खबरें अदालत की : लव जेहाद का अभियुक्त बरी, अदालत ने डालसा अध्यक्ष को पत्र लिखकर फर्जी सर्टिफिकेट बनानेवाले गिरोह पर कार्रवाई का किया आग्रह

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 05/17/2018 - 21:35

Ranchi : अपर न्यायायुक्त शिवपाल सिंह की अदालत ने लव जेहाद के एक मामले में नाबालिग को भगाकर ले जाने के आरोपी तौफिक आलम अंसारी को बरी कर दिया. लेकिन अदालत ने आरोपी की ओर से नाबालिग का फर्जी प्रमाण पत्र अदालत में प्रस्तुत करने पर डालसा के अध्यक्ष न्यायायुक्त नवनीत कुमार को पत्र लिखकर ऐसे गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है. साथ ही तौफीक से नाबालिग लड़की के जान-माल की रक्षा करने का आग्रह किया है. अदालत ने मामले में ओरमांझी थाना प्रभारी को पत्र लिखकर पीड़िता की सही जन्मतिथि की जांच करने का आदेश दिया. अदालत ने जांच की सुनवाई की अगली तिथि 23 मई तक करने का आदेश दिया है. अदालत में नाबालिग के पिता ने भी आवेदन देकर उसके जन्म तिथि के कागजातों की जांच कराने का आग्रह किया. मालूम हो अदालत में नाबालिग के जन्म तिथि से संबंधित तीन तिथियां दी हैजिसमें दो मार्च 200015 मई 1997 तथा दो मार्च 1997 है.

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नाबालिग फिलहाल महिला प्रोवेशन होम में रह रही

नाबालिग फिलहाल महिला प्रोवेशन होम में रह रही है. 5 अप्रैल को कोर्ट को पत्र लिखा था. जिसमें कहा गया है कि तौफिक महिला प्रोवेशन होम आता हैऔर वहां रही लड़की से मिलता है. गार्ड को गाली-गलौज करता है. साथ ही पत्र में तौफिक से महिला प्रोवेशन की अध्यक्ष को जान का खतरा का भी उल्लेख है. अध्यक्ष के पत्र को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने कार्रवाई की. आरोपी तौफिक महिला प्रोवेशन की अध्यक्ष पर 3 लाख रुपये घूस मांगने का आरोप भी लगाया है. साथ ही अपर न्यायायुक्त पर धमकाने का आरोप लगाया है. इस मामले में ओरमांझी के हुटूप गांव निवासी मगनू महतो ने अपनी बेटी के अपहरण करने का आरोप तौफिक अंसारी पर लगाते हुए 12 सितंबर 2016 को ओरमांझी थाने में कांड संख्या 135/16 के रूप में प्राथमिकी दर्ज कराई थी.

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नक्सली के डिस्चार्ज पीटिशन पर आंशिक बहस

एनआईए के विशेष न्यायाधीश नवनीत कुमार की अदालत में नक्सली प्रभु प्रसाद साहू के डिस्चार्ज पीटीशन पर गुरुवार को आंशिक बहस हुई. मामले में शुक्रवार को भी बहस होगी. इस मामले में अभियुक्तों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई गई थी. गौरतलब है कि 30 जुलाई 2017 को रांची के चुटिया में लेवी के पकड़े गये 25 लाख रुपये और 474 ग्राम सोने की बरामदगी मामले में बुरेदी नारायणप्रभु प्रसाद साहू व सत्य नारायण रेड्डी सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. जिसकी जांच एनआईए को सौंप दी गई थी.

विनय महतो हत्याकांड मामले में अधिवक्ता ने भरा जुर्माना

सफायर इंटरनेशनल स्कूल के छात्र विनय महतो हत्याकांड मामले में अपर न्यायायुक्त शिवपाल सिंह की अदालत में गुरुवार को सुनवाई हुई. इस मामले में अदालत में सरकारी अधिवक्ता ने एक हजार रुपए जुर्माने की राशि जमा कराई. मामले की अगली सुनवाई 21 मई को होगी. मालूम हो कि पिछली सुनवाई में सरकारी अधिवक्ता की ओर से मामले की सुनवाई विलंब करने पर अदालत ने नाराजगी प्रकट की थी और सरकारी अधिवक्ता पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया था. गौरतलब है कि 5 फरवरी 2016 को सफायर स्कूल परिसर में छात्र विनय महतो की हत्या कर दी गई थी. मामले में स्कूल की टीचर नाजिया और उसके पति आरिफ और उनके दो बच्चों को आरोपी बनाया गया था. बच्चों का मामला जुवेनाइल कोर्ट में चल रहा है.

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