कटकमसांडी साइडिंग पर कोयला में डस्ट मिलाकर भेज रहा है लोडर मुन्ना सिंह

Publisher NEWSWING DatePublished Mon, 04/23/2018 - 11:49

जीवीके और जिंदल के रायडीह प्लांट को हर माह भेजा जाता है 15 रैक कोयला

Ranchi: हजारीबाग स्थित कटकमसांडी रेलवे साइडिंग पर इन दिनों अच्छी क्वालिटी के कोयले में डस्ट (चारकोल) मिलाकर भेजने का खेल जारी है. इस काम को मुन्ना सिंह नाम का लोडर अंजाम दे रहा है. मुन्ना सिंह को स्थानीय विधायक का करीबी माना जाता है. इस कारण कोई कुछ नहीं बोल रहा. नियमों को नजरअंदाज कर जब कटकमसांडी, रेलवे साइडिंग को चालू किया गया था, तब उद्घाटन के वक्त विधायक के साथ मुन्ना सिंह भी खड़ा था.

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जानकारी के मुताबिक कटकमसांडी साइडिंग के जीवीके और जिंदल कंपनी की रायडीह प्लांट को हर माह करीब 15 रैक कोयला भेजा जाता है. एक रैक में 4000 टन कोयला भेजा जाता है. कटकमसांडी साइडिंग पर दोनों कंपनियों के लिए लोडर का काम मुन्ना सिंह देखता है.  जानकारी के मुताबिक लोडर के द्वारा हर रैक में करीब 1000 टन डस्ट (चारकोल) मिला दिया जाता है. और 1000 टन अच्छी क्वालिटी के कोयले को खुले बाजार में बेच दिया जाता है. अच्छी क्वालिटी के कोयला में चारकोल मिलाने का काम रेलवे साइडिंग पर ही किया जाता है. पिछले दिनों न्यूज विंग ने उन ट्रकों की तस्वीर को भी प्रकाशित किया था, जिसमें डस्ट लोड था और ट्रक साइडिंग में खड़ी थी. लेकिन प्रशासन ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की थी. 

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उल्लेखनीय है कि सरकार पावर कंपनियों को सब्सिडाइज्ड दर पर अच्छी क्वालिटी का कोयला उपलब्ध कराती है. ताकि बिजली का उत्पादन सही तरीके से हो सके. लेकिन सीसीएल, रेलवे, ट्रांसपोर्टर, लोडर और संबंधित पावर प्लांट कंपनी के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से अच्छी क्वालिटी के कोयले में डस्ट (चारकोल) मिला दिया जाता है. इस कारण पावर प्लांट कंपनियों को नुकसान होता है. लेकिन ट्रांसपोर्टर और लोडर को भारी मुनाफा होता है. क्योंकि वह हर रैक में से 1000 टन कोयला को निकाल कर से उंची कीमत पर खुले बाजार में बेच देता है. 

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