लोहरदगा का पेशरार : जहां कभी गूंजती थी गोलियों की तड़तड़ाहट, अब मुस्कुराती हैं वहां की वादियां

Submitted by NEWSWING on Sun, 12/31/2017 - 15:23

Amit Verma

Lohardaga :  कभी नक्‍सलियों का गढ़ माना जानेवाला पेशरार प्रखंड इन दिनों अपनी हसीन वादियों के लिए चर्चा में है. पेशरार की वादियां अब बदल रही हैं. राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास भी कई मौकों पर पेशरार की तारीफ कर चुके हैं. एक साल पहले सीएम रघुवर दास पहली बार पेशरार पहुंचे थे. आगामी 5 जनवरी को सीएम का दूसरा दौरा प्रस्तावित है. अति-नक्‍सल प्रभावित होने के कारण इस इलाके के मनमोहक प्राकृतिक नजारे कभी पर्यटकों के सामने नहीं आ सके थे. लेकिन पुलिस की सक्रियता के कारण इस इलाके से अब नक्‍स‍लियों का खौफ खत्म हो चुका है. ऐसे में सरकार पेशरार में पर्यटन के विकास की पहल कर रही है. नक्सलियों ने इस खूबसूरती को कभी बाहरी दुनिया से जुड़ने ही नहीं दिया था. आसपास के गांवों में बसे लोग भी दहशत और आतंक के साये में रहते थे. गोलियां की आवाज और बम के धमाके ही इस दुर्गम इलाके की वीरानी में हलचल पैदा करते थे.

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यहां से पलायन कर चुके हैं नक्सली

आज हालात अलग हैं. सुरक्षाबलों और पुलिस के नक्सलविरोधी अभियान के बाद अब नक्सली यहां से पलायन कर चुके हैं. इस इलाके से नक्सलियों के सफाये के बाद पेशरार प्रखंड के लावापानी, केकरांग जलप्रपात सैलानियों को खूब लुभा रहे हैं. यहां के नदी-पहाड़, झील व झरनों के सौंदर्य का नजदीक से आनंद लेने लोग काफी संख्या में पहुंचने लगे हैं. बदलते पर्यटक स्थलों की फिजां के बीच आतंक की शरणस्थली अब सेल्फी प्वांइट बन चुके हैं. जहां पहले गोलियों की तड़तड़ाहट की आवाज आती थी, अब वहां पर लोगों की खिलखिलाहट गूंज रही है.

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विकास के माध्यम से बदल रही नक्सली क्षेत्रों की तस्वीर

लोहरदगा के सांसद व केंद्रीय मंत्री सुदर्शन भगत और लोहरदगा विधायक सुखदेव भगत का कहना है कि पेशरार ही नहीं जिले के सभी ऐसे क्षेत्र जो नक्सली भय के कारण अब तक पर्यटकों से दूर थे, अब वहां विकास के माध्यम से तस्वीर बदल रही है. लोगों में पर्यटन के प्रति विश्वास जगा है. जिससे इन क्षेत्रों में बदलाव नजर आ रहा है. हमारा सारा ध्यान अब इन क्षेत्रों तक यातायात सुविधा को बेहतर बनाने और सड़क मार्ग को दुरुस्त करने में है. पेशरार के लिए भी पर्यटकों के लिए जल्द ही विशेष बस सेवा का शुभारंभ होगा.

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एसपी कार्तिक एस ने मॉनसून पेशरारके नाम से लिखी एक किताब

हाल ही में लोहरदगा के निवर्तमान एसपी कार्तिक एस ने मॉनसून पेशरारके नाम से एक किताब लिखी. इस पुस्तक में पेशरार की हसीन वादियों का जिक्र है. इस किताब के प्रकाशित होने के बाद लोगों का ध्यान यहां के खूबसूरत प्राकृतिक नजारों की ओर गया. सरकार भी अब पेशरार प्रखंड क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है. पिछले दिनों राज्य के पर्यटन सचिव राहुल शर्मा ने इस इलाके को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से कर्नाटक से कंसल्टेंट को बुलाकर उनके साथ इस क्षेत्र का भ्रमण किया. यहां पर्यटन की संभावना और इन स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की. पर्यटन सचिव के साथ जिले के उपायुक्त विनोद कुमार, तत्कालीन एसपी कार्तिक एस एवं डीएफओ भी इनके साथ थे. अधिकारियों के दल ने दुर्गम इलाके में घंटो पैदल भ्रमण किया. 

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दिख रहा सीएम के घोषणाओं का असर

पिछली जनगणना के मुताबिक 74 गांवों वाले पेशरार की कुल आबादी 31057 है. नक्सलियों के आतंक ने यहां आबतक न बिजली की रोशनी पहुंचने दी थी न विकास की. एक साल पहले झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपने पेशरार दौरे के क्रम में पेशरार के हर गांव में बिजली पहुंचाने की घोषणा की थी. अब इस घोषणा का असर दिख रहा है. तीन महीन पहले यहां बिजली पहुंच चुकी है, तो पूरे इलाके में सड़कों का निर्माण कार्य भी चल रहा है. पेशरार इलाके को प्रकृति ने बहुत सारी नेमतें दी है. यहां की सुंदरता को देख कर लोग मोहित हो जाते हैं. ऐसा लगता है मानो प्रकृति ने बड़े ही मनोयोग से इस इलाके को सजाया है. जबकि अन्य खूबसूरत नदी-नाले व पहाड़ भी बरबस अपनी ओर ध्यान खींचते हैं. लोहरदगा जिला मुख्यालय से लगभग 52 किमी की दूरी पर स्थित लावापानी जलप्रपात है. सात स्तरों पर पानी गिरने का अनुपम दृश्य यहां हर किसी को आकर्षित करता है. इसी तरह जिला मुख्यालय से 25 किमी की दूरी पर स्थित केकरांग झरना भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है.

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