बिना इंश्योरेंस वाले ट्रक पर कोयला ढुलाई, ट्रक मालिक के कारण आम्रपाली पीओ और चरही थानेदार सवालों के घेरे में

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 02/03/2018 - 11:42

आदिवासी चालक का जीवन फंसा अंधेरे में, रिम्स में जिंदगी की लड़ाई लड़ रहा चालक ।

Hazaribag: ट्रक दुर्घटना के मामले में ट्रक मालिक की चालाकी कहें या प्रभाव उससे आम्रपाली  पीओ (टंडवा, चतरा) और चरही थानेदार सवालों के घेरे में आ गए हैं. अगर चालाकी मानें तो इन दोनों को ट्रक मालिक झांसा देने में सफल रहा अगर प्रभाव मानें तो दोनों ने ट्रक मालिक के अनुसार नियम-कानून को दरकिनार कर ट्रक मालिक के लिए काम किया. इन सब के बीच ट्रक चालक सुरेश गंझू की जिंदगी अंधेरे में पड़ गई है. वह रिम्स में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है. 
जानकारी के मुताबिक  8 जनवरी को राजस्थान से एल्युमिनियम का सामान लेकर रांची जा रहे ट्रक को चरही थाना क्षेत्र के शंकर लाइन होटल के सामने पीछे से एक ट्रक जेएच-02 टी-7161 ने टक्कर मार दी. जिसमें टक्कर मारने वाले ट्रक का चालक सुरेश गंझू गंभीर रूप से घायल हो गया. उसका दोनों पैर क्षतिग्रस्त हो गया. इस मामले में राजस्थान से रांची जा रही ट्रक के चालक वसीम अकरम ने चरही थाना में ट्रक संख्या जेएच-02 टी- 7161 के चालक पर लापरवाही से तेज गति से पीछे से धक्का मारकर उसकी गाड़ी को क्षतिग्रस्त करने की शिकायत दर्ज करायी. शिकायत पर चरही थाना में कांड संख्या 03/2018 दर्ज किया गया. घयल चालक को चरही पुलिस ने ईलाज के लिए हजारीबाग सदर अस्पताल भेज दिया. जहां उसकी गंभीर हालात को देखते हुए उसे रांची रिम्स रेफर कर दिया गया.
ऐसे खुला पूरे घटनाक्रम का फर्जीवाड़ा या प्रभाव का खेल
पूरे घटनाक्रम में ट्रक मालिक का फर्जीवाड़ा या प्रभाव का  पर्दाफाश तब हुआ जब राजस्थान के ट्रक को धक्का मारने वाली ट्रक जेएच-02टी- 7161 के मालिक मांडू निवासी बालमुकुंद सिंह ने  14 जनवरी को चरही थाना के नाम एक आवेदन लिखा. जिसमें यह कहा गया कि मेरी गाड़ी आम्रपाली से कोयला लोड़कर कुजू जा रही थी. रास्ते मे तकनीकी खराबी होने के कारण गाड़ी में लोड कोयला को दूसरे ट्रक में कोयला लोडकर  ले जाने का आग्रह किया. जिसके बाद चरही थाने में जब्त ट्रक से कोयला दूसरे ट्रक में लोड करवा दिया गया. इसी क्रम में यह भी पता चला कि आम्रपाली से कोयले लोडकर कोयला ले जा रही ट्रक का इंश्योरेंस भी नही है. इसके बावजूद ट्रक से कोयला खाली करवा कर ट्रक मालिक को कोयला ले जाने दिया गया.
किस पर और क्यों उठ रहे सवाल,कौन लेगा घायल चालक की जिम्मेवारी
इस पूरे मामले में आम्रपाली पीओ (टंडवा, चतरा) पर यह सवाल उठता है कि कैसे और क्यों नियम-कानून को पूरा किए वगैर बिना इंश्योरेंस के ट्रक में कोयला लोड किया गया और कैसे परिवहन के लिए भेजा गया. दूसरा सवाल चरही थानेदार पर उठता है कि ट्रक का दुर्घटना होने और उसपर मामला दर्ज होने के बावजूद बिना इंश्यूरेंस पेपर के कोयला परिवहन के बावजूद कैसे और क्यों खाली कर दूसरे ट्रक में लोड करने दिया ?  ट्रक मालिक ने चरही थानेदार को क्यों अपने ट्रक में तकनीकी खराबी होने की जानकारी देकर कोयला खाली करवाने का आवेदन लिखा ?  जबकि उक्त ट्रक पर चरही थाने में कांड संख्या 03/2018 दर्ज है. फिर क्यों तकनीकी खराबी होने की जानकारी चरही थानेदार को देकर ट्रक मालिक ने कोयला खाली करवाने की अनुमति मांगी ? चरही थानेदार ने जानबूझ कर ऐसा किया या होने दिया, यह जांच का विषय है. इन सब के बावजूद मुख्य सवाल यह है कि बालूमाथ, लातेहार का ट्रक चालक सुरेश गंझू, जो रिम्स में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है. उसके ईलाज और मुआवाजे की भरपाई कौन करेगा.