तंबाकू नियंत्रण कानून का सख्ती से पालन के प्रति सरकार गंभीर, राज्य अधिकारियों की बैठक 21 को

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 05/17/2018 - 20:42

Ranchi : राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के क्रियान्वयन एवं सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम 2003 को झारखण्ड राज्य में सख्ती से लागू करने के लिए मुख्य सचिव, झारखण्ड सरकार की अध्यक्षता में गठित राज्य तम्बाकू नियंत्रण समन्वय समिति की बैठक 21 मई को आयोजित की गई है. बैठक का आयोजन मुख्य सचिव कार्यालय के सभागार, प्रोजेक्ट भवन में होगा. इस बैठक में अधिकांश विभागों के सचिव भाग लेंगे. इसमें मुख्य रूप से ग्रामीण पंचायती राज विकास, गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता, योजना एवं वित्त, कृषि पशुपालन एवं सहकारिता,  परिवहन,  सूचना एवं जनसम्पर्क, विधि, पर्यटन कला संस्कृति खेलकूद एवं कार्य, महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, नगर विकास एवं आवास, वाणिज्य कर विभाग, झारखण्ड के प्रधान सचिव, सचिव भाग लेंगे साथ ही अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध अनुसंधान विभाग, अभियान निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखण्ड, निदेशक प्रमुख (स्वास्थ्य सेवाएं) झारखण्ड, निदेशक खाद्य झारखण्ड, निदेशक, औषधि झारखण्ड, उपायुक्त (रांची एवं रामगढ़) झारखण्ड, राज्य नोडल पदाधिकारी आदि भाग लेंगे.

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इस बैठक में तम्बाकू नियंत्रण में विभिन्न विभागों के कार्य एवं दायित्व विशेषकर कोटपा, 2003 के प्रभावकारी अनुपालन में पुलिस की भूमिका, शैक्षणिक संस्थानों को तम्बाकू मुक्त बनाने में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की भूमिका, तम्बाकू के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करने में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की भूमिका, जिलों में तम्बाकू मुक्ति की स्थापना किये जाने, वैकल्पिक आजीविका में श्रम विभाग की भूमिका आदि विषयों पर चर्चा की जायेगी.

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अब तक 2 लाख का जुर्माना

ज्ञात हो कि कोटपा, 2003 के प्रभावकारी अनुपालन के तहत करीब 2 लाख अर्थदण्ड की वसूली की जा चुकी है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी सरकारी विद्यालयों एवं स्वास्थ्य उपकेन्द्रों में गैर धूम्रपान क्षेत्र के बोर्ड का प्रदर्शन किया गया है, साथ ही झारखण्ड के 1 लाख से भी अधिक स्कूली बच्चों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्कूल कार्यक्रम के माध्यम से तम्बाकू के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया है.

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भारत में हर साल 10 लाख लोगों की मौत तंबाकू सेवन से

प्रति वर्ष विश्व में 54 लाख एवं भारत में 9 से 10 लाख से भी अधिक व्यक्तियों की मौत तम्बाकू संबंधित बीमारियों के कारण होती है. झारखण्ड में 38.9 प्रतिशत व्यस्क लोग किसी ना किसी रूप में तम्बाकू का सेवन करते हैं, जो कि राष्ट्रीय औसत 28.6 प्रतिशत से काफी अधिक है, जो कि गंभीर चिन्ता का विषय है. भारत में लगभग 5500 युवा तम्बाकू के सेवन की शुरुआत करते हैं, जिसमें से आधे से भी अधिक की मौत असमय हो जायेगी. विश्व में मुख कैंसर के सर्वाधिक मामले भारत में है और उनमें से 90 प्रतिशत से अधिक का कारण तम्बाकू का सेवन है. भारत सरकार ने तम्बाकू के बढ़ते दुष्परिणाम को देखते हुए वर्ष 2007-08 में तम्बाकू नियंत्रण हेतु राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम की शुरुआत की है. झारखण्ड में इसकी शुरुआत वर्ष 2008-09 में की गई थी. झारखण्ड के सभी 24 जिलों में यह कार्यक्रम संचालित की जा रही है.

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