वाहन चेकिंग के दौरान दुमका परिवहन पदाधिकारी विद्याभूषण से दुर्व्यवहार, मंत्री लुईस मरांडी ने बैठक कर प्राथमिकी दर्ज करने से मना किया

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 03/01/2018 - 19:16

Ranchi: झारखंड में अफसरों साथ दुर्व्यवाह की घटना बढ़ती जा रही है. गंभीर बात यह है कि सरकार के विधायक तो दुर्व्यवहार करते ही हैं, उनके लोग भी पीछे नहीं रह रहे. सरकार के मंत्री दुर्व्यवहार करने वालों के पक्ष में खड़े हो जाते हैं.  सरायकेला में विधायक साधु चरण महतो द्वारा डीसीएलआर के साथ मारपीट करने की घटना के बाद दुमका में एक और घटना सामने आयी. जिसमें कुछ लोगों ने जिला के दंडाधिकारी सह परिवहन पदाधिकारी विद्याभूषण के साथ धक्का मुक्की की, दुर्व्यवहार किया और आराम से निकल गए. उन लोगों ने परिवहन पदाधिकारी विद्याभूषण को बदनाम करने की कोशिश भी की. गंभीर बात यह है कि इस मामले में जब श्री विद्याभूषण ने थाना में लिखित शिकायत दी, तब मंत्री लुईस मरांडी ने बीच में हस्तक्षेप करके प्राथमिकी दर्ज नहीं होने दिया.

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दुमका में तैनात पुलिस के जवान.

धक्का-मुक्की की, शोर मचाया कि शराब पीकर वाहन चेकिंग कर रहे हैं

जानकारी के मुताबिक सुबह में जिला परिवहन पदाधिकारी वाहनों की चेकिंग कर रहे थे, तभी मनोज कुमार शाह, धनंजय कुमार मिश्र, मिलन कुमार सेन 30-40 लोगों के साथ वहां पहुंचे और वाहन चेकिंग का विरोध किया. इतना ही उनका हाथ पकड़ कर धक्का-मुक्की की. वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह उन्हें बचाया. वाहन चेकिंग के दौरान जिन वाहनोंं को रोका गया था, उसकी चाबी छीन कर वाहन मालिकों को दे दिया. मनोज कुमार शाह समेत अन्य लोगों ने यह कह कर श्री विद्याभूषण को बदनाम करने की कोशिश भी किया कि वह शराब पीकर वाहन चेकिंग कर रहे हैं.

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सदर अस्पताल के डॉक्टर की रिपोर्ट.

डॉक्टर ने अपनी रिपोर्ट में कहा शराब के नशे में नहीं थे पदाधिकारी

इस घटना के बाद परिवहन पदाधिकारी विद्याभूषण ने दुमका सदर अस्पताल में जाकर अपना मेडिकल चेक अप कराया. चिकित्सक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वह शराब के नशे में नहीं थे. इसके बाद परिवहन पदाधिकारी ने दुमका थाना में लिखित आवेदन देकर उपरोक्त लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आग्रह किया. आवेदन के साथ उन्होंने सदर थाना का सर्टिफिकेट भी लगाया है.

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परिवहन पदाधिकारी ने थाना में दिया है लिखित आवेदन, नहीं दर्ज हुई प्राथमिकी.

चार घंटे तक बैठक कर मंत्री ने अफसरोंं को दिया प्राथमिकी नहीं दर्ज करने का निर्देश

पूरे मामले की जानकारी जब शहर में फैली, तब मंत्री लुईस मरांडी सर्किट हाउस पहुंच गयी. वहां पर मंत्री ने चार घंटे तक जिला के अधिकारियों के साथ बैठक की. और निर्देश दिया कि इस मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं किया जाये. रात के 7.30 बजे तक जिला परिवहन पदाधिकारी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी थी. मामले को लेकर मंत्री लुईस मरांडी से उनके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गयी, लेकिन उनका मोबाइल नहीं लगा.

 

 

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