गुमला : तिहरे हत्याकांड की कार्रवाई के दौरान पुलिस पर हमला, तीन को टांगी से काटा, भागकर बचायी जान

Publisher NEWSWING DatePublished Tue, 12/19/2017 - 09:42

GUMLA : जिले के पालकोट थाना स्थित तपकारा खटगांव में रविवार को हुए तिहरे हत्याकांड में मां, पिता व बेटी की हत्या कर दी गया थी. इस हत्याकांड में शामिल आठ लोगों को पुलिस जब थाने ला रही थी तो ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला कर दिया. जिस वक्त पुलिस पर हमला हुआ, उस दौरान अंधेरा था और जब तक पुलिस टीम कुछ समझ पाती या संभल पाती उनपर हमला हो चुका था. इस हमले में झारखंड सैट टू के पांच जवान घायल हैं. वहीं घायल जवानों में तीन की हालत गंभीर है. इनके नाम हैं - वीरेंद्र नाथ, पवन वीर महतो व अरविंद साहू. तीनों जवानों का इलाज गुमला अस्पताल में इलाज चल रहा है. पुलिस पर हमला करने के बाद सभी हमलावर फरार हो गये हैं. साथ ही गांव के सभी घरों पर ताला लटका है. उस गांव में करीब 80 घर हैं.इस घटना के बाद सोमवार की सुबह डीसी श्रवण साय व एसपी अंशुमान कुमार उस गांव में पहुंचे थे , लेकिन सभी घरों में ताला लटका था. हालांकि कुछ लोग गांव में ही छुपे हुए थे , जिन्हें बुलाकर पूछताछ की गयी. 

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हमनें भागकर बचायी अपनी जान - जवान

दूसरी ओर घायल जवानों ने इस हमले के बारे में बताया कि रविवार की शाम पुलिस पदाधिकारी गांव से  गुमला लौट गये और गांव में करीब 40 जवानों को तैनात किया गया था. लेकिन उसी दौरान करीब 150 की संख्या में पारंपरिक हथियारों के साथ छुपकर बैठे ग्रामीणों ने हमला किया. इस हमले के बाद सभी जवान भागने लगे क्योंकि ग्रामीण काफी आक्रोशित थे और पारंपरिक हथियारों से लैस थे. लेकिन भागने के दौरान तीन जवानों को ग्रामीणों ने टांगी से काटा, जिससे उनकी हालत गंभीर है. साथ ही जवानों ने बताया कि भगाने के अलावा कोई चारा न था क्योंकि जान बचाने के लिए हमसब करीब एक किलोमीटर तक भागे, लेकिन उस दौरान पथराव भी किया जा रहा था और ग्रामीण छुपकर गुलेल से भी मार रहे थे. 

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तिहरे हत्याकांड में शामिल आठ लोग पुलिस हिरासत में

वहीं रविवार को हुए तिहरे हत्याकांड में शामिल होने के शक में पुलिस ने आठ लोगों को हिरासत में लिया है और इनमें  एक पुरुष व सात महिला हैं. सभी को थाना में रखकर पूछताछ की जा रही है. इसमें महिला मंडल की अध्यक्ष शांति देवी, जमुना देवी, सुधीर केरकेट्टा के अलावा अनव्य लोग शामिल हैं.

 कई केवट परिवारों ने डर से गांव छोड़ा

 दरअसल गांव के केवट जाति के एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या रविवार को की गयी.वहीं इस गांव में 20 परिवार केवट हैं. अब बाकी सभी केवट परिवार डर के साये में जी रहे हैं और उन्हें दिन–रात अपनी जान का खतरा लगा रहता है. इसी डर से कई केवट परिवारों ने गांव छोड़ दिय़ा और कई परिवार छोड़ने की तैयारी में हैं.

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उल्लेखनीय है कि बीते 25 नवंबर को मोतीलाल की साली फूलमनी कुमारी के अपहरण के मामले को लेकर नंदलाल केरकेट्टा को पकड़कर पुलिस थाने लायी थी. लेकिन नंदलाल थाना से भाग गया और कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली. इस घटना के बाद नंदलाल के परिवार वालों ने पालकोट पुलिस और मोतीलाल केवट के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. वहीं कार्रवाई नहीं होने की वजह से नंदलाल के परिवार वाले और साथ ही ग्रामीण काफी उग्र थे. जिसका नतीजा हुआ कि    ग्रामीणों ने तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिया और कार्रवाई कर रही पुलिस पर भी हमला कर दिया.

 

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