निगम की बैठक में दिखी पार्षदों की नाराजगी, सासंद ने अधिकारियों को लगाई कड़ी फटकार

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 05/16/2018 - 20:55

Ranchi : रांची नगर निगम द्वारा बुलाई गई निगम बोर्ड की बैठक में सभी पार्षदों का गुस्सा सतह पर आ गया. शहर के 53 वार्ड पार्षदों ने अपने क्षेत्र में लोगों के बीच उत्पन्न हो रही जलापूर्ति, साफ-सफाई सहित अन्य मुद्दों पर जमकर नारेबाजी की. वही कुछ पार्षदों ने अधिकारियों द्वारा उनके साथ किये जा रहे अभद्र व्यवहार का भी मुद्दा उठाया. बैठक में मेयर आशा लकड़ा, डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय, नगर आयुक्त शांतनु अग्रहरि, राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार सहित निगम व पेयजल विभाग के कई अधिकारी उपस्थित थे.

जलसंकट व साफ-सफाई को लेकर बुलाई गई थी बैठक

मालूम हो कि निगम बैठक की उक्त बैठक शहर में उत्पन्न हो रहे जल संकट, नये परिसीमन के कारण वार्ड क्षेत्र में साफ-सफाई की समीक्षा जैसे मुद्दों पर बुलाई गई थी.

पार्षदों ने बताई समस्या

बोर्ड की बैठक शुरू होते ही पार्षदों ने अपने क्षेत्र की तमाम समस्यों को बताना शुरू किया. ज्यादातर पार्षदों ने वार्ड क्षेत्र में पाइपलाइन होने के बावजूद नियमित रूप से पानी सप्लाई नहीं होने की बात कही. पार्षदों ने जिन वार्ड के मोहल्लों में जलापूर्ति की समस्या है वहां टैंकर से जलापूर्ति कराने की बात बोर्ड के समक्ष रखी.

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कई मुद्दों पर पार्षदों ने व्यक्त की अपनी नाराजगी

बैठक के दौरान विभिन्न पार्षदों ने अधिकारियों द्वारा अपने साथ किये जा रहे गलत व्यवहार, फर्जी बिजली बिल, पाइप लाइन होने के बावजूद पानी नहीं आने की समस्या से अधिकारियों को अवगत कराया. वार्ड 20 के पार्षद सुनील यादव, वार्ड 25 के पार्षद अर्जुन राम ने बताया कि वार्ड के कई इलाकों में पानी का मेन पाइन लाइन तो बिछा दिया गया है फिर भी लोगों को पानी उपलब्ध नहीं कराया जा सका है.

अभद्रता व संसाधनविहीन बनाने का लगाया आरोप

बैठक में जहां वार्ड नंबर 19 के पार्षद रोशनी खलखो ने अधिकारियों द्वारा उनके साथ किये जा रहे गलत व्यवहार का मुद्दा उठाया. वार्ड 31 के पार्षद अशोक यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव हुए करीब एक माह का समय बीत चुका है, लेकिन निगम द्वारा अभी तक विकास कार्यों के लिए संसाधन उपलब्ध नहीं कराया जा सका है. निगम की इस गतिविधि के कारण तमाम पार्षद संसाधनविहीन हो चुके हैं. इससे उनके समक्ष विकास कार्य करने में कई समस्या उत्पन्न हो रही है.

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सांसद व नगर आयुक्त ने लगाई फटकार

बैठक में सांसद महेश पोद्दार ने पेयजलापूर्ति विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई. सांसद ने कहा कि कई इलाकों में पानी आने या नहीं आने जैसे मुद्दे को देखने का काम पेयजलापूर्ति विभाग का है, लेकिन पार्षदों द्वारा की जा रही शिकायत को विभाग के अधिकारी नजरअंदाज करते रहे हैं. वहीं अधिकारियों द्वारा पार्षदों साथ किये जा रहे गलत व्यवहार पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है. जल्द ही मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी.

वाटर हार्वेस्टिंग करने की सांसद ने दी नसीहत 

पानी की किल्लत दूर करने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग की बात करते हुए राज्यसभा सांसद ने अधिकारियों से यह प्रश्न किया कि शहर के कितने प्रतिशत सार्वजनिक इलाकों में वाटर हार्वेस्टिंग की गई है. इसपर अधिकारियों ने बताया कि केवल 33 से 35 प्रतिशत इलाकों में ही ऐसी व्यवस्था की गई है. इसपर सांसद ने अधिकारियों को हिदायत देते हुए कहा कि जल्द ही ऐसे सार्वजनिक स्थल का चुनाव कर वाटर हार्वेंस्टिंग की व्यवस्था करें.

दस पानी टैंकर देने का वादा

बैठक के दौरान सांसद महेश पोद्दार ने पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए निगम को 4000 लीटर के 10 पानी टैंकर देने का वादा किया.

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