जनजातीय हिजला मेले को लेकर दिसोम मारांगबुरु संताली आरीचली आर लेगचार आखड़ा की बैठक

Publisher NEWSWING DatePublished Mon, 05/07/2018 - 21:50

Dumka : दिसोम मारांग बुरु संताली आरीचली आर लेगचार आखड़ा द्वारा दुमका प्रखंड के सरवा पंचायत स्थित हिजला गांव में 128 वर्ष पुराना राजकीय जनजातीय हिजला मेला महोत्सव को और भी भव्य एवं आकर्षक रूप कैसे दिया जाए, इसको लेकर ग्रामीणों ने बैठक की. आखड़ा और ग्रामीणों का कहना है कि 128 वर्ष पुराना यह राजकीय जनजातीय मेला है, जो झारखण्ड राज्य के लिय गौरव की बात है. यह मेला यहां के आदिवासियों के लिए सिर्फ मेला नही है, इस यहां के आदिवासियों का सांस्कृतिक और धार्मिक जुड़ाव है. इसका समयानुसार अपेक्षित प्रचार प्रसार नही हो पाया. आखड़ा और ग्रामीणों ने दुमका प्रशासन, जन प्रतिनिधियों और सरकार से जनजातीय हिजला मेला को और भव्य बनाने के लिय कई मांगें रखी हैं.

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आखड़ा व ग्रामीणों की मांग

- राजकीय जनजातीय हिजला मेला को राष्ट्रीय मेला घोषित किया जाय और पर्यटन के रूप में विकसित किया जाय.

- मेला परिसर में स्थित संताल आदिवासियों का पूज्य स्थल दिसोम मरांगबुरु थान का आदिवासी विधि-विधान व संस्कृति के अनुसार पक्कीकरण किया जाय और संगमरमर से शुशोभित किया जाय.

- मेला परिसर का भीतरी कला मंच जहाँ छात्र और ग्रामीण संध्या को नाटक दिखाते है, इसे और भव्य बनवाया जाय ताकि नाटक देखने आये छात्र और ग्रामीणों को दिक्कत का सामना नही करना पड़े.

- हिजला गांव के पास मयूराक्षी नदी पर पुल बनवाया जाय ताकि मेला के समय नदी के दूसरे छोर से ग्रामीण मेला देखने आ सके. अक्सर नदी में पानी रखने के कारण वे मेला नही आ पाते हैं. पुल बनने पर बाबा चुटोनाथ और दिसोम मारंग बुरु थान, हिजला जुड़ जायेगा. इससे कई सौ ग्रामीणों को फायदा होगा, जो रोज जोखिम लेकर रोजगार के लिए दुमका आते हैं.

- हिजला पहाड़ के चारों ओर स्थित गांवो को प्रशासन, सरकार गोद ले और इसका विकास करे.    

- हिजला पहाड़ को आदिवासी पर्यटन के रूप में विकसित किया जाय. इसे ओपन एयर म्यूजियम (Open Air Museum) के रुप मे विकसित किया जाय, जिसमे आदिवासियों के जीवन से मरण तक, पर्व,पूजा-पाठ,विधि-विधान की झलक मिले.

- हिजला मेला प्रथम उद्घाटन स्थल के बगल सड़क में राजकीय जनजातीय हिजला मेला महोत्सव के नाम एक स्थायी पक्का का गेट बनवाया जाय.

- हिजला मेला को डिजिटल किया जाय. इसको वेब साइट के माध्यम ऑन लाइन लाइव दिखाया जाय ताकि पूरे विश्व के लोग इसे देख सके.

- हिजला गांव के संताल आदिवासियों का पूज्य स्थल जाहेर थानको पक्की दीवार से घेरा जाय और सुन्दरीकरण किया जाय.

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बैठक में ये रहे मौजूद

इस बैठक में सुनीलाल हांसदा,सीताराम सोरेन,झारखण्ड मरांडी,प्रदीप हांसदा,लुखु हांसदा,प्रेम हांसदा,राजू टुडू,लाल हांसदा,अबीसेंड हांसदा,मरकुस हेम्ब्रोम,मनोज हेम्ब्रोम,हरिलाल हांसदा,अन्जय हेम्ब्रोम,कदरु हांसदा,अनिल टुडू,अरविन्द टुडू,संजय हांसदा,छोटू किस्कू आदि ग्रामीण उपस्थित थे. 

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