घाघरा: तुसगांव जनता दरबार में छलका ग्रामीणों का गुस्सा, अपने गांवों में नेताओं के प्रवेश पर लगायी रोक

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 01/18/2018 - 12:33

Gumla: प्रशासन द्वारा घाघरा के तुसगांव में लगाये गये जनता दरबार में, उपस्थित लोगों का सरकार के प्रति आक्रोश साफ दिखा. सरकार के प्रति अपना आक्रोश दिखाते हुए उपस्थित लोगों ने कहा कि अब वे अपने गांव में सांसदों और विधायकों के घुसने नहीं देंगे. दरअस्ल ये ग्रामीण अपने गांव में हो रहे विकास कार्यों और जनोपयोगी योजनाओं की अनदेखी किये जाने से आक्रोशित हैं. ग्रामीणों ने आगामी चुनावों में वोट बहिष्कार का भी आह्वान किया है. मामला घाघरा प्रखंड के दीरगांव व विमरला पंचायत के गांवों का है.

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 जानें क्या है पूरा मामला

जिला प्रशासन द्वारा घाघरा के तुसगांव में जनता दरबार लगाया था. जनता दरबार में उपस्थित लोगों में अपने गांव का विकास न होने के कारण आक्रोश था. यहां उपस्थित ग्रामीण इतने आक्रोशित थे कि उन्होंने प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा कि पहले हमारे गांवों में सड़क, पुल पुलिया बनायें, पेयजल की व्यवस्था करें. इसके बाद ही इस क्षेत्र में वोट मांगने किसी भी नेता को भेजें. ग्रामीणों को कहना है कि आजादी के 70 साल हो गये झारखंड अलग राज्य बने भी 17 साल हो गये लेकिन विकास कार्य हमारे गांवों से कोसों दूर है. ऐसे में हम नेताओं का बहिष्कार करने को विवश हैं.

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बता दें कि क्षेत्र नक्सल प्रभावित है. यहां क्षेत्र में नक्सलियों का बोलबाला है. विकास कार्यों की बाट जोह रहे यहां के ग्रामीण जमीनी विकास कार्यों से भी दूर हैं. ऐसे में अब इन लोगों का सरकार से विश्वास उठने लगा है. उल्लेखनीय है कि जहां जनता दरबार लगाया गया था वहीं पास के ही दीवार पर नक्सली जिंदा बाद जैसे नारे लिखे हुए थे. हालांकि प्रशासन द्वारा लगाये गये जनता दरबार में लोगों को समझाने की कोशिश की गयी. डीसी श्रवण साय ने उन्हें विश्वास दिलाने की कोशिश की कि जल्द ही उनके गांवों के लिए पक्की सड़क बनायी जायेगी. पानी बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाये जायेंगे. इन गांवों का विकास प्राथमिकता के साथ किया जायेगा लेकिन इन आश्वासनों से ग्रामीणों के आक्रोश में कोई कमी नहीं देखी गयी.

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जनता दरबार में उपस्थित लोगों ने उपस्थित पदाधिकारियों को सुझाव देते हुए कहा कि सरकार कम से कम 50 प्रतिशत विकास करें बाकि शेष 50 प्रतिशत विकास कार्य हम जनता खुद मिल कर कर लेंगे. गौरतलब है कि घाघरा प्रखंड मुख्यालय से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित तुसगांव पर नक्सलियों का वर्चस्व है. इस क्षेत्र में विकास कार्य बंद है. बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं. सड़क निर्माण कार्य शुरू भी हुआ था लेकिन नक्सलियों ने बीच में ही काम बंद करा दिया. गुप्त सूत्रों के अनुसार नक्सलियों का यहां ऐसा वर्चस्व है कि वे यहां होनेवाले हर तरह की गतिविधियों की पूरी जानकारी रखते हैं.

जनता दरबार के दौरा एसपी अंशुमान कुमार, एएसपी सरोज कुमार, एसडीपीओ भूपेंद्र प्रसाद राउत अपने पूरे दल-बल के साथ यहां मौजूद थे.

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