सुनिये माननीय, पूर्व विधायक आपके बारे में क्या कह रहे हैं...

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 01/20/2018 - 20:39

विधानसभा में जो कुछ हो रहा है, उस पर न्यूज  विंग ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी, पूर्व मंत्री समरेश सिंह, पूर्व मंत्री माधवलाल सिंह,  उमाकांत रजक, सुकुर रविदास, लक्ष्मण स्वर्णकार, गीताश्री उरांव समेत नौ पूर्व विधायकों से बात की. प्रस्तुत है बातचीत के अंश..

News Wing Team

झारखंड विधानसभा का बजट सत्र इस बार फिर हंगामे की भेंट चढ़ता दिख रहा है. सीएस-डीजीपी मामले पर न विपक्ष पीछे हटने को तैयार है और न सरकार, लिहाजा लगातार सदन बाधित हो रहा है. पक्ष-विपक्ष के अड़ियल रवैये के कारण इस बार भी विधानसभा से जनसरोकार के मुद्दे गायब हो गये हैं. सदन की कार्रवाई शुरू होते ही नोक-झोंक शुरू हो रही है और फिर सदन को स्थगित कर दिया जा रहा है. विपक्ष का साफ कहना है कि जबतक सीएस राजबाला वर्मा, डीजीपी डीके पांडेय और एडीजी अनुराग गुप्ता पर कार्रवाई नहीं होगी. सदन नहीं चलने दिया जायेगा. वहीं सरकार इन तीनों अधिकारियों के बचाव में कोई कसर नहीं छोड़ रही है. विधानसभा की वर्तमान स्थितियों पर पूर्व विधायक क्या कहते हैं. आइये जानते हैं. 

विधानसभा का ठप रहना सरकार के पतन का बन सकता है कारण : नामधारी

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष इन्दर सिंह नामधारी ने कहा है कि लगातार विधानसभा के ठप रहने से राज्य का भारी नुकसान हो रहा है. सबसे ज्यादा नुकसान सरकार को हो रहा है. सरकार अपना कीमती वक्त बर्बाद कर रही है. जनसरोकार के मुद्दे धरे के धरे रह जा रहे हैं. कहा कि सरकार की इस जिद से भारी नुकसान हो सकता है. यह पतन का कारण भी बन सकता है.  नामधारी ने कहा कि वर्तमान स्थिति में झारखंड सरकार को चाहिए कि वह सीएस, डीजीपी और एडीजी को हटा दे और साफ छवि वाले अफसरों की कमेटी बनाकर पहले मामले की जांच कराये. एक महीने में जांच कराकर दोषी होने पर अफसरों पर कार्रवाई कर और निर्दोष होने पर उनकी सेवा बहाल करे. उन्होंने कहा कि बकोरिया कांड में सीआईडी के पूर्व एडीजी एमवी राव का बयान कि डीजीपी डीके पांडेय ने फर्जी मुठभेड़ की जांच धीमी करने के लिए दबाव डाला था. इसलिए यह संदेह पैदा करता है. वहीं सीएस राजबाला वर्मा को 22 बार शोकाउज होने पर भी जवाब नहीं देना, कुछ तो दर्शाता है. ऐसे में सीएम को तत्काल एक्शन लेना चाहिए.

दागी अफसरों को जल्द हटाना चाहिए : समरेश सिंह

बोकारो से विधायक और पूर्व मंत्री समरेश सिंह ने कहा कि सदन में जिस तरह का आरोप चीफ सेकेटरी राजबाला वर्मा और डीजीपी डीके पांडेय पर लगा है, दोनों को जल्द हटाना चाहिए. उसके बाद विपक्ष की बातों पर ध्यान देना चाहिये. उन्होंने कहा कि सदन के नहीं चलने से राज्य की जनता को नुकसान हो रहा है, जिसके लिये पूरी तरह से सरकार जिम्मेवार है. सरकार की हठधर्मिता के कारण जनता के सवाल सदन तक नहीं पहुंच रहे हैं. बहुमत वाली सरकार के कुकृत्य से राज्य की जनता परेशान है. 

