भगाकर लाए गए कांग्रेस-जेडीएस विधायकों को कई बार शरण दे चुका है इगलटन

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 05/17/2018 - 11:53

Prakash Chandlia

2006 में जेडीएस के कुमारस्वामी ने अपने विधायकों को यहां टिकाया था, तो 2017 में गुजरात में राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस यहां 42 विधायकों को भगाकर लाई थी. बंगलुरू के जिस इगलटन रिसॉर्ट में कर्नाटक के कांग्रेस एवं जेडीएस विधायकों ने शरण ली है, उसके साथ कांग्रेस द्वारा शरण लेने का पुराना इतिहास भी है. बात बहुत पुरानी नहीं है.

2006 में जेडीएस के कुमारस्वामी ने अपने विधायकों को यहां टिकाया था, तो 2017 में गुजरात में राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस यहां 42 विधायकों को भगाकर लाई थी. मजे की बात है कि 2017 में कर्नाटक की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने गुजरात के कांग्रेस विधायकों को टिकाने के दो दिन पहले इस पर ठोका था 982 करोड़ का पेनाल्टी नोटिस. यह भी याद दिला दें कि गुजरात कांग्रेस के विधायकों के यहां शरण लेने के दो दिन पहले ही कर्नाटक की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इस इगलटन रिसॉर्ट के मालिक पर टैक्स चोरी के मामले में 982 करोड़ का पेनाल्टी नोटिस भेजा था.

क्या है 982 करोड़ पेनाल्टी नोटिस का मामला

कर्नाटक के तत्कालीन कानून मंत्री टी बी जयचन्द्र ने 27 जुलाई 2017 को एक कैबिनेट फैसले के अन्तर्गत लिए गए निर्णय के अनुसार इगलटन को पेनाल्टी का नोटिस भेजते समय इसके मालिकों को साफ लिखा था- 982 करोड़ की पैनाल्टी चुकाओ, या जमीन सरकार को वापस करो. इस नोटिस में सुप्रीम कोर्ट के एक निर्णय का हवाला दिया गया था. हालांकि, एक और मौजूं तथ्य है कि वर्ष 2012 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने इगलटन रिसॉर्ट से 82.69 करोड़ रुपए लेकर इसकी 77 एकड़ जमीन को रेगुलराइज कर दिया था.

कई बार लाए गए हैं पार्टियों के नेता

इगलटन वर्ष-2017 के गुजरात के कांग्रेस विधायकों की शऱणस्थली रहा, या अब 2018 में उसने फिर कर्नाटक के कांग्रेसी विधायकों को पनाह दी है, ऐसा नहीं है. वर्ष 2006-07 में जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी, जिनके रामनगर जिले के विधानसभा क्षेत्र में यह रिसॉर्ट स्थित है, ने भी भाजपा द्वारा खरीद-फरोख्त की आशंका के मद्देनज़र अपनी पार्टी के विधायकों को यहां टिकाया था.

वर्ष 2017 में गुजरात के कांग्रेसी विधायक यहां तत्कालीन ऊर्जा मंत्री डी के शिवकुमार और उनके सांसद भाई डी के सुरेश की निगरानी में यहां रूके थे. उनका विधानसभा क्षेत्र कनकपुरा है, जो रामनगर विधानसभा क्षेत्र के पड़ोस में ही हैं. तत्कालीन ऊर्जा मंत्री डी के शिवकुमार के भाई डी के सुरेश बंगलुरू रूरल से कांग्रेस के सांसद हुआ करते थे.

2017 में गुजरात से लाए गए विधायकों पर पत्रकारों द्वारा सवाल किए जाने पर शिवकुमार ने कहा था, महात्मा गांधी के प्रदेश से कांग्रेस विधायक सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रदेश में आए हैं.

कैसा है इगलटन रिसॉर्ट, कौन हैं मालिक

इगलटन रिसॉर्ट 77 एकड़ जमीन पर फैला हुआ है. इसके मालिक मेडा अशोक कुमार थे जो आन्ध्र प्रदेश के बड़े उद्योगपति माने जाते थे. उन्होंने इस रिसॉर्ट को 2000 में खरीदा था. उस समय उन्होंने कांग्रेस के साथ अपने राजनैतिक सम्बन्धों का फायदा उठाते हुए विशाल भूखण्ड को 100 फीसद करमुक्त करवा लिया था. कथित तौर पर यह फायदा उन्हें कर्नाटक की पर्यटन नीति के अन्तर्गत दिया गया था. इगलटन रिसॉर्ट का गोल्फ ग्राउण्ड विश्वस्तरीय है. मेडा अशोक कुमार की वर्ष 2013 में मृत्यु हो गयी थी. उसके बाद उनके दो पुत्र- मेडा किरण कुमार और मेडा चेथन इसका संचालन करते हैं. इस मेडा परिवार का मैसूर में इगलबर्ग नाम से विशाल गोल्फ रिसॉर्ट भी है.

ठहरते हैं देश-विदेश के नामचीन लोग

इगलटन मालिकों के सम्पर्क विश्वव्यापी हैं. यही कारण है कि इस विशाल रिसॉर्ट में देश के नामचीन लोगों के साथ-साथ विदेशी लोग भी आते रहते हैं. विदेशी कम्पनियों के आला अधिकारी बैंगलोर आने पर इगलटन में ही ठहरना पसन्द करते हैं.

लेखक महानगर मीडिया समूह के प्रधान सम्पादक हैं.

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