इंदिरा आवास : कागजों में बने मकान, अधिकारियों-बिचौलियों की मिलीभगत से राशि का घालमेल

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 05/10/2018 - 19:44

Garhwa : भवनाथपुर प्रखंड के सिन्दुरिया पंचायत में बिना इंदिरा आवास बनाये लाखों रूपये गबन कर लेने का मामला प्रकाश में आया है. यह मामला मुख्यमंत्री जन संवाद में आए मामले की जांच के दौरान प्रकाश में आया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार सत्र 2010-11 एवं 2014-15 के बीच गड़बड़ी करते हुए सिर्फ कागज पर ही सरकारी आवास बनाकर सरकारी राशि का बंदरबांट किया गया है. इसकी पुष्टि मुख्यमंत्री जनसंवाद में शिकायत के बाद प्रखंड कर्मियों के जांचोपरांत हुई.

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किस वित्तीय वर्ष में किसको आवंटित हुआ इंदिरा आवास ?

2010-11 में हेमंती देवी, पति अयोध्या राम, बधाई खरवार पिता हरि खरवार, फूलन देवी पति जीतन सह, संगीता देवी पति श्यामलाल पासवान.

2011 -12 में शिव कुमार उरांव पिता रामनंदन उरांव, जवाहर राम पिता जगन दुसाध.

2012-13 में फुलमतिया देवी, कबूतरी देवी, मुन्नी देवी.

2013-14 में शांति देवी, शिव देवी, मनमती कुंवर, विमला कुंवर, सोनिया देवी, ललती देवी, अनारवा देवी. 2014-15 में लालो देवी, सुशीला देवी, ललिता देवी.

2015-16 में प्रमीला देवी, आशा देवी, रुकमणी देवी आदि को इंदिरा आवास आवंटित हुआ था.

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नहीं बना आवास, अधिकारियों ने राशि में किया घालमेल

गौरतलब है कि आवास निर्माण के लिए उक्त सभी लाभुकों को प्रथम किस्त की राशि मिली थी. लेकिन एक भी लाभुक ने आवास नहीं बनाया तथा तत्कालीन मुखिया, पंचायत सेवक बीडीओ की मिलीभगत से बिना आवास बनाए कागज पर ही पूर्ण दिखाकर लाभुकों को राशि देकर आपस में बंदरबांट कर लिया.

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