सरकार की हठधर्मिता के कारण बधित हो रहा सदन : उमाकांत रजक 

चंदनकियारी के पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री उमाकांत रजक ने कहा कि सरकार हमेशा विकास से जनता को भटकाने का काम करती रही है. सरकार को विपक्ष को साथ लेकर और समझा कर सदन चलाना चाहिए था, ताकि विधानसभा में राज्य की मुद्दे उठ सके. सदन के चलने से राज्य के अधिकारी जनता की समस्या को दूर करने का काम करते हैं. सदन सरकार की हठधर्मिता के कारण नहीं चल पा रहा है, जिससे राज्य को नुकसान हो रहा है. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार साढ़े तीन सालों में विकास का कोई काम नहीं कर सकी है, जिस कारण वह जनहित की बातों को सुनना भी नहीं चाहती है.

अधिकारियों के विरोध के नाम पर सदन बाधित करना उचित नही : सुकर रविदास

जनता दल पार्टी से 1977 में विधायक रहे सुकर रविदास ने कहा कि सरकार के अधिकारी सरकार के नियम-कानून के आधार पर काम करते हैं, जिसके परिणाम सरकार उन्हें पदोन्नति व कई तरह के मेडल देती है. अगर कार्रवाई को लेकर विरोधी पार्टियां विधानसभा में हंगामा करती है तो यह नियम के विपरीत है. कहा कि जनप्रतिनिधियों जनता चुनकर विधानसभा में विकास और काम करने के लिए भेजती है, इसलिये जनता के हित में काम करना चाहिए. सदन में अधिकारियों का विरोध करना उचित प्रतीत नहीं होता है. सरकार अधिकारियों का पूरा ध्यान रखती है. अधिकारियों के कामकाज का ध्यान रखती है. विपक्ष का आधार बेबुनियाद है. अगर कहीं भी मतभिन्नता है तो बैठ करके इनलोगों को विचार करना चाहिये.

ऐसा लगता है कि सरकार अफसरों के अधीन है : लक्ष्मण स्वर्णकार

गांडेय विधानसभा से 1977 और 1995 में विधायक रहे लक्ष्मण स्वर्णकार ने कहा कि सदन के बाधित रहने से नुकसान जनता को हो रहा है. आम जनता के सवाल विधानसभा में नहीं उठ पा रहे हैं. ये जो सारा विरोध हो रहा है उसके लिए मुख्य रूप से सरकार जिम्मेवार है. विधानसभा चलाने की जिम्मेवारी सरकार (सत्ता पक्ष) की होती है और सत्ता पक्ष की हठधर्मिता के कारण विधानसभा बार-बार स्थगित हो रहा है. ऐसा लगता है कि सरकार अफसरों के अधीन है. अफसर सरकार के अधीन नहीं है. यदि सरकार के अधीन अफसर रहता तो निश्चित रूप से सरकार को इतनी बड़ी क्षति नहीं होती. और सरकार ऐसे दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करती. 

राज्य की जनता का हो रहा है नुकसान : गीताश्री उरांव 

पूर्व विधायक और मंत्री गीताश्री उरांव ने कहा कि सदन के बाधित होने से राज्य की जनता को ही नुकसान हो रहा है. अगर सरकार सीएस और डीजीपी का बचाव करती है तो उसे विपक्ष के सवालों के लिए तैयार होकर सदन में आना चाहिए था. यह तो तय था कि विपक्ष इन सवालों को उठायेगा ही. सरकार जान बूझकर सदन को बाधित रखना चाह रही है, ताकि उसे जनता के सवालों का जवाब सदन में न देना पड़े. उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द त्वरित कार्रवाई करके दागी पदाधिकारियों को हटा देना चाहिए. कहा कि प्रमाण मिलने के बाद भी सरकार राजबाला का बचाव कर रही है. इससे बहुत ही गलत संदेश जा रहा है. उन्होंने कहा कि सबसे अहम सवाल ये उठता है कि समय से पहले ही सत्र क्यों बुला लिया गया. देश में सारे जगह फरवरी, मार्च के महीने में बजट सत्र बुलाया जाता है. ऐसी क्या जरुरत आ पड़ी की सरकार ने इतने पहले और इतने कम दिनों का सत्र बुला लिया.

