32 वर्षीय आदिवासी युवती की मौत, दो दिन से भूखी थी

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 01/24/2018 - 17:35

Pakur: पाकुड़ जिले के हिरणपुर प्रखंड के घाघरजानी पंचायत के धोवाडंगाल गांव में मंगलवार को  32 वर्षीय आदिवासी युवती की मौत हो गयी. बताया जाता है कि युवती की मौत भूख से हुई है.  घटना की खबर मिलते ही उपायुक्त दिलीप कुमार झा के निर्देश पर बुधवार की अहले सुबह जिला आपूर्ति पदाधिकारी दिलीप कुमार तिवारी, बीडीओ गिरिजा शंकर महतो, एमओ नोरिक रविदास ने गांव पहुंचकर घटना की विस्तृत जानकारी ली. वहीं मौके पर पहुंचे सांसद विजय हांसदा पहुंचे और  पीड़ित परिवार को ढा़ढस बंधाया. साथ ही सांसद ने परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया. 

दो दिन से भूखी थी लुखी मुर्मू

जानकारी के अनुसार मृतक 32 वर्षीय लुखी मुर्मू बीते दो-तीन दिनों से कुछ नहीं खाई थी. जिसके कारण दिन-प्रतिदिन उनकी तबियत बिगड़ती गयी. जिसके कारण मंगलवार शाम करीब 4 बजे घर में ही उनकी मौत हो गयी. ग्रामीण बताते हैं कि परिवार की अर्थिक स्थिति काफी दयनीय है. जबकि बीते चार माह से राशन दुकान से राशन नहीं मिला था. इस कारण घर में खाने के लाले पड़े हुए थे. इस दौरान उसकी तबियत भी खराब हो गयी.

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ई-पॉस मशीन में अंगूठा का निशान नहीं आने के कारण नहीं मिल रहा था राशन

बताया जा रहा है कि राशन दुकान में जाने पर ई-पॉस मशीन में अंगूठे का निशान नहीं आने पर डीलर ने अनाज देने से इंकार कर दिया था. जिसके कारण कई बार वह  गांव में लोगों से चावल मांगकर अपना पेट पालने पर मजबूर थी.  घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है.  इस बाबत डीएसओ  तिवारी ने बताया कि मामले को देखने से ऐसा लगता है कि इसकी मौत भूख से नहीं बल्कि बीमारी से हुई है.  फिर भी अगर डीलर ने चार माह से अनाज नहीं दिया है, तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

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भूख से हुई है मौतः ग्राम प्रधान

इस मामले में ग्राम प्रधान ग्राम प्रधान रावण हेम्ब्रम ने बताया कि इनकी मौत भूख से हुई है.  मुखिया लुईसा हेम्ब्रम ने मौत की वजह बीमारी के साथ-साथ भूख को भी बताया है. उनका कहना था कि अगर अनाज मिल जाता तो शायद इसकी मौत नहीं होती. ग्रामीण रूसिल हेम्ब्रम ने बताया कि इनकी मौत भूख से हुई है.  घर में चावल का दाना नहीं है.  मृतक की चचेरी बहन नीरू मुर्मू ने बताया कि वह पहले बीमारी थी. परंतु कई दिनों से राशन नहीं मिला , जिससे वह दो दिनों से भूखी थी और उसकी मौत हो गयी. समाजसेवी बाबुधन मुर्मू ने कहा कि डीलर द्वारा अनाज न देना दुखद है और भूख की वजह से ही  इसकी जान चली गई. इस पर कार्रवाई होनी चाहिए.

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नहीं मिला था फिंगर प्रिंटः डीलर

डीलर चैतन मरांडी ने बताया कि कल मृतक की छोटी बहन फुलीन मुर्मू राशन लेने आयी थी. परंतु ई पॉश मशीन में फिंगर प्रिंट नही आई थी. मृतक के परिजन दो महीने पूर्व राशन लेने नही आई थी ,वो लोग दूसरे गांव में भी कई दिनों तक रहता है.

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