अपनी डाइट में शामिल करें ये 5 फूड, रहे माइग्रेन के दर्द से दूर

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 02/14/2018 - 12:59

Ranchi : माइग्रेन आज युवाओं में बढ़ती एक आम समस्या है. एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में माइग्रेन ने लगभग तीन चौथाई लोगों को जकड़ रखा है. इसमें सबसे ज्यादा युवा वर्ग प्रभावित है. सामान्य सिरदर्द के मुकाबले माइग्रेन से होने वाला सिरदर्द असहनीय होता है. हालांकि, असहनीय सिरदर्द सिर्फ माइग्रेन में ही नहीं, बल्कि ट्यूमर, मेनिनजाइटिस आदि बीमारियों में भी हो सकती है. इससे पहले देर हो, डॉक्टर से जरूर संपर्क करें. माइग्रेन का दर्द काफी बेचैनी पैदा कर सकता है "माइग्रेन सिर के एक तरफ होने वाला दर्द है. कभी-कभी तो अटैक के समय दर्द की जगह भी बदल जाती है. कुछ लोगों को यह दर्द सिर के बीचोंबीच होता है, तो कुछ लोगों को सिर के दोनों तरफ. यदि इस दर्द से राहत पाना चाहते हैं, तो प्रतिदिन 14 से 16 गिलास पानी पिये. अपने भोजन में सलाद, हरी सब्जियों को पर्याप्त मात्रा में शामिल करें. फल खूब खाएं. खासकर गाजर खूब खाएं. यदि माइग्रेन के दर्द से परेशान रहते हैं, तो हर दिन ठंडे पानी से सिर जरूर धोएं. रात में सोने से पहले नाक में बादाम का तेल डालें और खाने में शामिल करें खाद्य पदार्थों........ 

 

मछली : माइग्रेन से बचने के लिए मछली का सेवन फायदेमंद होता है. फैटी फिश ओमेगा-3 फैटी एसिड का एक बहुत अच्छा स्रोत है. यह सिर में सूजन और दर्द में काफी हद तक राहत प्रदान करती है. सूजन को कम करने के अलावा, मछली का तेल ब्लड क्लॉटिंग, रक्त दबाव और माइग्रेन अटैक के अन्य लक्षणों को कम करने में सहायक होता है. सैल्मन, ट्राउट और हेरिंग मछली इसके बेहतरीन स्रोत हैं.

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मछली

नट्स : माइग्रेन का दर्द सताए, तो नट्स खाएं. इनमें मैग्नीशियम अधिक मात्रा में पाया जाता है, जो हमारे शरीर में रक्त परिसंचरण को बढ़ाने में सहायता करते हैं. मैग्नीशियम से समृद्ध पदार्थ, जैसे- सेम, नट्स, साबुत अनाज और इनसे बने ब्रेड दर्द कम करने वाले हार्मोन को छोड़ता है, जिससे माइग्रेन के दर्द से बहुत राहत मिलती है.

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नट्स

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अलसी के बीज : अगर आप शाकाहारी हैं, तो अलसी के बीज का सेवन कर सकते हैं. इसमें भी ओमेगा 3 फैटी एसिड और फाइबर पाया जाता है.

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अलसी के बीज



साबुत अनाज : बाजरे में फाइबर, एंटीऑक्‍सीडेंट और मिनरल पाए जाते हैं. तो ऐसे में माइग्रेन का दर्द होने पर साबुत अनाज से बने भोजन का जरूर सेवन करें.

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साबुत अनाज

दही : मस्तिष्क ठीक तरह से काम करे, इसके लिए शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम की आवश्यकता होती है. कैल्शियम की कमी से भी माइग्रेन की समस्या हो सकती है. रोजाना एक कटोरी दही खाने से माइग्रेन के दर्द को दबाया जा सकता है.

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दही



पानी : संपूर्ण स्वास्थ्य और शरीर के अंगों को सुचारू रूप से कार्य करने के लिए जल एक महत्वपूर्ण तत्व है. निर्जलीकरण होने पर, जब हमारे शरीर से पानी बाहर निकल जाता है, तो इस स्थिति में भी सिरदर्द और माइग्रेन होता है. उचित मात्रा में पानी पीने से माइग्रेन के दर्द को नियंत्रित किया जा सकता है.

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पानी


विशेषज्ञ बताते है कि माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है. इसमें रह-रहकर सिर में चुभन भरा दर्द होता है, जो कुछ घंटों से लेकर तीन दिन तक रहता है. इसमें सिरदर्द के साथ-साथ गैसि्ट्रक, उल्टी जैसी समस्याएं होती हैं. साथ ही रोशनी व तेज आवाज से परेशानी महसूस होती है.

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