हजारीबागः विधायक मनीष जायसवाल व गणेश गंझू ने किया था अवैध कोल डंप का उद्घाटन !

Publisher NEWSWING DatePublished Mon, 01/22/2018 - 10:48

- डीसी के आदेश पर कटकमसांडी कोल डंप यार्ड में जमा कोयले को किया गया सीज, होगी नीलामी

Hazaribag: हजारीबाग के उपायुक्त रविशंकर शुक्ला ने जिला खनन पदाधिकारी को कटकमसांडी रेलवे स्टेशन के सामने रखे करीब एक लाख टन कोयले को जब्त करने और उसे वहां से हटाने के लिए नीलामी करने का आदेश दिया है.  उल्लेखनीय है कि पिछले माह ही हजारीबाग के सदर विधायक मनीष जायसवाल और सिमरिया के विधायक गणेश गंझू ने इस कोल डंप का उदघाटन किया था. एेसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या दोनोंं विधायक ने अवैध कोल डंप का उद्घाटन किया था.  

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प्रक्रिया पूरी किए बगैर और पर्यावरण व परिवहन की स्वीकृति लिए बिना  02 दिसंबर 2017 से कोल डंप-लोडिंग यार्ड के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था. डंपिग-लोडिंग यार्ड चालू होने का ग्रामीणों ने भी पुरजोर विरोध किया था. सांसद प्रतिनिधि राजेन्द्र प्रसाद राजा ने इससे होने वाले प्रदूषण, परेशानियों और इसके दुष्प्रभाव में आने वाली आबादी और गांवों की पूरी जानकारी देते हुए स्थानीय प्रशासन से लेकर प्रधानमंत्री, के अलावे भाजपा के नेताओं व कोयला मंत्रालय व रेल मंत्रालय से शिकायत की थी.

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बिरहोरों की विलुप्ति का कारण बन सकता है डंपिंग-लोडिंग यार्ड कई गांव हैं प्रभावित
शिकायत के बाद 12 दिसंबर को एसडीओ आदित्य रंजन ने कोल डंप स्थल की जांच की. वहां के स्थानीय लोगों ने उन्हें पूरी जानकारी दी. बताया कि कोल डंप-लोडिंग यार्ड  से उड़ने वाले डस्ट से  कुछ मीटर के  बगल में 40-50 बिरहोर परिवारों का बसेरा विलुप्त हो जायेगा. इसके अलावा रेलवे स्टेशन, बिरहोर टंडा, बसंतपुर, मालीआम, नैनदोहर, पातुरियाबार जैसी घनी आबादी वाले गांव के बीच मे आंगनबाड़ी केंद्र, तीन प्राथमिक विद्यालय के बच्चे भी प्रभावित हो रहे हैं.  किलोमीटर की परिधि में उलांज, हेसाकुदर, कटकमसांडी बस्ती, खरिका, उरीदिरी, गरडुआ, पुंडबुरु, हटकॉन आदि गांव के लोग भी डस्ट के दुष्परिणामों से प्रभावित होंगे. 

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एसडीओ आदित्य रंजन ने काम बंद कर सीओ-बीडीओ से मांगी थी रिपोर्ट
एसडीओ आदित्य रंजन जांच बड़कागांव एनटीपीसी परियोजना से कोयला लेकर डंप कर रही डीबीपीएल, वेदांता, जीवीके और रुद्रा कंस्ट्रक्शन पर बिरहोर बस्ती के सामने कोयला जमा करने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया और सीओ से बिरहोर और डिमार्केशन एरिया की मापी कर रिपोर्ट मांगी. इसके अलावे बिरहोरों की पारिवारिक स्थिति बीडीओ से लेते हुए बिरहोरों की बेहतरी के लिए सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ देने का निर्देश दिया था.


भाजपा के विधायकों मनीष जायसवाल-गणेश गंझू पर उठ रहे सवाल

कटकमसांडी रेलवे स्टेशन के सामने दो दिसंबर 2017 को बड़े धूमधाम से कोल डंपिंग-लोडिंग यार्ड (नियम-शर्तों को पूरा किए और लोगों को दिक्कतों की चिंता किए बगैर) का उद्धघाटन हजारीबाग सदर भाजपा विधायक मनीष जायसवाल और सिमरिया विधायक गणेश गंझू ने किया था. उस समय दोनों विधायकों के अलावे उनके समर्थकों ने बड़े जोर-शोर से यह प्रचारित किया था कि कोल डंप-लोडिंग यार्ड से क्षेत्र का विकास और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा. कोल डंप-लोडिंग यार्ड चालू होने के बाद दोनों विधायकों के दावे खोखले साबित हुए.

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जो सवाल उठ रहे हैं

- दोनों विधायकों ने क्षेत्र के विकास और रोजगार के नाम पर कहीं अपनी निजी और आर्थिक हितों की पूर्ति के लिए  कटकमसांडी डंपिंग-लोडिंग यार्ड का उद्धघाटन तो नहीं कर दिया.

- बिना पर्यावरण व परिवहन विभाग के नियम-शर्तों को पूरा किए वगैर कोल डंप-यार्ड उद्धघाटन करने की आवश्यकता क्यों पड़ी ?

- क्या दोनों विधायकों को कोल डंप-लोडिंग चालू करने के लिए तय अहर्ता को पूरा नहीं किए जाने की जानकारी नहीं थी या जानबूझ कर अहर्ता पूरी किए वगैर डंपिंग-लोडिंग यार्ड का उद्धघाटन कर दिया ?

- स्थानीय विधायक मनीष जायसवाल और सीमावर्ती इलाके से लगते सिमरिया विधायक गणेश गंझू ने इस बात को क्यों दरकिनार कर दिया कि इस कोल डंप से गिनती के लोगों को लाभ के शर्त पर नियम-कानून की धज्जियां उड़ा कर हजारों लोगों को इसके दुष्परिणाम का शिकार होना पड़ेगा. 

- क्या कोल ट्रांसपोर्टर दोनों विधायक व कायदे-कानून पर भारी पड़ रहे हैं.