डीएसपी मनजरुल होदा, इंस्पेक्टर डीके मिश्रा व दारोगा संतोष रजक पर होगा चार्जशीट

Publisher NEWSWING DatePublished Fri, 12/22/2017 - 12:32

मामला धनबाद में जीटी रोड पर मवेशी लदे वाहन चालक को गोली मारने व फरजी तरीके से हथियार रख कर फंसाने का

Ranchi: धनबाद के बाघमारा के पूर्व डीएसपी मनजरुल होदा, इंस्पेक्टर डीके मिश्रा और दारोगा संतोष रजक के खिलाफ सीआईडी चार्जशीट करेगी. इससे संबंधित अनुशंसा कर दी है. अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सीआइडी के एडीजी ने अनुशंसा पर अपनी आदेश जारी कर दी है. सूत्रों ने बताया कि तीनों के खिलाफ उस मामले में चार्जशीट दाखिल की जायेगी, जिसमें ट्रक चालक व खलासी पर गोली चलाने का आरोप लगाया गया था. सीआईडी जांच में इस नतीजे पर पहुंची है कि ट्रक चालक को व खलासी को फंसाने के लिए पुलिस के अफसरों ने हथियार जब्त दिखाया. इतना ही नहीं यह आरोप भी लगाया कि पुलिस पदाधिकारियों ने चालक व खलासी के द्वारा पिस्तौल से फायरिंग किए जाने की बात भी कही. जबकि एेसा कुछ भी नहीं हुआ था. इस तरह पुलिस पदाधिकारियों ने अवैध हथियार की जब्ती दिखायी. इसलिए पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ अवैध हथियार रखने के आरोप की भी पुष्टि होती है. तीनों पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी मुकदमा चलेगा. 

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जून 2016 में तोपचांची थाना में फंदे से लटकता मिला था उमेश कच्छप का शव

घटना जून 2016 की है. जीटी रोड पर मवेशी गाड़ी की चेकिंग के दौरान दारोगा संतोष रजक ने एक ट्रक चालक को गोली मार दी थी. इस घटना को लेकर पुलिस ने जो प्राथमिकी दर्ज की थी, उसमें ट्रक के खलासी को गोली चलाने का आरोपी बनाया गया था. इस मामले में तब तूल पकड़ा जब तोपचांची थाना के तत्कालीन इंस्पेक्टर उमेश कच्छप का शव थाना परिसर में ही फंदे से लटकता मिला. उमेश कच्छप के परिजनों ने आरोप लगाया कि ट्रक चालक को गोली मारने की घटना में मन मुताबिक प्राथमिकी दर्ज करने और जांच करने के लिए उन पर दवाब डाला जा रहा था. जिस कारण उन्होंने जान दे दी. सरकार ने कैबिनेट सचिव और एडीजी सीआईडी से मामले की जांच करायी. जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि उमेश कच्छप पर वरीय अफसरों को दवाब था. जिससे वह तनाव में थे. जिसके बाद धनबाद के तत्कालीन एसएसपी सुरेंद्र झा का तबादला कर दिया गया और डीएसपी मनजरुल होदा और दारोगा संतोष रजक को निलंबित कर दिया गया था. इसके साथ ही सरकार ने इस पूरे मामले को लेकर दर्ज तीनों प्राथमिकी की जांच का जिम्मा सीआईडी को सौंप दी थी. 

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