एलीट वर्ग के चुंबन लेने पर बुराई नहीं तो आदिवासियों के चुंबन पर बवाल क्यों - साइमन

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 12/20/2017 - 10:31

 Dumka : झारखंड की राजनीति में इन दिनों पाकुड़ में आयोजित चुंबन प्रतियोगिता काफी गरमायी हुई है. सड़क से लेकर सदन तक इसपर बवाल हो चुका है. वहीं चुंबन प्रतियोगिता के मामले में झामुमो नेता साइमन मरांडी सभी ओर से घिर चुके हैं क्योंकि वह य़िस प्रतियोगिता के दौरान वहां मौजूद थे. हालांकि पार्टी अध्यक्ष शिबू सोरेन के द्वारा मिले नोटिस का उन्होंने अब तक जवाब नहीं दिया है और वह अपने स्टैंड पर अब भी कायम हैं.

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चुंबन प्रतियोगिता पर हाय-तौबा क्यों मचा है - साइमन

सत्ता से लेकर अपनी पार्टी तक के सवालों में घिरे साइमन ने स्पष्ट कर दिया है कि चुंबन प्रतियोगिता को वह गलत नहीं मानते हैं.  साइमन ने मंगलवार को इस विषय पर पत्रकारों से बातचीत करके यह कहा कि जब समाज का एलीट वर्ग किस एक्सचेंज कर सकता है और एक –दूसरे की पत्नियों को चुंबन तक लेता है. यदि इसमें कोई बुराई नहीं है तो आदिवासी समाज के लोग अपनी पत्नी को चुंबन लेते हैं तो इसपर इतना बवाल क्यों किया जाता है. हर ओर इसपर हाय-तौबा मचा हुआ है.

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इसके साथ ही साइमन ने स्पष्ट किया कि पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा के डुमरिया गांव में जो चुंबन प्रतियोगिता करायी गयी थी, उसमें हिस्सा लेने वाले सभी आदिवासी अपनी पत्नी को ही चुंबन कर रहे थे. तो इसमें गलत क्या है और मैं भी इसे गलत नहीं मानता हूं. लेकिन यह सिर्फ कुछ खास लोगों को ही नागवार गुजर रहा है. सके साथ ही साइमन ने स्पष्ट किया कि पार्टी के नोटिस का भी वह जलवाब देंगे.               

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