गढ़वा एसपी पर कार्रवाई की मांग को लेकर राज्यभर के वकीलों ने की हड़ताल, कहा – बंद हो मनमानी  

Publisher NEWSWING DatePublished Fri, 05/04/2018 - 10:35

Ranchi  :  गढ़वा और धनबाद में वकीलों के साथ किये गये मारपीट के विरोध में शुक्रवार को राज्य भर के वकील हड़ताल पर हैं. हाई कोर्ट समेत जिला व अनुमंडल की अदालतों में काम काज बंद हो गया है. मालूम हो कि गढ़वा के एसपी ने वहां के वकील आशीष कुमार  के साथ मारपीट की थी. वह रिम्स में भरती हैं. वकील आशीष कुमार वही अधिवक्ता हैं, जिन्होंने सीएम रघुवर दास के खिलाफ मानहानि का परिवाद दायर किया था.  इसके अलावा धनबाद में एक वकील को रात  के दो बजे उसके घर से पुलिस ने गिरफ्तार किया . इस क्रम में उनके घर का ग्रील तक गैस कटर से काटा गया. इस घटना के विरोध में धनबाद बार एसोसिएशन के सदस्‍य ने बे‍मियादी हड़ताल की थी. अब गढ़वा और धनबाद की उपरोक्त दोनों घटनाओं के बाद से वकील एकजुट हैं और उन्होंने हड़ताल किया है.

इसे भी पढ़ें - सीएम के खिलाफ परिवाद की कोर्ट में पैरवी करने वाले वकील को गढ़वा एसपी ने बुरी तरह पीटा, रिम्स में भर्ती

गौरतलब है कि गढ़वा व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ता आशीष कुमार दुबे ने गढ़वा एसपी मोहम्मद अर्शी पर मारपीट करने का आरोप लगाया है. उन्होंने न्यूज़ विंग से बात करते हुए कहा था कि 30 अप्रैल की शाम साढ़े आठ बजे वे अपने घर चिनिया रोडसहेजना जा रहे थे. घर जाने के क्रम में रंका मोड़ के पास सड़क जाम थी. अधिवक्ता आशीष अपनी गाड़ी खड़ी कर जाम हटने का इंतजार कर रहे थे. इस दौरान गढ़वा के एसपी मोहम्मद अर्शी अपने अंगरक्षक गोरेलाल के साथ रंका मोड़ पहुंचे. यहां एसपी के अंगरक्षक गोरेलाल ने अधिवक्ता का मोबाईल फोन छीन लिया. उन्हें गाली-गलौज देते हुए सड़क पर ही मारपीट की गई.

सड़क से उठाकर सदर थाना में भी की गयी मारपीट

अधिवक्ता आशीष दुबे ने कहा कि रंका मोड़ पर मारपीट करने के बाद एसपी और उनके अंगरक्षक उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाकर सदर थाना गढ़वा ले गए. वहां उनका नाम पूछा और बाद में लात-घूंसेलाठी व थप्पड़ से बुरी तरह मारा-पीटा. एसपी ने अपने अंगरक्षकों के साथ 30 अप्रैल की रात हाजत में भी मारपीट की.

इसे भी पढ़ें - 9 सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया खूंटी का दौरा, कहा, " पत्थलगड़ी असंवैधानिक नहीं "

अधिवक्ता से पीआर बांड भरवा कर छोड़ा गया

अधिवक्ता आशीष कुमार दुबे ने न्यूज विंग को बताया था कि गढ़वा एसपी जबरदस्ती मुझसे पीआर बांड में लिखने के लिए दबाव बना रहे थे कि मैंने सोशल मीडिया पर जातिसूचक और दंगा भड़काने की बात लिखी है. ये लिखने से इनकार करने पर एक बार फिर से एसपी ने मारपीट की. आखिरकार मुझसे रंका मोड़ पर फोटो खींचने के नाम पर फोन की जांच का उल्लेख करते हुए पीआर बांड भरवाकर छोड़ा गया.

कौन हैं अधिवक्ता आशीष कुमार ?

ंमिवन्िनव
आशीष कुमार दुबे

सदर प्रखंड के अंचल नावाडीह निवासी नवलेशधर दुबे ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में सीएम रघुवर दास के खिलाफ मानहानि का परिवाद दायर किया है. छह दिसंबर को बजट पूर्व संगोष्ठी हुई थी. इसमें सीएम ने कहा कि पलामूगढ़वालातेहार में बहुत बिचौलिये हैं. जाति के नाम पर लूटा कि हम ब्राह्मण हैं. अपनी जाति में शादी करता है. जातबेटी-रोटी इन सबको रोकने के लिए रघुवर दास की सरकार है. इस टिप्पणी के बाद ब्राह्मण समाज में जनाक्रोश पैदा हो गया. परिवाद पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि ऐसे अपमानजनक शब्द से ब्राह्मण जाति को ठेंस पहुंची है. परिवाद पत्र में धारा 500/294 अंकित किया गया है. इस केस के वकील आशीष कुमार दुबे हैं. वहीं दूसरा मामला चंदा देवी नामक एक महिला से जुड़ा हुआ है. महिला ने सब जज नईम अंसारी पर यौन शोषण का आरोप लगाया था. इसके बाद महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. जिसके बाद गढ़वा में आशीष कुमार दुबे ने महिला के पक्ष में न्याय मार्च निकाला था.

इसे भी पढ़ें - लालू से मिलने पहुंचे हेमंत, कहा- रिम्स लाने के पीछे सरकार की मंशा समझ से परे

सर्जरी आईसीयू में चल रहा है इलाज

अधिवक्ता आशीष कुमार दुबे को एक मई की रात 11:30 बजे रिम्स के इमरजेंसी में लाया गया था. जहां चिकित्सकों ने जांच करने के बाद उन्हें सर्जरी के आईसीयू में एडमिट कर दिया है. अधिवक्ता के पांव,पेटपीठ और जांघ में गंभीर चोट के निशान हैं. वहीं उन्हें उल्टी और चक्कर की भी शिकायत है. उनका इलाज अभी रिम्स में चल रहा है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.