शिक्षा व्यवस्था का हाल : 90 हजार विद्यार्थियों ने लिखी  इंटर की परीक्षा,  50 हजार हो गये फेल

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 06/07/2018 - 15:32

Ranchi  : राज्य की शिक्षा व्यवस्था का हाल क्या है, यह किसी से अब छिपा नहीं है. स्कूलों में आधी पढ़ाई खत्म हो जाने के बाद किताबें मुहैया करायी जाती हैं.  कहीं कहीं तो वह भी नहीं करायी जातीं. शिक्षा का हाल इतना बेहाल हो चुका है कि आधे से अधिक विद्यार्थी इंटर की परीक्षा में फेल हो गये हैं. बता दें कि इंटर साइंस में कुल 93,781 में से 49,104 विद्यार्थी फेल हो गये, वहीं  कॉमर्स में 40,244 में से 13,080 विद्यार्थी फेल हो गये हैं. हालांकि जैक अध्यक्ष ने कहा कि पढ़ाई का स्तर सही है, क्योंकि फर्स्ट क्लास श्रेणी में पास होने वाले छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. झारखंड एकेडमिक काउंसिल दवारा इंटर साइंस के लिए हुई परीक्षा में कुल 93,781 छात्रों ने आवेदन किया था. जिनमें से कुल 92,405 परीक्षा में शामिल हुए. इनमें से कुल 16,618 परीक्षार्थी प्रथम श्रेणी में उर्तीण हुए. दवितीय श्रेणी में 26,337 और तृतीय श्रेणी में 1711 और 11 छात्र जस्ट पास घोषित किये गये.  वहीं कॉमर्स में 40,925 आवेदित छात्रों में से 40,244 ने परीक्षा में भाग लिया, जिसमें से फर्स्ट डिवीजन में 6127, 18,267 छात्र सेकेंड डिवीजन और 2770 छात्र थर्ड डिवीजन से पास हुए.

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रिजल्ट की सबसे अच्छी बात ये है कि सुदूरवर्ती इलाकों में रिजल्ट बेहतर हुआ है. साथ ही हम लगातार शिक्षक की कमियों को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं . उम्मीद है कि हम आने वाले समय में रिजल्ट में सुधार  करने का प्रयास करेंगे.
                                                      डाॅ. नीरा यादव, शिक्षा मंत्री

दबाव में जारी किया रिजल्टः जैक अध्यक्ष

जैक अध्यक्ष ने संवादाताओं से बात करते हुए बताया कि दबाव में आकर छात्रों के भविष्य को देखते हुए रिजल्ट जारी किया गया है. नीट और जेईई के रिजल्ट और अन्य संस्थानों की नामांकन प्रक्रिया को देखते हुए रिजल्ट जारी कर दिया गया है. बताया कि कॉपी अभी मूल्यांकन केंद्रों मे ही हैं. वहां से आने के बाद पुर्नमूल्यांकन करने के बाद टॉपरों  की सूची जारी कर दी जायेगी.

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पिछले साल की तुलना में गिरा है रिजल्ट

पिछले बार की तुलना में इस बार रिजल्ट खराब हुआ है. पिछले साल साइंस में 52.36 प्रतिशत था, वहीं इस बार 48.34 प्रतिशत रह गया. वहीं कॉमर्स के रिजल्ट में इस बार सात प्रतिशत सुधार आया है . पिछले वर्ष रिजल्ट 60.09 प्रतिशत  था वहीं इस बार 67.49 प्रतिशत हो गया है.

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