झारखंड सरकार के सूचना एवं जन संपर्क विभाग के Whatsapp ग्रुप से सांप्रदायिक वीडियो प्रसारित

Publisher NEWSWING DatePublished Mon, 04/23/2018 - 10:27

Ranchi : झारखंड सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा नफरत फैलाने वाली सामग्री प्रसारित करने का मंच उपलब्ध कराने का एक और मामला सामने आया है. साइबर क्राइम तथा आईटी एक्ट के अंतर्गत ऐसी पोस्ट भेजने वाले सदस्य तथा एडमिन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है.  लेकिन जब सरकार द्वारा संचालित WhatsApp ग्रुप में ही धार्मिक और जातीय नफरत वाली सामग्री आती हो, तब उसके खिलाफ कार्रवाई कौन करेगा ?

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ताजा मामला झारखंड सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के WhatsApp ग्रुप IPRD मीडिया का है.  इसमें 22 अप्रैल की शाम सात बजे एक आपत्तिजनक वीडियो डाला गया. यह एक समुदाय विशेष के खिलाफ दुर्भावना से प्रेरित है. इसमें अांबेडकर के हवाले से समुदाय विशेष के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक बातें कहीं गई हैं. इस आपत्तिजनक वीडियो पर ग्रुप के एडमिन तथा सूचना जनसंपर्क विभाग के पदाधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है. 

खबर है कि ग्रुप के कुछ सदस्यों ने इस मामले की जानकारी राज्य के वरीय अधिकारियों को दी है. लेकिन अनावश्यक विवाद में पढ़ने से बचने के लिए किसी ने लिखित शिकायत नहीं की है. लिखित शिकायत के बाद ही कोई कार्रवाई हो सकती है. लेकिन अगर किसी सदस्य द्वारा शिकायत की जाएगी, तब एडमिन को भी अभियुक्त बना दिया जाएगा. इस तकनीकी बात की जानकारी होने के बावजूद ग्रुप के एडमिन द्वारा इस पर चुप्पी साधे रखना हैरानी की बात है. 

पूर्व में भी इस ग्रुप में RSS का प्रचार करने वाली पोस्ट डाली गई थी. RSS के सुरेश जोशी भैया का प्रेस बयान 02 अप्रैल को इस ग्रुप में आया था.  उस वक्त भी  न्यूज़ विंग द्वारा खबर प्रकाशित किये जाने के बाद एडमिन ने ग्रुप में आपत्ति जताई थी. मालूम हो कि यह ग्रुप राज्य सरकार के समाचार प्रसारित करने का एकतरफा मंच है, जिसमें राज्य के वरीय मीडिया कर्मी शामिल हैं.