खूंटी : न्‍यूज विंग की खबर का असर : बुधवार को ग्रामसभा ने बच्‍चों को स्‍कूल न भेजने का लिया था निर्णय, बुधवार की तिथि से ही हो गई एक पारा शिक्षक की प्रतिनियुक्‍ति‍

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 04/12/2018 - 16:02

Khunti : बुधवार को सरजमा ग्रामसभा ने शिक्षकों की कमी और प्रशासन के उदासीन रवैये के कारण अपने बच्‍चों को स्‍कूल न भेजने का निर्णय लिया था. जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और बुधवार दिनांक 11 अप्रैल की तिथि से ही उत्‍क्रमित मध्‍य विद्यालय सरजमा में एक पारा शिक्षक की प्रतिनियुक्ति कर दी. उत्‍क्रमित मध्‍य विद्यालय सरजमा में कुल 86 बच्‍चे अध्‍ययनरत हैं. 86 बच्‍चों पर एक शिक्षक की प्रतिनियुक्ति के बाद अब दो शिक्षक हैं. अब भी स्‍कूल में शिक्षकों की कमी है. मामले में बुधवार को डीसी सूरज कुमार ने पूछने पर शिक्षकों की नियुक्ति का आश्वासन दिया था, जिसके बाद बैक डेट से ही एक पारा शिक्षक की प्रतिनियुक्ति की गई.

न्‍यूज विंग में खबर प्रकाशित होने के बाद जिला शिक्षा अधीक्षक खूंटी ने उत्‍क्रमित प्राथमिक विद्यालय लामलूम के पारा शिक्ष‍क रंगी राम तजना को पत्र निर्गत कर पत्र निर्गत की तिथि से उत्‍क्रमित मध्‍य विद्यालय सरजमा में अगले आदेश तक के लिए प्रतिनियोजित किया है. रंगी राम तजना के मानदेय का भुगतान उनके पदस्‍थापि‍त विद्यालय के स्‍वीकृत पद के विरुद्ध प्रतिनियोजित विद्यालय द्वारा निर्गत उपस्‍थ‍िति विवरण के आधार पर किया जायेगा. उक्‍त पत्र से उत्‍क्रमित प्राथमिक विद्यालय लामलूम, उत्‍क्रमित मध्‍य विद्यालय सरजमा और ग्रामसभा मारंगहादा को अवगत कराया गया है. शिक्षक की प्रतिनियुक्ति दिनांक 11 अप्रैल 2018 के तिथि से की गई है.

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शिक्षकों की कमी को लेकर ग्रामसभा कई बार विभाग को लिख चुका है पत्र

ग्रामसभा के द्वारा 2014 से ही जिला शिक्षा पदाधिकारी को शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर पत्र लिखा जा रहा है, लेकिन अभी तक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई है. सितंबर 2017 में ग्रामसभा ने उपायुक्त खूंटी को वर्गवार एवं विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति के लिए लिखा था, लेकिन आज तक न ही डीसी और न ही जिला शिक्षा पदाधिकारी ने इस ओर ध्यान दिया.

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ग्रामसभा ने मजबूरी में विद्यालय बंद करने का लिया था फैसला

विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर ग्रामसभा ने तय किया था कि अब वे प्रशासन को और आवेदन नहीं देंगे. अगर गांव के विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जाती है तो मजबूरी में ग्रामीण अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर देंगे.

ग्रामीणों की मांग, ट्राईबल सब प्लान का पैसा ग्रामसभा को मिले

सरजोमा के ग्रामीणों का कहना है कि अगर सरकार शिक्षकों की नियुक्ति नहीं कर पा रही है तो ट्राईबल सब प्लान (टीएसपी) की राशि को सीधे ग्रामसभा में भेज दे,  वे टीएसपी की राशि से स्वयं ही शिक्षकों की नियुक्ति कर लेंगे. 

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