बिजली बिल की सब्‍सिडी गैस सब्सिडी की तरह उपभोक्‍ताओं के बैंक खाते में हो सकती है ट्रांसफर

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 02/17/2018 - 17:25

Ranchi: झारखंड बिजली वितरण निगम ने अब अपने उपभोक्‍ताओं को बिजली पर सब्सिडी देने के लिए नया कैशबैक प्‍लान तैयार किया है. अगर झारखंड राज्‍य उर्जा नियामक आयोग जेबीवीएनएल के इस प्रस्‍ताव को मंजूर कर लेती है तो गैस सब्सिडी की तरह ही अब बिजली बिल में मिलने वाली सब्सिडी भी सीधे कंज्‍यूमर के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर होगी. इससे ग्राहकों को शत प्रतिशत बिजली टैरिफ की बढ़ोत्तरी से राहत मिल सकती है.

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ऐसा है झारखंड में बिजली बिल में कैशबैक स्‍कीम का प्रस्‍ताव

अगर घरेलू उपभोक्ता महीने में 200 यूनिट बिजली की खपत करते हैं तो उन्हें इस पर चार रुपये प्रति यूनिट की दर से सब्सिडी दी जा सकती है. खपत 300 यूनिट तक होने पर प्रति यूनिट तीन रुपये तक सब्सिडी का प्रावधान किया जा सकता है. तीसरे स्लैब के अंतर्गत प्रति महीने बिजली की खपत 400 यूनिट होने पर दो रुपये प्रति यूनिट सब्सिडी दी जा सकती है.

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500 यूनिट से अधिक पर सब्सिडी नहीं

राज्य सरकार 500 यूनिट से अधिक की बिजली खपत पर सब्सिडी नहीं देने पर विचार कर रही है. ऐसे घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक चार रुपये प्रति यूनिट इसके बाद के सौ यूनिट की खपत यानी 300 यूनिट तक प्रति यूनिट तीन रुपये और 400 यूनिट तक दो रुपये प्रति यूनिट सब्सिडी दी जाएगी. इसके बाद के 100 यूनिट यानी 500 यूनिट की खपत पर एक रुपये की सब्सिडी दी जाएगी. 500 यूनिट से अधिक की जो खपत होगी उस पर सब्सिडी नहीं दी जाएगी.

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ग्रामीण क्षेत्रों में आदिवासी उपभोक्‍ताओं के लिए खास स्‍कीम का प्रस्‍ताव

जेबीवीएनएल ने बिजली टैरिफ के लिए एक नयी सब कैटेगरी आदिवासी समूह (पीटीजी) को शामिल किया है. इस कैटेगरी के उपभोक्‍ताओं को बिजली बिल में विशेष छूट देने का प्रावधान किया गया है. इसके जरिये ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्‍ताओं को वैध बिजली कनेक्‍शन लेने के लिए प्रोत्‍साहित किया जायेगा. जेबीवीएनल ने बिजली बिलिंग के लिए सभी कैटेगरी के उपभोक्‍ताओं के लिए तकनीक में भी बदलाव पर विचार कर रही है. अब तक बिजली बिलिंग किलोवाट पर आधारित होती रही है. अब इसमें बदलाव भी होगी. जेबीवीएनएल के प्रबंध निदेशक राहुल पुरवार ने नये प्रस्तावित टैरिफ स्‍ट्रक्‍चर के बारे में बताया कि नयी योजना के अंतर्गतजेबीवीएनएल ने सभी श्रेणियों में लगभग 100 प्रतिशत बिजली टैरिफ में वृद्धि करने का इरादा है. उदाहरण के लिएग्रामीण घरेलू उपभोक्ता वर्तमान में फिक्‍सड चार्ज 16 रुपये प्रति कनेक्शन का भुगतान करते हैं, अब उन्‍हें 60 रुपये देने होंगे.

नेशनल टैरिफ पॉलिसी 2016 के अनुसार खत्‍म होंगे सब्सिडी

राहुल पुरवार ने बताया कि "नेशनल टैरिफ पॉलिसी 2016 के अनुसार सरकार की ओर से मिलने वाली सभी तरह की सब्सिडी को खत्‍म कर देनी चाहिए.  पुरवार ने बताया कि दीवाली तक राज्य के सभी घरों तक बिजली कनेक्शन भी पहुंचा दिया जायेगा. सभी जगहों पर 100 प्रतिशत मीटरिंग सुनिश्चित करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है. राज्य के 12 लाख अन मीटर्ड कनेक्शन को दिसंबर 2018 तक मीटर्ड कर दिया जायेगा.  जेबीवीएनएल के जनसंपर्क अधिकारी एमपी यादव ने बताया बिजली टैरिफ बढ़ोत्तरी से जुड़ा प्रस्‍ताव हमने एक महीना पहले ही जेएसईआरसी को भेज दिया है. उसी के अनुसार झारखंड राज्‍य उर्जा नियामक आयोग ने आमलोगों से सलाह और आपत्ति मांगी थी. उन्‍होंने बताया कि हमें हर महीने सरकार से करीब 150 करोड़ रुपये लेना पड़ता है. इस जरूरत को हम खत्‍म करना चाहते हैं. और इसी के लिए बिजली बिल की टैरिफ में बढ़ोत्तरी कर रहे हैं.

छत्‍तीसगढ़, बिहार और दिल्‍ली का टैरिफ बना आधार

अपने प्रस्‍ताव के साथ जेबीवीएनएल ने छत्‍तीसगढ़, बिहार और दिल्‍ली में व्‍यवसायिक बिजली टैरिफ का उदाहरण दिया है. जेबीवीएनल ने बताया है कि छत्‍तीसगढ़ में शून्‍य से 100 यूनिट तक 5.75 यूनिट, 101-500 यूनिट के लिए 6.75 और 500 यूनिट से ज्‍यादा के लिए 8.05 रुपये बिजली टैरिफ तय की गयी है. इसी तरह बिहार में 100 यूनिट तक 6 रुपये, 101 से 200 यूनिट के लिए 6.50 रुपये और 200 यूनिट से उपर के लिए 7.00 रुपये है.

बिजली दर में वृद्धि का यह है प्रस्ताव 

 घरेलू (ग्रामीण)- 6.25 रुपये प्रति यूनिट

घरेलू (शहरी)- 7.00 रुपये प्रति यूनिट

कॉमर्शियल (ग्रामीण)- 6.50 रुपये प्रति यूनिट

कॉमर्शियल (शहरी)- 6.50 रुपये प्रति यूनिट

एलटी डिमांड बेस्ड- 5.50 रुपये प्रति यूनिट

एचटी- 6.00 रुपये प्रति यूनिट

 यह है विभिन्न श्रेणी की दर

 श्रेणी                                                      दर (रुपए प्रति यूनिट)

 डीएसवन कुटीर ज्योति मीटर                1.25

डीएसवन मीटर (50-100 यूनिट)          1.25

डीएस वन मीटर (0-100 यूनिट)           1.60

डीएसवन मीटर (201 यूनिट से अधिक) 1.70

डीएस टू (0-100 यूनिट)                      3.00

डीएस टू (101 से 200 यूनिट)             3.00

एनडीएस थ्री (0-250 यूनिट)             6.80

एनडीएस थ्री(251-500 यूनिट)          6.80

एनडीएस थ्री(500 यूनिट से अधिक)  6.80

लो टेंशन                                          5.50

आइएएस(सिंचाई)                          0.70

आइएएस टू(सिंचाई)                      1.20

हाई टेंशन श्रेणी 

11 केवी                       6.25

33 केवी                     6.25

132 केवी                   6.25

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