साहिबगंज महाविद्यालय के आधारस्तंभ रहे गौरी शंकर शुक्ला और नरेश कुमार सिन्हा का निधन

Publisher ADMIN DatePublished Sun, 04/22/2018 - 16:47

Sahibganj : साहिबगंज महाविद्यालय परिवार ने एक साथ महाविद्यालय के आधारस्तंभ रहे भौतिकीविद डॉ गौरी शंकर शुक्ला और वनस्पति विज्ञान के प्रध्यापक नरेश कुमार सिन्हा को खोया है. 21 अप्रैल को इलाज के दौरान दिल्ली में गौरीशंकर शुक्ला की मौत हो गई वहीं नरेश कुमार सिन्हा का भी देहांत 21 अप्रैल शनिवार को ही दिल्ली में हो गई, वे कैंसर से पीड़ित थे.

साहिबगंज महाविद्यालय परिवार डॉ गौरी शंकर शुक्ला व नरेश कुमार सिन्हा की मृत्यु से शोक में डूबा गया है. साहिबगंज ही नहीं पूरे अविभाजित झारखण्ड-बिहार के समय भागलपुर विवि में डॉ शुक्ला अपनी एक अलग पहचान रखते थे. साहिबगंज महाविद्यालय में उनका योगदान शैक्षणिक के साथ आधारभूत संरचना में भी अहम था. आज साहिबगंज महाविद्यालय के विज्ञान भवन की कल्पना उनकी ही देन है. उन्होंने स्वयं भवन का नक्शा तैयार कर खड़े होकर बनवाया था. साथ ही और कई कार्य उनकी याद दिलाता है. डॉ शुक्ला एक कुशल शिक्षक,  मार्गदर्शक, मिलनसार थे, जिस कारण शिक्षकों और छात्रों में लोकप्रिय थे.

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सिंडिकेट सदस्य रंजीत कुमार सिंह ने कहा- डॉ शुक्ला का निधन अपूर्णीय क्षति है

रंजीत कुमार सिंह सिंडिकेट सदस्य ने जानकारी देते हुए बताया कि वे भी उनके शिष्य रहे हैं. वे जल्द कभी गुस्सा नहीं होते थे. पढ़ाई के समय कक्षा में पढ़ाने के समय घंटी का ध्यान रहता था. भौतिकी विज्ञान के जानेमाने शिक्षक के निधन से हमें व्यक्तिगत रूप से बहुत बड़ी क्षति हुई है. हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि उनके आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार के सदस्यों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें. डॉ शुक्ला का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव गोरखपुर में किया गया.

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नरेश कुमार सिन्हा का अंतिम संस्कार दिल्ली कर दिया गया

वहीं डॉ नरेश कुमार सिन्हा का अंतिम संस्कार दिल्ली में कर दिया गया. डॉ नरेश कुमार सिन्हा का पैतृक गांव बिहार शरीफ में है. डॉ नरेश कुमार 2010 में साहिबगंज महाविद्यालय से सेवा निवृत्त होकर अपने पुत्र चंदन के साथ दिल्ली में रह रहे थे. साहिबगंज महाविद्यालय के शिक्षक कर्मी छात्रों में शोक की लहर दौड़ गई है. सभी मर्माहत हैं.

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