क्या देवघर जिला प्रशासन ने गलत तरीके से शिबू सोरेन का नाम हटाकर सांसद निशिकांत दुबे को विद्युत कमेटी का अध्यक्ष बनाया !

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 01/27/2018 - 12:30

Anant jha

Deoghar:  भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा क्रियान्वित योजनाओं जैसे दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना एवं समेकित विद्युत विकास योजना के सफल क्रियान्वयन, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन के लिए सभी जिला में विद्युत कमेटी का गठन किया गया है. प्रावधान के अनुसार कमेटी के अध्यक्ष जिला  के वरिष्ठ सांसद को बनाया जाना है. कमेटी में अन्य पदाधिकारी के रुप में अन्य क्षेत्रीय सांसदों को उपाध्यक्ष बनाया जाना है. जिला के उपायुक्त कमेटी के कन्वेनर होते हैं और दूसरे जन प्रतिनिधि सदस्य. देवघर में इस प्रावधान का पालन नहीं किया गया. देवघर जिला प्रशासन ने सबसे सीनियर सांसद शिबू सोरेन का नाम हटाकर सांसद निशिकांत दुबे को कमेटी का अध्यक्ष बना दिया. कमेटी का गठन वर्ष 2015 में किया गया था. शिबू सोरेन झामुमो से सांसद हैं और निशिकांत दुबे भाजपा से. शिबू सोरेन ना सिर्फ निशिकांत दुबे से वरिष्ठ हैं, बल्कि राज्य के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं.

इसे भी पढ़ें - बकोरिया कांडः 30 माह बाद हुई नक्सली बताकर मारे गए तीन नाबालिग बच्चों की पहचान

उप विकास आयुक्त ने निशिकांत को अध्यक्ष बनाने पर की थी आपत्ति

आरटीआई से मिले दस्तावेज के अनुसार  देवघर जिला में कमेटी गठित करने के लिए जो प्रस्ताव तैयार किया गया था, उसमें सांसद शिबू सोरेन को अध्यक्ष और निशिकांत दुबे को उपाध्यक्ष बनाने की बात कही गयी थी. प्रस्ताव जब जिला के तत्कालीन उपायुक्त अमित कुमार के पास पहुंची, तब उन्होंने प्रस्ताव में परिवर्तन करके अध्यक्ष पद के लिए सांसद निशिकांत का नाम  जोड़ दिया. देवघर के तत्कालीन उप विकास आयुक्त ने इस पर आपत्ति भी की थी. तत्कालीन उप विकास आयुक्त ने संचिका पर लिखा था कि यह भारत सरकार के प्रावधानों का उल्लंघन है.  बाद में डीसी ने उप विकास आयुक्त से बात की.  जिसके बाद उप विकास आयुक्त ने लिखा कि आपके (डीसी) द्वारा दूरभाष पर मिले निर्देशानुसार सांसद निशिकांत दुबे को कमेटी का अध्यक्ष और शिबू सोरेन को उपाध्यक्ष बनाया जा सकता है. 

इसे भी पढ़ें - झारखंड-बिहार में जीएसटी के बाद बढ़ा कर संग्रह

शिबू सोरेन की तरह निशिकांत दुबे भी दूसरे जिला की कमेटी के हैं अध्यक्ष 

सांसद शिबू सोरेन को देवघर जिला कमेटी का अध्यक्ष नहीं बनाये जाने को लेकर देवघर के तत्कालीन डीसी अमित कुमार ने तर्क दिया था कि शिबू सोरेन दुमका जिला के लिए गठित विद्युत कमेटी के अध्यक्ष हैं. इसलिए उन्हें देवघर जिला कमेटी में अध्यक्ष नहीं बनाकर उपाध्यक्ष बनाया जाए.  जबकि उसी दौरान गोड्डा जिला के लिए गठित विद्युत कमेटी के अध्यक्ष भी सांसद निशिकांत दुबे भी थे. तत्कालीन डीसी ने शिबू सोरेन की तरह निशिकांत दुबे के मामले ध्यान नहीं दिया गया. सवाल यह उठता है कि अगर दूसरे जिला की कमेटी का अध्यक्ष होने की वजह से शिबू सोरेन देवघर जिला कमेटी का अध्यक्ष नहीं बन सकते, तो फिर गोड्डा जिला की कमेटी का अध्यक्ष रहते हुए निशिकांत दुबे कैसे देवघर जिला कमेटी का अध्यक्ष बनाये जा सकते हैं. 

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

7ocean

 

international public school

 

TOP STORY

हजारीबाग डीसी तबादला मामला : देखें कैसे बीजेपी के जिला अध्यक्ष कर रहे हैं कन्फर्म  

न्यूज विंग की खबर का असर :  फर्जी  शिक्षक नियुक्ति मामले में तत्कालीन डीएसई दोषी करार 

बिजली बिल के डिजिटल पेमेंट से मिलता है कैशबैक, JBVNL नहीं शुरू कर पायी है डिजिटल पेमेंट की व्यवस्था

स्वीकार है भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की खुली बहस वाली चुनौती : योगेंद्र प्रताप

लाठी के बल पर जनता की भावनाओं से खेल रही सरकार, पांच को विपक्ष का झारखंड बंद : हेमंत सोरेन   

सुप्रीम कोर्ट का आदेश : नहीं घटायी जायेंगी एमजीएम कॉलेज जमशेदपुर की मेडिकल सीट

मैट्रिक व इंटर में ही हो गये 2 लाख से ज्यादा बच्चे फेल, अभी तो आर्ट्स का रिजल्ट आना बाकी  

बीजेपी के किस एमपी को मिलेगा टिकट, किसका होगा पत्ता साफ? RSS बनायेगा भाजपा सांसदों का रिपोर्ट कार्ड

आतंकियों की आयी शामतः सीजफायर खत्म, ऑपरेशन ऑलआउट में दो आतंकी ढेर- सर्च ऑपरेशन जारी

दिल्ली: अनशन पर बैठे मंत्री सत्येंद्र जैन की बिगड़ी तबियत, आधी रात को अस्पताल में भर्ती

भूमि अधिग्रहण पर आजसू का झामुमो पर बड़ा हमला, मांगा पांच सवालों का जवाब