, जिसके जांच के आदेश भी सीएम ने दिये हैं. 58 साल की सावित्री काफी दिनों से भूखी थी और उसके पास राशन कार्ड भी नहीं था. वही गिरिडीह के ही सेवाटांड़ में भूख ने एक शख्स की जान ले ली थी. सिमडेगा की संतोषी को भी झारखंड के लोग नहीं भूल पाये हैं, जो भात-भात करते अपनी मां की गोद में ही मौत की नींद सो गयी थी.

इसे भी पढ़ेंःआधार कमजोर होने के कारण ढही थी डिस्टिलरी पार्क की दीवार, निगम की कार्यशैली पर उठे सवाल

जाहिर है, ऐसे संवेदनशील मसलों पर सरकार-प्रशासन की ओर से जांच के आदेश दिये जाते हैं. आनन-फानन में सरकारी मदद पहुंचाने की कोशिश भी होती है. लेकिन सवाल ये उठता है कि ऐसी नौबत ही क्यों आती है. हर बेरोजगार को काम और भूखे को खाना देने का वादा कर रही सरकार के दावों की हवा निकलती नजर आती है.  

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

na
7ocean

 

international public school

 

TOP STORY

डीबीटी की सोशल ऑडिट रिपोर्ट जारी, नगड़ी में 38 में से 36 ग्राम सभाओं ने डीबीटी को नकारा

इंजीनियर साहब! बताइये शिवलिंग तोड़ रहा कांके डैम साइड की पक्की सड़क या आपके ‘पाप’ से फट रही है धरती

देशद्रोह के आरोप में जेल में बंद रामो बिरुवा की मौत

मैं नरेंद्र मोदी की पत्नी वो मेरे रामः जशोदाबेन

दुनिया को 'रोग से निरोग' की राह दिखा रहा योग: मोदी

स्मार्ट मीटर खरीद के टेंडर को लेकर जेबीवीएनएल चेयरमैन से शिकायत, 40 फीसदी के बदले 700 फीसदी टेंडर वैल्यू तय किया

मोदी सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार ने निजी कारणों से दिया इस्तीफा

बीसीसीआई अधिकारियों को सीओए की दो टूकः अपने खर्चे पर देखें मैच

टीटीपीएस गाथा : शीर्ष अधिकारी टीटीपीएस को चढ़ा रहे हैं सूली पर, प्लांट की परवाह नहीं, सबको है बस रिटायरमेंट का इंतजार (2)

धोनी की पत्नी को आखिर किससे है खतरा, मांग डाला आर्म्स लाइसेंस

हजारीबाग डीसी तबादला मामला : देखें कैसे बीजेपी के जिला अध्यक्ष कर रहे हैं कन्फर्म