लोहरदगा : नदी घाट सूखे, अंतिम संस्कार में हो रही परेशानी, क्रियाकर्म के लिए मिनरल वाटर ले जा रहे लोग

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 05/16/2018 - 20:30

Lohardaga : हिंदू धर्म संस्कृति के अनुसार मुखाग्नि देने वाले व्यक्ति को पहले नदी में स्नान करना पड़ता है. लोहरदगा जिले में एक विकट समस्या उत्पन्न हो गई है. यहां पर शंख और कोयल जैसी दो प्रमुख नदियों में पानी ही नहीं है. दूर-दूर तक सिर्फ रेत ही रेत नजर आ रही है. कोयल और शंख नदी के संगम स्थल भक्सो में पानी नहीं होने से शहरवासियों की चिंता बढ़ चुकी है. यहीं पर शहर का एक बड़ा मुक्तिधाम स्थित है. अभी स्थिति यह है कि लोग मजबूरी में यहां पर शव लेकर जा तो रहे हैं, पर अंतिम संस्कार के विभिन्न संस्कारों में पानी के इंतजाम के लिए उन्हें मिनरल वाटर ले जाना पड़ रहा है. यही नहीं दशकर्म घाट में पहुंचने वाले लोगों के लिए भी पानी नहीं मिल पा रहा. लोग प्यास से व्याकुल नजर आ रहे हैं.

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पानी के बिना अंतिम संस्कार की प्रक्रिया अधूरी : पुरोहित

इस मामले में पुरोहित भी कहते हैं कि नदी घाट में पानी का होना बेहद जरूरी है. इसके बिना अंतिम संस्कार की प्रक्रिया सही नहीं हो सकती है. गर्मी की स्थिति चिंतित करने वाली है. आने वाले समय में तो स्थिति और भी विकराल होगी. शहरी क्षेत्र के साथ-साथ उपनगरीय क्षेत्रों के ज्यादातर हैंडपंप सूख चुके हैं. लोगों को जहां पहले नदियों तालाबों और हैंडपंप से पानी मिल पाता था. अब तो सभी धीरे-धीरे साथ छोड़ने को हैं. 

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