कर्नाटक में बहुमत पर फंसा पेंच, रुझानों में आगे रहकर भी बीजेपी बहुमत से पीछे, कांग्रेस ने जेडीएस को दिया सीएम पद का ऑफर

Publisher NEWSWING DatePublished Tue, 05/15/2018 - 15:08

Bangalore : कर्नाटन विधानसभा के चुनाव परिणाम पर देश भर के लोग नजर जमाए हैं.  एक के बाद एक करके आ रहे रुझानों के अनुसार बीजेपी लीड कर रही है, जिससे बीजेपी के खेमे में खुशी का माहौल बन गया है, वहीं कांग्रेस के खेमे में भी किसी भी हालत में सरकार बनाने को लेकर रणनीतियों का दौर तेज है. लेकिन दोपहर होते ही बहुमत का पेच फंस फंस गया क्योंकि पहले के रुझानों में बहुमत के 112 सीटों को पार कर चुकी बीजेपी 106 सीटों पर ही आगे चल रही है यानि बहुमत से 6 सीटें पीछे चल रही है, वहीं रुझानों में 74 सीटों पर आगे चल रही कांग्रेस भी सरकार बनाने का फार्मूला निकालने में सक्रिय हो गई है. कांग्रेस ने बीजेपी को सत्ता से दूर रखने के लिए डेजीएस को सीएम की कुर्सी का ऑफर भी दे डाला है.

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बहुमत का रथ फंसने पर समर्थन की सियासत
कर्नाटक में 222 सीटों के लिए हुए चुनाव में 106 पर आगे चल रही बीजेपी को 6 अन्य सीटों की जरूरत होगी. मौजूदा समीकरण के मुताबिक अगर कर्नाटक जनता पार्टी, बीएसपी और एक निर्दलीय का समर्थन उसे मिल जाता है, तब भी ये आंकड़ा 109 तक ही पहुंचेगा, यानि बहुमत से कम. ऐसे में बीजेपी के पास या तो जेडीएस से समर्थन प्राप्त करने का विकल्प होगा, या फिर बीजेपी जेडीएस और कांग्रेस के कुछ विधायकों को तोड़ने का दांव खेल सकती है. ऐसे में उन सीटों पर फिर चुनाव होगा और जीत हासिल कर बहुमत हासिल किया जा सकेगा.

कांग्रेस ने जेडीएस को दिया सीएम पद का प्रस्ताव
बीजेपी के विजय रथ को अटकता देख कांग्रेस ने अपने दांव चलने की गति बढ़ा दी है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने जेडीएस से संपर्क कर अभी से ही आंकड़ों के गणित को अपने पक्ष में करने की कोशिश शुरू कर दी है, क्योंकि जेडीएस भी करीब 39 सीटें हासिल करता दिख रहा है. कांग्रेस को यह यकीन है कि सीएम पद की पेशकश से जेडीएस का समर्थन हासिल किया जा सकता है और जादुई आंकड़े जुटाए जा सकते हैं.

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शुरुआती उत्साह दोपहर तक पड़ने लगा फीका
शुरुआत तो अच्छी हुई, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही मामला फंसने लगा. बहुमत दिखाई दे रहा है, लेकिन कुछ दूर है. लिहाजा दोनों दल प्रो एक्टिव मोड में नजर आ रहे हैं, यानि परिणाम सामने आने से पहले ही समर्थन की सियासत शुरू हो चुकी है. रुझानों को देखकर बीजेपी जहां कॉन्फिडेंट है, वहीं कांग्रेस भी आशान्वित ही दिख रही है. इनमें से एक दल के हाथ ही सत्ता हासिल करने में सफल होंगे, बस तस्वीर कुछ और साफ होने का इंतजार दोनों बड़े दलों को है.

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