भ्रष्ट अधिकारियों पर हो कार्रवाई, लेकिन सदन का बाधित करना गलत : देवकुमार धान

पूर्व विधायक देव कुमार धान ने कहा कि अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर विपक्ष सदन नहीं चलने दे रहा है, इससे निश्चित तौर पर आम जनता को ही नुकसान हो रहा है. उन्होंने कहा कि विधानसभा जनमुद्दों के लिए ही चलता है. विपक्ष जो भ्रष्टाचार से लिप्त अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है, वह भी बहुत हद तक सही है. भ्रष्ट अधिकारी अगर रहेंगे तो राज्य का भला कैसे हो सकता है. कहा कि सरकार को किसी हठधर्मिता में नहीं रहना चाहिये और राज्य के हित में फैसला लेना चाहिये. जिन अधिकारियों पर आरोप लगे हैं निश्चित रूप से सरकार को उनपर कार्रवाई करना चाहिये. इस मामले में विपक्ष का मांग सही है. दागी अधिकारी से राज्य का विकास संभव नहीं है, लेकिन विपक्ष जो पूर्ण रूप से सदन बाधित कर रही है, वह गलत है. बीच का रास्ता निकाल कर सदन को चलने देना चाहिए.

सरकार विपक्ष से बात करे और उचित कार्रवाई करे : माधवलाल सिंह 

पूर्व विधायक माधवलाल सिंह ने कहा कि चार दिनों से विधानसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल रही है. अशांति फैला हुआ है. सिर्फ तीन पदाधिकारियों के कारण. इनपर जो भी आरोप लगा है वो काफी निंदनीय है. जो आरोप सीएस पर लगा है उसी आरोप में लालू जी को सजा हुई है. उनके अलावा और 21 लोग जेल में बंद हैं. सरकार को इसे मूंछ की लड़ाई नहीं समझनी चाहिए. जनता का सारा काम ठप है. कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. जिसका संदेश भी राज्य में बहुत खराब जा रहा है. राज्य के साथ-साथ देश में भी संदेश खराब जा रहा है. तीन पदाधिकारियों की वजह से विधानसभा व्यवस्थित नहीं चल रहा है. मामले पर सरकार को तुरंत विपक्ष के साथ सहानुभूतिपूर्वक बात करनी चाहिए. विपक्ष की जो सही मांग है उसपर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि सदन की कार्यवाही चले और जनता का कम हो.

विधानसभा का नहीं चलना, सरकार या विपक्ष का नहीं बल्कि जनता का नुकसान : राजेंद्र सिंह मुंडा

सिल्ली विधानसभा से तीन बार विधायक रहे राजेंद्र सिंह मुंडा ने कहा कि हमारे समय में भी आरोप-प्रत्यारोप होते थे, भ्रष्टाचारियों की जमात उस समय भी थी, लेकिन निपटारे के लिए तुरंत सर्वदलीय जांच समिति बनायी जाती थी और सदन की कार्यवाही चलती रहती थी, लेकिन आज हम कह सकते हैं कि सरकार कुछ अधिकारियों और भ्रष्टाचारियों को बचाने काम कर रही है. अगर ऐसे में विपक्ष उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर सदन नहीं चलने देता है तो उसके लिए सिर्फ सरकार जिम्मेदार है. कहा कि अधिकारियों पर लगे आरोप बहुत गंभीर हैं और इसमें जांच कर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. जांच के लिए सरकार सर्वदलीय कमेटी बनाये और उसी के आधार पर कार्रवाई भी हो. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जनता के दुश्मन को संरक्षण दिया जा रहा है. विधानसभा का नहीं चलना, सरकार या विपक्ष का नहीं है बल्कि जनता का नुकसान हो रहा है.

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